ऐसे कैसे होगा पूर्ण टीकाकरण:2660 गर्भवतियों को लगा टीका, इंतजाम न होने से उत्साह कम

जालंधर5 महीने पहलेलेखक: प्रभमीत सिंह
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  • भ्रम के चलते गर्भवतियां टीके के लिए नहीं आ रहीं आगे, विभाग भी नहीं कर रहा जागरूक
  • सरकारी अस्पतालों में वैक्सीनेशन की उचित व्यवस्था नहीं

यह सुखद है कि सूबे में 98 लाख से अधिक लोगों का टीकाकरण हो चुका है, लेकिन बड़ी चिंता यह है कि गर्भवती महिलाओं में टीकाकरण की दर बहुत कम है, जबकि उन्हें टीका लगवाने की मंजूरी मिले 20 दिन से ज्यादा हो चुका है। सेहत विभाग के अनुसार अब तक महज 2660 गर्भवतियों का टीकाकरण हो चुका है। टीके के प्रति उत्साह इसलिए भी कम है क्योंकि कई गर्भवतियों में टीके के प्रति भ्रम है। वहीं, अस्पतालों में टीके के लिए इंतजाम भी नहीं है।

सिविल की गायनी विभाग की डॉक्टरों को वैक्सीन के बारे में जानकारी का अभाव है। गर्भवतियों को टीका लगाने के प्रति जागरूकता करने के प्रयास भी नहीं दिखते। एएनम और आशा वर्करों को भी गर्भवतियों को टीका लगाए जाने के बारे में सूचना नहीं है। ऐसे में भास्कर ने सिविल अस्पताल की सीनियर गायनाकोलॉजिस्ट, स्टेट टीकाकरण अफसर और वैक्सीनेशन इंचार्ज से जाना कि गर्भवती महिलाओं के लिए टीकाकरण क्यों और कब जरूरी है,

टीकाकरण में तेजी लाने के लिए विभाग स्पेशल कैंप लगा रहा है
कोविड नोडल ऑफिसर डॉ. राजेश भास्कर ने बताया कि अभी विभाग के पोर्टल मंे गर्भवतियों के टीकाकरण की कोई आॉफिशियल लॉगइन एंट्री नहीं है। जल्द ही लॉग इन एंट्री बन जाएगी। सूबे में सभी सेंटर पर वैक्सीनेशन जारी है। प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए स्पेशल कैंप लगाया जा रहा है। विभाग हर ब्लॉक स्तर जिले में जागरूकता कैंप भी लगा रहा है। आने वालि दिनों में टीकाकरण में तेजी आएगी। फिलहाल सूबे में अभी 2660 गर्भवतियों का टीकाकरण हो चुका है।

टीकाकरण से पहले वो सब कुछ जो गर्भवतियों के लिए जानना जरूरी है

Q. क्या कोरोना संक्रमित गर्भवती वैक्सीन लगवा सकती हैं?
-अगर गर्भावस्था के दौरान कोई महिला कोविड पॉजिटिव होती है तो उसे अपनी डिलीवरी के बाद कोरोनावायरस की टीकाकरण करवाना चाहिए।
Q. वैक्सीन का बुरा असर मां पर हो सकता है क्या?
-कोविड-19 वैक्सीन बाकी लोगों की तरह गर्भवतियों के लिए भी सुरक्षित है। इसका बच्चे पर कोई असर नहीं होता। हालांकि वैक्सीन के बाद दो दिन तक हल्का बुखार हो सकता है।
Q. गर्भवती महिलाओं के लिए वैक्सीन क्यों जरूरी है?
-अगर गर्भवती को माइल्ड कोरोना होता है तो उसका असर बच्चे पर हो सकता है।
Q. कोविड-19 से गर्भ में पल रहे बच्चे को क्या रिस्क हो सकता है।
-बच्चे की समय से पहले डिलीवरी भी हो सकती है। बच्चा पेट में दम तोड़ सकता है। इसके अलावा प्रीमेच्योर डिलीवरी के साथ बच्चा कमजोर भी पैदा हो सकता है।
Q. कौन सी महिलाएं कोविड-19 से ज्यादा संक्रमित हो सकती हैं।
-जिन की उम्र 35 साल से ज्यादा है। जिन्हें मोटापा है। बीपी और हाई ब्लड प्रेशर की शिकार हैं।
Q. गर्भावस्था के दौरान कौन सी वैक्सीन ठीक रहेगी?
-कोविशील्ड या कोवैक्सीन में से कोई भी लगवा लें दोनों ही ठीक हैं। जिस वैक्सीन की पहली लगेगी उसी की दूसरी डोज लगवानी होगी।
Q. वैक्सीन लगवाने के बाद बुखार होगा तो कितने दिन तक रहेगा?
-अगर बुखार होता है तो दो से तीन दिन तक होगा, जोकि आम बात है।
Q. वैक्सीन का बच्चे पर क्या असर होगा या बच्चे में भी एंटीबॉडी बनेगी?
-कोविड वैक्सीन का बच्चे पर कोई असर नहीं होगा। अगर मां को कोविड होता है तो गंभीर दिक्कत नहीं होगी। एंटीबॉडी बनेगी या नहीं इसकी कोई स्टडी नहीं है।
Q. टीकाकरण के बाद क्या मां के दूध में कोई बदलाव होगा?
-ऐसा बिल्कुल नहीं है। वैक्सीन केवल कोविड के संक्रमण से बचाएगी। इसका बच्चे की फीड पर कोई असर नहीं होगा।
Q. अगर गर्भावस्था के दौरान वैक्सीन नहीं लगी है तो डिलीवरी के बाद कब वैक्सीन लगवा सकते हैं?
-गर्भावस्था के दौरान अगर नहीं लगती तो डिलीवरी के अगले दिन भी वैक्सीन लगवाई जा सकती है।

एक्सपर्ट व्यू

गर्भावस्था के दौरान किसी भी समय टीकाकरण कराएं
गर्भवती महिलाओं को समझना होगा कि वे गर्भावस्था के दौरान किसी भी समय कोविड का टीका लगवा सकती हैं। गर्भवतियों के लिए वैक्सीन का कोई समय निर्धारित नहीं किया गया है। वे प्रेग्नेंसी यानी गर्भावस्था के दौरान कोरोनावायरस का टीकाकरण कभी भी करवा सकती हैं। विश्वभर की गायनाकोलॉजिस्ट एसोसिएशन के अलावा आईसीएमआर और डब्ल्यूएचओ की तरफ से कोवैक्सीन और कोविशील्ड को महिलाओं के लिए सही बताया गया है। इसलिए टीकाकरण जरूर करवाएं।’

-जैसा सिविल अस्पताल की सीनियर गायनाकोलॉजिस्ट डॉ. गुरमीत कौर, स्टेट टीकाकरण अफसर डॉ. बलविंदर कौर और वैक्सीनेशन इंचार्ज डॉ. इंदू ने बताया

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