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SAD के 4 नए कैंडिडेट्स घोषित:पटियाला, सुनाम, बल्लुआना और लेहरागागा को मिले उम्मीदवार; विरोधियों को सियासी पटखनी देने की रणनीति

जालंधर7 महीने पहले
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पंजाब में सत्ता पाने के लिए अकाली दल ने चुनाव की घोषणा से पहले ही कैंडिडेट्स के नाम - Dainik Bhaskar
पंजाब में सत्ता पाने के लिए अकाली दल ने चुनाव की घोषणा से पहले ही कैंडिडेट्स के नाम

शिरोमणि अकाली दल (SAD) बादल ने 4 नए कैंडिडेट्स का ऐलान कर दिया है। इनमें पटियाला से हरपाल जुनेजा, सुनाम से बलदेव सिंह मान, लेहरागागा से गोबिंद सिंह लौंगोवाल और बल्लुआना से हरदेव सिंह मेघ शामिल हैं। पंजाब में विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले अकाली दल 74 उम्मीदवारों की घोषणा कर चुका है। पंजाब की 117 सीटों में अकाली दल 97 सीट पर लड़ेगा। 20 सीटें गठबंधन के चलते बहुजन समाज पार्टी (BSP) को दी गई हैं।

पंजाब में सत्ता पाने के लिए विधानसभा चुनाव को लेकर अकाली दल नई रणनीति पर चल रहा है। इसीलिए अभी विस चुनाव की घोषणा में करीब ढ़ाई महीने बचे हैं। उससे पहले ही अकाली दल लगातार उम्मीदवारों की घोषणा कर रहा है।

जानिए .... जल्द उम्मीदवार घोषित करने की रणनीति के 3 बड़े फायदे

  • जितनी जल्दी नाम घोषित होगा, कैंडिडेट अपने क्षेत्र में प्रचार शुरू कर देगा। पार्टी नेताओं के साथ वोटर के मन में भी अकाली दल के प्रति कोई असमंजस नहीं रहेगा।
  • कैंडिडेट अनाउंस होने के बाद अगर कोई बगावत होती है तो अभी हो जाएगी। उसे संभालने के लिए अकाली दल के पास काफी समय है। अकाली दल पहले ही उससे निपट लेगा।
  • चुनाव की घोषणा होते ही अकाली दल प्रचार शुरू कर देगा। जहां बाकी पार्टियों टिकट के मंथन और बगावत संभालने में फंसी रहेंगी, अकाली दल अगली रणनीति पर काम कर रहा होगा।
नए मुख्यमंत्री चन्नी और पंजाब कांग्रेस प्रधान सिद्धू में टकराव की स्थिति बनी हुई है।
नए मुख्यमंत्री चन्नी और पंजाब कांग्रेस प्रधान सिद्धू में टकराव की स्थिति बनी हुई है।

कांग्रेस में अभी भी कलह नहीं थम रही
पंजाब में कांग्रेस की बात करें तो संगठन और सरकार में टकराव के बीच पार्टी की हालत असमंजस वाली है। पंजाब में अभी तक कांग्रेस का संगठन नहीं बना। पंजाब कांग्रेस के चीफ नवजोत सिद्धू का सरकार से टकराव हो रहा है। ऐसे में टिकट बंटवारे में भी खींचतान से लेकर खानाजंगी तय है। ऐसे में कांग्रेस पर अकाली दल का जल्द कैंडिडेट अनाउंस करने का दांव भारी पड़ेगा।

भगवंत मान लगातार उन्हें सीएम चेहरा घोषित करने का दबाव बना रहे हैं।
भगवंत मान लगातार उन्हें सीएम चेहरा घोषित करने का दबाव बना रहे हैं।

आप अभी CM चेहरे पर ही फंसी
आम आदमी पार्टी (AAP) की बात करें तो अभी तक पार्टी की चुनावी तैयारियां नजर नहीं आ रही। पार्टी अभी सीएम के चेहरे पर ही फंसी है। पार्टी के नेशनल कनवीनर कह चुके हैं कि वो सिख समाज से सीएम चेहरा देंगे, लेकिन उसकी घोषणा नहीं की। सांसद भगवंत मान के समर्थन उन्हें सीएम चेहरा घोषित करने का दबाव डाल रहे हैं।

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