ग्राउंड रिपोर्ट:43 करोड़ के स्ट्रीट लाइट प्रोजेक्ट की रफ्तार धीमी, शहर के कई इलाके अंधेरे में; और दोआबा चौक में लगा दीं डबल लाइटें

जालंधरएक वर्ष पहले
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डीसी ऑफिस के सामने पिछले तीन महीने से लाइटें खराब - Dainik Bhaskar
डीसी ऑफिस के सामने पिछले तीन महीने से लाइटें खराब
  • पुरानी स्ट्रीट लाइटें ठीक नहीं की अौर नई लगाई नहीं, पार्षद बोले- जहां लग रहीं, वे भी जल्दी खराब हो रहीं
  • अनदेखी...कौंसलर भी निगम के समक्ष कई बार रख चुके हैं मामला

सिटी की 10 प्रमुख सड़कें अंधेरे में हैं। डीसी ऑफिस के बिल्कुल सामने तीन महीने से लाइटें खराब हैं। इसी तरह लाडोवाली रोड, इंडस्ट्रियल एरिया की सड़कें भी अंधेरे में हैं। वहीं, दूसरी तरफ दोआबा चौक से लेकर पठानकोट बायपास चौक तक पहले की बीअोटी कंपनी की लाइटें भी चल रही हैं।

अब 43 करोड़ के प्रोजेक्ट के तहत नई लाइटें भी फिट कर दी हैं। इस तरह पूरी सड़क पर चंद फीट के अंतर पर लाइटें चल रही हैं। सिटी के कई इलाकों में अंधेरा है और यहां दोगुनी रोशनी हो गई है। निगम की मिस मैनेजमेंट से 43 करोड़ का स्ट्रीट लाइट प्रोजेक्ट लांच होने के बावजूद सड़कों पर अंधेरा है। सिटी में 79 हजार के करीब लाइटें हैं।

इनमें से पचास फीसदी के करीब लाइटें नगर निगम ने नए प्रोजेक्ट के तहत बदल दी हैं। जिन इलाकों में लाइटें चल रही हैं, उनकी मेंटेनेंस भी सही तरीके से नहीं हो रही है। पिछले दिनों पार्षदों ने निगम के सामने पूरा मामला उठाया है। अभी भी दिसंबर तक लाइटें बदलने का काम जारी रहेगा।

चौक से लेकर पठानकोट बाइपास तक रात में उजाला
चौक से लेकर पठानकोट बाइपास तक रात में उजाला

इन कौंसलरों ने की है स्ट्रीट लाइटों के खराब होने की शिकायत
निगम में एडहॉक कमेटियों के चेयरमैनों का ग्रुप सिटी की दिक्कतों पर चर्चा करता है। इसकी मीटिंग में बीते दिनों पार्षद बलराज ठाकुर, जगदीश समराय, हरशरण कौर हैप्पी आदि ने दिक्कत बताई थी कि जो नई लाइटें फिट हो रही हैं, वे जल्दी खराब हो रही हैं। अलग-अलग इलाकों में अलग-अलग जगहें लाइटें खराब हैं।

इंजीनियरों को लाइटों की क्वालिटी और बाकी तकनीकी ठीक कराने को कहा था। वहीं, मेयर जगदीश राज राजा कहते हैं कि जिन स्ट्रीट लाइटों को लेकर मेंटेनेंस की दिक्कतें आ रही हैं, उन्हें नया प्रोजेक्ट पूरी तरह से दूर कर देगा। जो स्मार्ट सिटी में 43 करोड़ से एलईडी लग रही हैं, इनसे बिजली भी बचेगी।

पब्लिक स्पीक : गलियों में भी स्ट्रीट लाइटें बंद
न्यू हरदयाल नगर निवासी सोनू बाजवा ने कहा कि उनके इलाके में स्ट्रीट लाइटें लिश्कारे मारती हैं। काफी समय बाद नई लाइटें लगी हैं, इसके बावजूद लोगों को अंधेरी गलियों से होकर गुजरना पड़ता है। यह तो सीधे तौर पर जनता के पैसे की बर्बादी है। यूनिवर्सिटी रोड, लद्देवाली में रहने वाले प्रकाश ने बताया कि इलाके की सारी लाइटें बंद हैं। रात के समय आने-जाने में वारदात का डर बना रहता है।

यहां लाइटें खराब...

  • मकसूदां फ्लाईओवर
  • डीसी ऑफिस के सामने
  • लाडोवाली रोड
  • इंडस्ट्रियल एरिया
  • प्रीत नगर रोड
  • मास्टर तारा सिंह नगर रोड
  • नेशनल हाइवे के किनारे
  • अलास्का चौक
  • रेलवे रोड व केनाल रोड पर स्ट्रीट लाइटें खराब है।

सिस्टम में कमियां...

  • स्ट्रीट लाइट की शिकायत के लिए असरदार प्रणाली नहीं है।
  • नया प्रोजेक्ट लांच होने पर पुराने ठेके चला रहे ठेकेदारों के इलाकों में मेंटेनेंस की दिक्कतें।
  • नगर निगम में मुद्दा उठने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
  • ढीली रफ्तार से चल रहा प्रोजेक्ट, लोगों के लिए परेशानी

ऐसे होगा सुधार...
स्ट्रीट लाइट सिस्टम का सोशल ऑडिट करवाया जाए। शिकायत आने के बाद उसे निपटाने का सिस्टम गंभीरता से लागू हो।

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