करोड़ों का जुर्माना लगा:15 माह में 50% करना था काम, 30% ही कर पाई एजेंसी; 2.30 कराेड़ रुपए जुर्माना

जालंधर5 महीने पहले
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कपूरथला चौक पर पेयजल पाइप लाइन डालने के लिए खोदी गई सड़क के बाद छोड़ा गया गड्‌ढा। इस कारण करीब 30 फीट चौड़ी सड़क सिर्फ 10 फीट ही रह गई है।-भास्कर - Dainik Bhaskar
कपूरथला चौक पर पेयजल पाइप लाइन डालने के लिए खोदी गई सड़क के बाद छोड़ा गया गड्‌ढा। इस कारण करीब 30 फीट चौड़ी सड़क सिर्फ 10 फीट ही रह गई है।-भास्कर
  • सरफेस वाटर प्रोजेक्ट के लिए सड़कें तोड़ने की मंजूरी नहीं मिली
  • शहर की सड़कें तोड़ीं, गड्‌ढे खोदने से 30 फीट चौड़ाई महज 10 फीट ही बची

सरफेस वाटर प्राेजेक्ट के काम में देरी होने पर सीवर बाेर्ड ने एल एंड टी निर्माण एजेंसी को 2.30 कराेड़ रुपए जुर्माना लगाया है। निर्माण एजेंसी काे जून तक 50 फीसदी काम पूरा करना था, लेकिन अभी 30 फीसदी काम ही पूरा हो पाया है। प्रोजेक्ट मार्च, 2021 में शुरू हुआ था और जून, 2022 पहली डेडलाइन थी, जिसमें 50 फीसदी काम पूरा करना है।

इसी तरह दूसरी डेडलाइन 15 महीने बाद यानी सितंबर, 2023 में 80 फीसदी काम पूरा करना है। लेकिन दूसरी डेडलाइन में भी टारगेट पूरा होना संभव दिखाई नहीं दे रहा क्योंकि बरसातों के कारण सड़कों की खुदाई की अब तक मंजूरी ही नहीं मिल पाई है। इस कारण कई जगहों पर एजेंसी ने मजूदर और मशीनरी हटा दी है। जिक्रयोग है कि सरफेस वाटर प्राेजेक्ट में 465 कराेड़ रुपए से घराें में 24 घंटे जलापूर्ति के लिए पेयजल लाइन बिछाने का काम मार्च, 2021 में शुरू किया गया था। इसमें शहर में करीब 98 किमी पेयजल लाइन बिछाने का काम जारी है, लेकिन अब तक 15 किलोमीटर पेयजल लाइन बिछाने का काम पूरा नहीं हाे पाया है।

तीन जगह जलाशय बनाने का काम भी धीमा

निगम की मानें ताे बर्ल्टन पार्क, माॅडल टाउन, ढिलवां में भूमिगत जलाशय का काम भी धीमा चल रहा है। वहीं आदमपुर में अभी तक वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का काम पूरा नहीं हो पाया है। वहां से शहर तक करीब 15 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाई जाएगी। इसमें अब तक डेढ किमी. लाइन बिछाने का काम ही पूरा हाे सका है। निर्माण के अनुबंध के मुताबिक 15 महीने की डेडलाइन तक 50 की बजाय 30 फीसदी काम ही हो पाया है। इस गति से सितंबर, 2023 तक काम पूरा होना मुश्किल है। वहीं निर्माण एजेंसी ने कुछ जगहों से जेसीबी और मजदूराें काे हटाने का काम भी शुरू कर दिया है। वैसे निर्माण एजेंसी ने 60 किमी पेयजल लाइन मंगवा ली है और मंजूरी नहीं मिलने से बिछाने का काम नहीं हाे सका है। शहर में कंपनी ने कपूरथला राेड, बाबू जगजीवन राम राेड राेड, गढ़ा राेड पर पर पेयजल लाइन बिछाने का काम कर लिया है, लेकिन अभी तक टेस्टिंग पूरी नहीं हो सकी है। इस वजह से क्षतिग्रस्त सड़काें की मरम्मत का काम भी पूरा नहीं हाे सका है।

इन सड़कों पर काम की मांगी थी मंजूरी

  • भार्गव कैंप अड्डे से डाॅ. बीआर अंबेडकर चाैक
  • नकाेदर राेड से नाखां वाला बाग
  • तिलक नगर की अंदरूनी सड़कें
  • नेशनल हाईवे की 6 किमी. की सर्विस लेन की सड़क।

काम में देरी की बड़ी वजह

  • निर्माण एजेंसी के पास शहर की सीवर लाइन का पूरा नक्शा नहीं
  • नई सड़काें पर खुदाई के लिए मंजूरी देरी से मिलना।
  • निगम और सीवर बाेर्ड के अधिकारियाें में तालमेल की कमी
  • सड़काें की मरम्मत व टेस्टिंग का काम समय से न होना
  • 5 भूमिगत जलाशयों की जमीन मिलने के काम में देरी।

अनुबंध के तहत ही लगाया जुर्माना

निर्माण एजेंसी को इसी महीने 50 फीसदी काम पूरा करना था, जाे नहीं किया गया। अनुबंध के हिसाब से एल एंड टी कंपनी को 2.30 करोड़ जुर्माना लगाया गया है।

-पदमदीप सिंह, एसडीओ, सीवर बाेर्ड, जालंधर

बरसात में सड़कें तोड़ेंगे, मंजूरी नहीं दी

वाटर सरफेस प्राेजेक्ट में सीवर बाेर्ड ने नई सड़काें पर खुदाई के लिए मंजूरी मांगी थी, लेकिन निर्माण एजेंसी ने पुरानी सड़काें का काम शत-प्रतिशत पूरा नहीं किया है। वहीं मानसून में क्षतिग्रस्त सड़काें पर लोगों काे परेशानी हाेती, इसलिए नई सड़काें पर काम करने की मंजूरी नहीं दी है।
-रजनीश डाेगरा, एसई, नगर निगम

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