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जज्बातों से खिलवाड़:एक ही गांव के 6 जमींदारों को ठगा, फिर आया तो पकड़ा गया; मदद के नाम पर लिए थे रुपए

जालंधरएक महीने पहले
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गांव रंधावा मसंदां में ठगी करने वाले आरोपी अजीत के बारे में जानकारी देते हुए गांववासी जुगल किशोर, कर्मजीत सिंह, सोढी माही व अन्य। - Dainik Bhaskar
गांव रंधावा मसंदां में ठगी करने वाले आरोपी अजीत के बारे में जानकारी देते हुए गांववासी जुगल किशोर, कर्मजीत सिंह, सोढी माही व अन्य।
  • बच्चे जमींदार के पास हैं, उसके पैसे देने हैं, मेरी मदद कर दो तो आपके खेत में काम कर दूंगा- कह करता था ठगी

‘बाबू जी मेरे बच्चे जमींदार के पास हैं, उसके पैसे देने हैं। आप मेरी मदद कर दो तो मैं आपके खेत और घर का कामकाज कर दूंगा। बस एक बार मेरी मदद कर दो।’ ऐसी दलील देकर मूल रूप से बिहार का रहने वाला अजीत यादव कई लोगों से जिले में ठगी कर चुका था। वर्तमान में वह कपूरथला में रेलवे स्टेशन के पास रह रहा था। जालंधर के रंधावा मसंदां गांव के ही 6 जमींदारों से पैसे ऐंठ चुका था।

रविवार को गांव के लोगों ने 4 किलोमीटर पीछा करके उसे काबू कर लिया। जेब से 8 हजार रुपए निकले। पूछने पर बोला- बंगा में किसी जमींदार से ठगी करके आया है। गांववासियों ने बंगा के जमींदार को जालंधर बुलाया और पैसे वापस कर दिए। रविवार को भी उसने वही कहानी रंधावा मसंदां में सुनाई थी।

गांववासियों न उसे दूध पिलाया, खाना खिलाया लेकिन झांसे में नहीं आए। पकड़े जाने पर आरोपी ने बताया कि वह करीब 22 साल पहले पंजाब आया था। कई जमींदार‌ों के पास काम कर चुका है। जब भी जरूरत पड़ती थी, झूठ बोलकर पैसे लेकर फरार हो जाता था। कभी किसी जिले तो कभी किसी गांव जाकर 15 से 20 हजार रुपए लेकर निकल जाता था।

तरस खाकर लोग दे देते थे पैसे
गांव रंधावा मसंदां के ठेकेदार कर्मजीत सिंह, सोढी माही और जुगल किशोर ने बताया कि जब उन्हें पता चला कि जिस ठग ने उनके गांव के जमींदारों को ठगा है, वह गांव में घूम रहा है तो वे उसका पीछा करने लगे। तभी वह भाग निकला लेकिन सलेमपुर में उसे काबू कर लिया। उसने गांववासियों को 4 किलोमीटर तक दौड़ाया। जुगल किशोर ने बताया कि ठग गाड़ी से आता था और जिमींदार के पास जाकर रोता था कि उसे काम की जरूरत है। उसका परिवार किसी दूसरे जमींदार के पास है।

जब तक वह उसे पैसे नहीं देगा जमींदार उसके बच्चों व बीवी को नहीं छोड़ेगा। तरस खाकर लोग पैसे दे देते थे और बाद में वह गायब हो जाता था। गांववासियों ने चेतावनी दी कि दोबारा गांव की तरफ मुंह किया तो जो दूध-रोटी खिलाई है, वह निकाल देंगे। वह कई जिलों के गांवों के सरपंचों को शिकार बना चुका है। गांववासी बोले- आरोपी को पुलिस के हवाले इसलिए नहीं किया क्योंकि पुलिस न भी उसे बिना कार्रवाई के ही छोड़ देना था।

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