मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल की कार्रवाई:62 एकड़ जमीन करवाई कब्जा मुक्त, 22 एकड़ पर था पूर्व DC के परिवार का कब्जा

जालंधर2 महीने पहले
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पंचायती राज मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल जमीनों से कब्जा छुड़ाने की जानकारी देते हुए। - Dainik Bhaskar
पंचायती राज मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल जमीनों से कब्जा छुड़ाने की जानकारी देते हुए।

पंजाब सरकार ने सरकारी भूमि पर कुंडली मारकर बैठे प्रभावशाली लोगों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दो दिनों के भीतर राज्य में 79 एकड़ पंचायती जमीन से सरकार ने कब्जा छुड़वाया है। इसमें से 62 एकड़ जमीन सिर्फ जिला जालंधर में है। इसमें से भी 22 एकड़ जमीन पर एक पूर्व डिप्टी कमिश्नर का परिवार कब्जा जमाए बैठा था। पंचायती जमीनों को कब्जा मुक्त करवाने के लिए छेड़ी गई मुहिम के तहत अब तक राज्यभर में 100 एकड़ से ज्यादा जमीन को कब्जा मुक्त कर दिया गया है।

जालंधर मंडल में जो 62 एकड़ में से 22 एकड़ भूमि का कब्जा छुड़ाया गया है, यह जमीन भोगपुर के तहत आते गांव बुल्लोवाल में है। इस जमीन पर पूर्व डिप्टी कमिश्नर ने 1987 में कब्जा किया था। अब उनका निधन हो चुका है, लेकिन निधन के बाद भी उनके परिवार ने सरकारी जमीन से कब्जा नहीं छोड़ा था। अब जबकि सरकार ने सरकारी जमीनों से कब्जे छुड़वाने की मुहिम छेड़ी तो इसे भी मुक्त करवाया गया। मोहाली से शुरू हुई इस मुहिम के अंतर्गत पटियाला, जालंधर और राज्य के अलग-अलग हिस्सों में पंचायती ज़मीनें कब्ज़ों से मुक्त करवाई गई है।

पंजाब में 50000 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल नाजायज कब्जे

पंजाब के राजस्व पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि साल 2010 में तत्कालीन सरकार ने प्रदेश में सरकारी जमीन पर कब्जों को लेकर एक सर्वे करवाया था। इसमें जो आंकड़े आए थे, वह चौंकाने वाले थे। आंकड़ों के अनुसार, राज्य में करीब 50000 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल पर कुछ राजनीतिक पहुंच रखने वालों के कब्जे हैं, लेकिन उस वक्त की सरकार और उसके बाद की सरकारों ने अपने चहेतों को बचाने के लिए रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई नहीं की। सत्ता का तख्ता पलट होते ही अब आम आदमी पार्टी ने इस भूमि को कब्जा मुक्त करवाने का प्रण लिया है।

विभाग की तरफ से 2021 तक का डाटा तैयार किया जा रहा है, ताकि इन कब्ज़ों की असली और मौजूदा स्थिति पता चल सके। पंजाब सरकार की तरफ से सभी कब्जाधारकों को अपील की गई हे कि वह इस मुहिम में सरकार का साथ दें और कब्ज़े अपने आप छोड़ने के लिए आगे आएं। कई पंचायतों और कब्जा धारकों की तरफ से कब्ज़े छोड़ने के लिए उनके साथ संपर्क भी किया गया है, जो सराहनीय कदम है। इस काम में रचनात्मक भूमिका निभाने वाली पंचायतों और अधिकारियों का पंजाब सरकार की तरफ से विशेष तौर पर सम्मान भी किया जाएगा।

कब्ज़ों से मुक्त करवाई जा रही पंचायती ज़मीनों के बारे में मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि इनमें से कृषि वाली ज़मीनों को नियमानुसार फिर से जोतने के लिए दिया जाएगा, जबकि व्यापारिक ज़मीनों को व्यापारिक प्रयोग के साथ-साथ मार्केट आदि बना कर सरकार की आमदनी में विस्तार किया जाएगा। जो ज़मीनें बेची जा सकती होंगी, उनको बेच कर सरकारी खजाने को मज़बूत किया जाएगा।