एलईडी लाइटों का मामला:एजेंडे में एग्रीमेंट की काॅपी नहीं; रेडक्रॉस भवन में होनी थी बैठक, मीटिंग 24 को

जालंधर3 महीने पहले
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एलईडी लाइटों को लेकर रेडक्राॅस भवन में सोमवार को होने वाली मीटिंग स्थगित हुई। - Dainik Bhaskar
एलईडी लाइटों को लेकर रेडक्राॅस भवन में सोमवार को होने वाली मीटिंग स्थगित हुई।

एलईडी लाइटों को लेकर रेडक्राॅस भवन में सोमवार को होने वाली मीटिंग कौंसलरों के आपत्ति दर्ज करवाने पर 24 जून के लिए स्थगित कर दी गई। काैंसलराें ने एजेंडे में एलईडी लाइटाें के एग्रीमेंट की काॅपी न होने का मुद्दा उठाया और काॅपी पढ़ने के लिए मांगी। उन्होंने कहा कि पुरानी कंपनी की लाइटाें की गिनती अलग रखी जाए। मीटिंग के लिए कौंसलरों ने स्मार्ट सिटी के अधिकारियाें से 10 सवाल तैयार किए, जिनके उन्हें जवाब दिए गए हैं।

मीटिंग के लिए एजेंडे में अधिकारियाें के जवाब शामिल किए गए हैं। इसमें नए एलईडी प्राेजेक्ट की लागत, कंपनी कब तक मरम्मत का काम करेगी, काम कब तक पूरा हाेगा, लाइटाें के लिए कितने सेंट्रलाइज्ड कंट्राेल एंड माॅनिटरिंग सिस्टम आदि काे एजेंडे में शामिल किया था, लेकिन एजेंडे में लाइटाें के एग्रीमेंट की काॅपी नहीं थी। ऐसे में काैंसलर मनमाेहन सिंह, बंटी नीलकंठ, निर्मल सिंह और पवन कुमार ने आपत्ति जताई कि एजेंडे में एग्रीमेंट की काॅपी क्याें नहीं है। इस संबंध में मेयर जगदीश राज राजा ने कहा कि हाउस की मीटिंग अब 24 जून काे होगी।

खंभों पर लाइटों के नंबर लिखने की रखी मांग

काैंसलर मनमाेहन सिंह ने कहा कि निगम के सभी कौंसलरों काे एग्रीमेंट की काॅपी दी जाए। साथ ही हर वार्ड में लगाने वाली लाइटाें के खंभों पर लाइट का नंबर, वाट और खंभों की संख्या भी लिखी जाए। वहीं काैंसलर पवन कुमार ने कहा कि मुख्य सड़काें की लाइटाें काे वार्डाें में गिनती न की जाए। इनकाे अलग ही रखा जाए। पुरानी कंपनी ने साढ़े पांच हजार लाइटें लगाई थी।

इन लाइटाें काे अपनी गिनती में शामिल न किया जाए। जिक्रयोग है कि नगर निगम ने वर्ष 2017 में नई एलईडी लाइटें 275 कराेड़ रुपए में लगानी थीं। इनमें 65 हजार लाइटें बदली जानी थीं। कंपनी काे बिजली की बचत करनी थी। कंपनी ने करीब पांच हजार लाइटें लगाने का काम किया, लेकिन बाद में टेंडर में घाेटालाें के आराेप लगे, और टेंडर रद्द हो गया।

एडहॉक कमेटी की चेयरमैन बोलीं- शर्तों के हिसाब से कंपनी ने काम नहीं किया
स्ट्रीट लाइट एडहाॅक कमेटी की चेयरमैन एवं पार्षद मनदीप कौर मुल्तानी ने बताया कि नई एलईडी लाइटाें के एग्रीमेंट में कई शर्तें रखी गई हैं, लेकिन कंपनी इनके हिसाब से काम नहीं कर रही। इसी के चलते पार्षदों की विशेष बैठक बुलाई गई थी।

  • हर वार्ड में ब्लैक स्पाॅट पर लाइटें लगाई जाएं
  • वार्डाें में पैट्राेलिंग के लिए मुलाजिमाें की ड्यूटी लगाई जाए
  • विधायक और सांसद ग्रांट की लाइटाें काे हैंडओवर किया जाए। पुरानी लाइटें नई में न गिनी जाएं।
  • एलईडी लाइटाें की पुरानी तारें बदली जाएं
  • बंद लाइटाें की शिकायत करने पर लाइटें ठीक हाेने की जानकारी ली जाती थी, अब फाेन उठना ही बंद कर दिया
  • वार्डाें में नई लाइटाें के लिए काैंसलर काे साथ लेकर जाएं
  • सर्वे में स्टीकर लगाने वाले पाॅइंट्स पर लाइटें लगनी थी, जाे नहीं लगीं
  • हर वार्डाें में नई और पुरानी लाइटाें काे बदला जाना था
  • नई लाइटाें के लिए एक सीसीएमएस सिस्टम लगाना था, ताकि लाइटें बंद हाेने पर पता लग जाए
  • वार्डाें में लाइटें बंद हाेने पर निगम काे जुर्माना लगाना था
  • कंपनी काे पांच वर्ष तक एलईडी लाइटाें की मरम्मत का काम करना था, जिसे सही ढंग से नहीं किया गया।
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