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  • A Traitor To The Country... Used To Sell The Secret Documents Of The Army To ISI In Just ~167, So Far 900 Documents Have Been Given

आरोपियों का 7 दिन का रिमांड, पुलिस ने शुरू की:देश से गद्दारी; सिर्फ 167 रुपए में आईएसआई को बेच देते थे सेना के सीक्रेट डॉक्यूमेंट, अब तक 900 दस्तावेज दे चुके

जालंधर23 दिन पहले
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  • जासूसी में पकड़े गए आर्मी जवानों हरप्रीत सिंह और गुरभेज सिंह का मामला

आईएसआई एजेंसी को कारगिल के सीक्रेट डॉक्यूमेंट से लेकर डिफेंस व नेशनल सिक्योरिटी से जुड़े 900 डॉक्यूमेंट भेजने के आरोप में पकड़े गए आर्मी के जवान हरप्रीत सिंह हैप्पी और गुरभेज सिंह को कोर्ट में पेश करके 7 दिन के रिमांड पर लिया है। देहात पुलिस जालंधर और इंटेलीजेंस विंग अमृतसर के गांव चीचा के रहने वाले 23 साल के फौजी हरप्रीत सिंह हैप्पी और तरनतारन के गांव पुन्नियां के रहने वाले 23 साल के फौजी गुरभेज सिंह ने बुधवार को पूछताछ में माना कि कि 4 महीने के अंदर करीब 900 डॉक्यूमेंट भेजे गए थे।

इसके एवज में हैप्पी के तस्कर दोस्त रणवीर सिंह को 1.50 लाख रुपए यानी हरेक दस्तावेज के बदले करीब 167 रुपए मिले थे। रणवीर व गोपी ने 25-25 हजार रुपए लिए थे। एक लाख रुपए हैप्पी को दिए गए थे। हैप्पी ने माना कि उसने 38 हजार रुपए, तो गुरभेज को 62 हजार दिए थे। गुरभेज को ज्यादा पैसे देने के कारण पूछा तो बोला-वह ही सारे डॉक्यूमेंट भेज रहा था। पुलिस दोनों फौजियों के बैंक अकाउंट की डिटेल निकलवा रही है।

मोबाइल से मिले थे कारगिल से लेकर देश की सुरक्षा के सीक्रेट डाॅक्यूमेंट्स
देहात पुलिस जालंधर के सीआईए स्टाफ ने मेहतपुर एरिया से ट्रैप लगाकर 24 मई को 70 ग्राम चिट्टे के साथ गांव चीचा (अमृतसर) के रणवीर सिंह को पकड़ा था। रणवीर के मोबाइल फोन की जांच की गई तो कारगिल से लेकर देश की सुरक्षा के सीक्रेट डॉक्यूमेंट मिले थे। रणवीर के मोबाइल में मिले सारे डॉक्यूमेंट को लेकर सेना से बात की गई थी। रणवीर ने माना था कि वह चिट्टे की सप्लाई देता है।

अमृतसर सीमा से सटे गांव दउके के रहने वाले गोपी से वह चिट्टे लेकर आगे सप्लाई देता था। गोपी से मिलने पर अकसर उसके गांव जाता था। यहां पर एक दिन गोपी ने कहा कि सीमा पार से चिट्टा भेजने वाला कोचर ने एक जिम्मेदारी दी है कि कोई फौजी ढूंढ कर बताओ, जो पैसे की खातिर सेना से जुड़ी इनपुट शेयर कर सके।

रणवीर ने बताया था कि उनके गांव का हरप्रीत सिंह हैप्पी फौजी में है। हैप्पी छुट्टी पर आया था तो रणवीर ने उससे बात की। हैप्पी ने बताया कि उसका एक फौजी दोस्त गुरभेज सिंह कारगिल में क्लर्क है। गुरभेज की जनवरी महीने में थी। हैप्पी ने गुरभेज से बात की तो ईजी मनी के चक्कर में देश की सुरक्षा का सौदा दोनों कर बैठे। हैप्पी ने रणवीर को बताया कि गुरभेज इनका काम कर देगा।

4 महीने से सीक्रेट डाॅक्यूमेंट्स भेजने का चल रहा था सिलसिला
रणवीर ने गोपी को कहा कि फौजी तैयार हो गए हैं तो गोपी ने सोशल मीडिया के जरिये कोचर से बात की। कोचर ने आईएसआई के एजेंट सिकंदर से बात करवा दी। इसके बाद कारगिल पहुंच कर गुरभेज ने सीक्रेट डॉक्यूमेंट की फोटो खींच कर हैप्पी को भेज दी तो हैप्पी ने रणवीर को फारवर्ड कर दी। करीब 4 महीने से यह सिलसिला चलता रहा।

फौजी गुरभेज और हैप्पी से पूछताछ की जा रही है कि सूचनाएं भेजने में कौन-कौन से मोबाइल कनेक्शन और स्मार्ट फोन का इस्तेमाल किया गया है। आर्मी भी अपने स्तर पर जांच कर रही है, ताकि गुरभेज से जुड़े साथी जांच के दायरे में लाएं जा सकें। पिलहाल पुलिस ने दो मोबाइल फोरेंसिक जांच के लिए भेजे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि 6 साल पहले सेना में भर्ती हुए गुरभेज के पास सीक्रेट डॉक्यूमेंट की फाइल कैसे आ गई। थाना मेहतपुर में इस बाबत केस दर्ज किया गया है।

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