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पंजाब में कोरोना:53 दिन बाद नए संक्रमित 3 हजार से कम, एक्टिव मरीज 40 हजार से नीचे

जालंधर22 दिन पहले
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ग्रामीण इलाकों में मृत्युदर 3.2% तक पहुंच गई है। - Dainik Bhaskar
ग्रामीण इलाकों में मृत्युदर 3.2% तक पहुंच गई है।
  • मौजूदा आंकड़े राहत वाले पर गांवों की स्थिति बढ़ा रही चिंता
  • रविवार को 127 मौतें, कुल मृतक आंकड़ा 14450 हुआ

पिछले हफ्ते से कोरोना संक्रमण के आंकड़ों में बड़ी गिरावट से सूबे को बड़ी राहत मिली है। रविवार को 53 दिन बाद नए संक्रमितों का आंकड़ा 3 हजार से नीचे 2607 रहा। पहले 6 अप्रैल को 2583 नए संक्रमित मिले थे। हालांकि पिछले 24 घंटों में संक्रमण से होने वाली मौतों का आंकड़ा अभी भी ज्यादा है। रविवार को 127 मरीजों की मौत हुई है।

हालांकि मई महीने में हुई सबसे ज्यादा एक दिनी 229 मौतों के मुकाबले यह आंकड़ा 53% कम है लेकिन अभी भी सूबे में मृत्युदर 2.6% बनी हुई है। यह मृत्युदर पूरे देश में सबसे ज्यादा है। कुल मृतक आंकड़ा 14450 हो गया है। दूसरी बड़ी राहत एक्टिव मरीजों के मामले में है। सूबे में मई में ही एक्टिव मरीजों का ग्राफ एकबारगी 60 हजार के करीब पहुंच गया था, लेकिन रिकवरी रेट 90.5% होने व ठीक होने वाले मरीजों की संख्या बढ़ने से एक्टिव मरीज दोबारा 40 हजार से नीचे पहुंच गए हैं।

रविवार को विभिन्न अस्पतालों में 39240 मरीज उपचाराधीन हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक रविवार को 5371 मरीज ठीक हुए। अब तक ठीक हुए मरीजों का आंकड़ा 511720 हो गया है। सूबे में कोरोना फ्रंट पर यह आंकड़े अभी तो राहत दे रहे हैं लेकिन अभी और सतर्कता की जरूरत है। सरकार की मानें तो अगर इस समय लापरवाही बरती गई तो नए संक्रमितों के मामलों में दोबारा तेजी आ सकती है। गांवों में दूसरी लहर पहुंचने के बाद ग्रामीण इलाकों में मृत्युदर 3.2% तक पहुंच गई है।

जालंधर में 2 मौतें, सूबे में 13 नए केस

सूबे में ब्लैक फंगस से होने वाली मौतों और नए केस मिलने के मामले रविवार को भी सामने आए हैं। जालंधर में जहां 2 नए मरीजों की मौत हुई है वहीं, सबसे ज्यादा 8 मामले भी यहीं पर मिले हैं। जबकि 3 मामले लुधियाना में और 2 मामले अमृतसर में मिले हैं। यहां 2 अन्य मामलों को अभी संदिग्ध की श्रेणी में रखा गया है। अब तक सूबे में ब्लैक फंगस से कुल 33 मौतें हो चुकी हैं जबकि सूबे में अबतक ब्लैक फंगस के 239 मामले मिल चुके हैं।

गांवों में संक्रमण रोकने को 25 लाख घरों में 92 लाख लोगों की स्क्रीनिंग हुई

मई में कुल कोविड केसों में 45.3% मरीज गांवों से आए, मृत्युदर भी 3.2 फीसदी रही

चंडीगढ़ पंजाब में कोरोना की दूसरी लहर अब बेशक कमजोर होने लगी है, लेकिन दूसरी लहर ने इस बार ज्यादा चपेट में लिया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक सूबे के 7 जिलों बठिंडा, फतेहगढ़ साहिब, होशियारपुर, संगरूर, नवांशहर, तरनतारन और गुरदासपुर के गांवों में रहने वाले लोगों को कोविड ने बाकी जिलों के गांवों के मुकाबले ज्यादा चपेट में लिया। जिसके बाद सरकार ने गांवों में टेस्टिंग बढ़ाने व कोविड मरीजों की ट्रेसिंग भी तेज कर दी थी। स्वास्थ्य विभाग ने सूबे के गांवों में 25 लाख घरों 92 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक पहली लहर के दौरान सूबे में सितंबर में जब कोरोना अपने पीक पर था तब 40.2% केस गांवों में आ रहे थे। जबकि दूसरी लहर के दौरान मई महीने में ही कोविड के कुल केस में से गांवों में 45.3% कोविड केस हो गए थे।

जीएमसीएच में 6 मरीजों की संदिग्ध मौत, आरोप-बिजली गई तो वेंटिलेटर हुए बंद

गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (जीएमसीएच) सेक्टर-32 में शनिवार रात 12 बजे से रविवार शाम 4 बजे तक 6 कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। इनमें से 4 मरीजों के घरवालों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए। मृतक के घरवालों ने आरोप लगाते हुए कहा कि लाइट जाने के बाद वेंटिलेटर बंद हुए थे, जिस कारण चारों मौतें हुईं। वहीं, अस्पताल प्रशासन ने कहा, हमारे पास पावर बैकअप था।

7 जिलों में दिखा असर

बठिंडा, फतेहगढ़ साहिब, संगरूर, होशियारपुर, नवांशहर, तरनतारन व गुरदासपुर की 60% आबादी गांवों में रहती है। मई महीने के आखिरी हफ्ते तक बठिंडा में मिले नए मरीजों के मुताबिक सबसे ज्यादा 13.9% पाॅजिटिविटी दर रही। इन सभी जिलों में मृत्यु दर 2.46% रही। संगरूर में मिले संक्रमितों के मुकाबलेे सबसे अधिक 7.1% मृत्युदर रही।

गांवों में हल्के लक्ष्ण दिखने पर टेस्टिंग करवाने को कहा गया है। कर्मचारी भी गांव के लोगों की स्क्रीनिंग कर रहे है।

बलबीर सिंह सिद्धू, स्वास्थ्य मंत्री​​​​​​​

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