मोटिवेशन / एंबेसडर ऑफ होप प्रतियोगिता : टॉप 100 में जालंधर के 3 स्टूडेंट्स, प्रियंका 28वें नंबर पर

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  • राज्य के निजी-सरकारी स्कूलाें के 12वीं तक के स्टूडेंट्स ने लिया हिस्सा

दैनिक भास्कर

Jun 02, 2020, 05:00 AM IST

जालंधर. लाॅकडाउन के बीच घर बैठे बच्चाें की प्रतिभा काे निखारने के लिए शिक्षामंत्री विजयइंदर सिंगला द्वारा ऑनलाइन एंबेसडर अाॅफ हाेप वीडियाे प्रतियाेगिता करवाई गई थी। राज्य के सभी निजी व सरकारी स्कूलाें के पहली से बारहवीं क्लास तक के स्टूडेंट्स ने इसमें हिस्सा लिया। तीन मिनट का वीडियाे बनाकर पाेस्ट किया, जिसमें डांस, कविता, स्किट अादि के जरिए काेविड-19 के दाैरान पॉजिटिव रहने का संदेश दिया। साेमवार काे टाॅप 100 स्टूडेंट्स की लिस्ट जारी की गई। इसमें बठिंडा के रबनूर सिंह मान पहले स्थान पर हैं। दूसरे पर अमृतसर के मनु शर्मा व तीसरे पर बठिंडा के ईशान बांसल हैं। अाने वाले दिनाें में बाकी 900 स्टूडेंट्स की भी लिस्ट जारी हाेगी। 

टाॅप 1000 स्टूडेंट्स काे विभाग द्वारा प्राइज दिया जाएगा। जारी की गई टाॅप 100 स्टूडेंट्स की लिस्ट में जिले के 3 स्टूडेंट्स ने जगह बनाई। लिस्ट में 28वें स्थान पर डिप्स नूरमहल की प्रियंका कलसी, 61वें स्थान पर पी.डीएवी के स्टूडेंट दिव्यांश, 83वें स्थान पर सेंट जाेसेफ काे-एड स्कूल के साेहांग व एमी महेंद्रू रहे। प्राइज में अाईपैड, लैपटॉप, टेबलेट दिए जाएंगे।

स्पीच दी- पर्यावरण साफ हुआ

प्रियंका कलसी - स्पीच में प्रियंका ने कहा कि काेविड-19 के कारण स्टूडेंट्स की जिंदगी पर भी बहुत प्रभाव पड़ा है। वे उदास, तनाव व आइसोलेशन में रहने लगे हैं। दाेस्त अापस में एक-दूसरे से पूछते हैं कि भविष्य में पढ़ाई का क्या हाेगा, क्या हम मिल सकेंगे आदि। जाे तनाव में हैं, मैं उनके लिए ये कहना चाहती हूं कि- तनाव के बावजूद हम इतने साल बाद ताजी हवा में सांस ले रहे हैं। पंजाब में पहाड़ दिख रहे हैं, विभिन्न पंक्षियाें की चहचहाट सुनाई दे रही है। इसलिए अपनी जिंदगी के लिए घर के अंदर ही रहें।

दिव्यांश बब्बर - इनेक्टमेंट में दिव्यांश ने कहानी सुनाई- बारिश न हाेने पर भी एक किसान लगातार खेताें में जाकर मेहनत करता था। मां पार्वती ने ये देखकर भगवान शंकर काे डमरु बजाकर बारिश करने के लिए कहा। बारिश हुई ताे किसान की फसल अच्छी हुई। उसी तरह ये लाॅकडाउन हमारे लिए प्रेक्टिस करने का बहुत अच्छा समय है। इसे प्रोडक्टिव बनाएं। नई डिशेज सीखे, नए स्किल सीखें। इसलिए चाहे लाॅकडाउन 6 महीने चले या सालभर, जब आप घर से निकले ताे अापकाे खुशी हाे कि आपने कुछ नया सीखा।

स्किट में बताया- नमस्ते करो 

साेहांग व एमी महेंद्रू - स्किट के जरिए उन्हाेंने बताया कि हैलाे नहीं नमस्ते कराे व साेशल डिस्टेंस मेनटेन कराे। लाॅकडाउन की वजह से भारत काे बहुत फायदा हुअा। दुनिया के मुकाबले यहां काेराेना केस अौर डेथ रेट बहुत कम है। वातावरण काे भी इसका फायदा हुअा। नदियाें का पानी साफ हाे रहा है। अाेजाेन लेयर का गैप भी फिल हाे रहा है। जब सब ठीक हाे अाैर हम पार्क में खेलने जाएं, तब भी साेशल डिस्टेंस बनाकर रखना हाेगा। अपनी एक्टिविटी से दाेबारा वातावरण काे पाॅल्यूट न करें।

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