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जालंधर में बड़ी कार्रवाई:ऑक्सीजन की कालाबाजारी करने वाले फेयरडील एजेंसी का मालिक गिरफ्तार, 600 का सिलेंडर 18600 में बेच रहा था

जालंधर2 महीने पहले
फेयरडील एजेंसी का गिरफ्तार मालिक अश्विनी गोयल व उससे बरामद ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ पुलिस टीम।

नेहरू गार्डन रोड स्थित फेयरडील एजेंसी के मालिक को पुलिस ने ऑक्सीजन की कालाबाजारी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। वह 600 का ऑक्सीजन सिलेंडर 18,600 में बेच रहा था। मानवाधिकार संगठन की शिकायत के बाद पुलिस ने एजेंसी में दबिश दी। वहां से नंगलशामा के नजदीक बसंत हिल्स में रहने वाले मालिक अश्विनी गोयल को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी लेने पर एजेंसी से 5 भरे व 6 खाली ऑक्सीजन सिलेंडर बरामद हुए। एजेंसी मालिक के खिलाफ पुलिस ने थाना डिवीजन 3 में जिला मजिस्ट्रेट के आदेश के उल्लंघन के आरोप में IPC की धारा 188, नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट व एपिडेमिक एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।

पुलिस व सेहत विभाग की टीम कार्रवाई करती हुई।
पुलिस व सेहत विभाग की टीम कार्रवाई करती हुई।

मानवाधिकार संगठन के प्रधान शशि शर्मा ने बताया कि उन्हें पता चला था कि फेयरडील एजेंसी में चोरी-छिपे ऑक्सीजन सिलेंडर बेचे जा रहे हैं। जिसकी उनके पास परमिशन नहीं है। उन्होंने पुलिस को बताया और उसके बाद वहां से सिलेंडर मंगवाया तो उनसे पूरे सिलेंडर के 18 हजार रुपए लिए गए। इसके बाद उन्होंने पुलिस को कार्रवाई के लिए कहा तो उन्होंने फिर सिलेंडर मंगवाने की बात कही। मंगलवार शाम तो तब तक नाइट कर्फ्यू लग चुका था।

इसके बाद बुधवार सुबह उन्होंने डिप्टी कमिश्नर घनश्याम थोरी और पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत भुल्लर से बात की और फिर सिलेंडर में ऑक्सीजन भरवाने के लिए भेजा। इसके लिए फेयरडील एजेंसी ने 18,600 रुपए वसूले। जिसके बाद मौके पर मौजूद पुलिस व सेहत अफसरों ने कार्रवाई शुरू कर दी।

फेयरडील एजेंसी में चेकिंग करती पुलिस व सेहत टीम।
फेयरडील एजेंसी में चेकिंग करती पुलिस व सेहत टीम।

क्लीनिक के नाम पर काट रहे 600 की पर्ची

ऑक्सीजन की कालाबाजारी कर रहे फेयरडील एजेंसी के मालिक बचने के लिए क्लीनिक के नाम पर पर्ची काट देते थे। जो सिलेंडर 18,600 में बेचा जा रहा, उसमें कार्रवाई से बचने के लिए किसी खेड़ा क्लीनिक के नाम पर 600 रुपए की पर्ची काटी गई ताकि कोई चेकिंग हो तो वो बच सकें।

फेयरडील एजेंसी का ऑफिस, जहां से सिलेंडर मिले।
फेयरडील एजेंसी का ऑफिस, जहां से सिलेंडर मिले।

मैं न डॉक्टर, न मेरा क्लीनिक व न पर्ची, फिर भी बेचा सिलेंडर : शशि शर्मा

मानवाधिकार संगठन के प्रधान शशि शर्मा ने कहा कि वह न तो डॉक्टर हैं और न ही उनका क्लीनिक है। इसके अलावा उनके पास ऑक्सीजन की जरूरत के लिए किसी डॉक्टर की पर्ची भी नहीं थी। इसके बावजूद उन्हें आसानी से सिलेंडर बेच दिया गया। उन्होंने कहा कि एक तरफ कोरोना मरीजों को ऑक्सीजन नहीं मिल रही है और दूसरी तरफ इस तरह खुला खेल हो रहा है। इसी वजह से उन्होंने इसे बेनकाब करने की ठानी और यह स्टिंग ऑपरेशन किया।

पूछताछ की जा रही : DCP इन्वेस्टिगेशन

DCP इन्वेस्टिगेशन गुरमीत सिंह ने कहा कि जिले में ऑक्सीजन सप्लाई रेगुलेट करने के लिए डिप्टी कमिश्नर ने आदेश दिए हैं कि सिर्फ अस्पतालों को ही ऑक्सीजन की सप्लाई होगी। पुलिस को इनपुट मिली थी कि फेयरडील एजेंसी में ऑक्सीजन की ब्लैक मार्केटिंग की जा रही है। इसके बाद हेल्थ अफसर को साथ लेकर वहां रेड की गई। इन ऑक्सीजन सिलेंडरों को वैरिफाई करने के बाद उसके मालिक अश्विनी गोयल के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी पूछताछ की जा रही है।

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