• Hindi News
  • Local
  • Punjab
  • Jalandhar
  • Bus Stand Closed For Four Hours In Punjab, Striking Contract Workers Flare Up Again; The Movement Of Buses In And Out Closed From 10 Am To 2 Pm.

पंजाब में बस कर्मचारियों की हड़ताल टली:CM से फोन पर बातचीत के बाद लिया फैसला, बस स्टैंड के अंदर से बसों की आवाजाही शुरू

जालंधर2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
जालंधर बस स्टैंड। - Dainik Bhaskar
जालंधर बस स्टैंड।

पंजाब में बस कांट्रैक्ट कर्मचारियों की हड़ताल टाल दी गई है। उन्होंने बुधवार को सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक 4 घंटे बस स्टैंड बंद करने की घोषणा की थी। इससे पहले ही चंडीगढ़ में उनकी ट्रांसपोर्ट मंत्री अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग से मुलाकात हुई। मंत्री ने फोन पर उनकी सीएम से बात कराई। जिसके बाद हड़ताल टाल दी गई। अब बस स्टैंड के भीतर से बसों की आवाजाही शुरू हो गई है। इससे परेशान सवारियों को बड़ी राहत मिली है।

पंजाब रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी के हड़ताली कर्मचारियों की पहले भी ट्रांसपोर्ट मंत्री राजा वड़िंग से मुलाकात हुई थी। जिसमें उन्हें आज यानी बुधवार का वक्त दिया गया था। हालांकि CM चरणजीत चन्नी को अचानक दिल्ली जाना पड़ा। अब वो राहुल गांधी के साथ उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी दौरे पर जा रहे हैं। इस वजह से 12 अक्टूबर को अब यह मीटिंग हो सकती है।

बाहरी डिपो की बसें बाहर से चलेंगी
गुरप्रीत सिंह ने कहा कि बसों को बस स्टैंड के भीतर नहीं आने दिया जाएगा। हालांकि इस दौरान चंडीगढ़ या अन्य बाहरी डिपो की बसें आ-जा सकती हैं। उन्हें बस स्टैंड के बाहर सवारियां उतारनी और चढ़ानी पड़ेंगी। उन्होंने कहा कि इस दौरान बस स्टैंड के गेट बंद कर कर्मचारी प्रदर्शन भी करेंगे।

मांग पूरी होने से पहले बदले अमरिंदर
कॉन्ट्रैक्ट बस कर्मियों ने पहले भी 10 दिन की हड़ताल की थी। तब कैप्टन अमरिंदर सिंह मुख्यमंत्री थे। उस वक्त सहमति बनी कि हड़ताली कर्मचारियों का वेतन 30% बढ़ा दिया जाएगा। इसके अलावा हर साल उनके वेतन में 5% की बढ़ोतरी होगी। इसका नोटिफिकेशन भी नहीं हुआ और अमरिंदर सिंह सीएम की कुर्सी से हट गए। अमरिंदर सरकार ने उन्हें एक हफ्ते के भीतर पक्का करने का भी भरोसा दिया था। उसके बाद पंजाब कांग्रेस की कलह में उनकी मांगें भी ठप हो गईं।

8 हजार कर्मचारी चला रहे 2 हजार बसें
पंजाब में रोडवेज, पनबस और पीआरटीसी की बसें कॉन्ट्रैक्ट पर रखे कर्मचारियों के भरोसे हैं। पंजाब में कॉन्ट्रैक्ट पर इस वक्त 8 हजार कर्मचारी हैं, जो करीब 2 हजार बसें चला रही हैं। वे सरकार की तरफ से नौकरी पर पक्का करने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा बसों का नया फ्लीट लाने के साथ छिटपुट मामलों में बर्खास्त किए कर्मचारियों को नौकरी पर वापस रखने की मांग कर रहे हैं। पिछली सरकार के वक्त उन्हें कैप्टन के घर सिसवां फार्म हाउस का भी घेराव करना पड़ा। जिसके बाद सरकार उनकी मांगों पर राजी हुई थी।

खबरें और भी हैं...