जालंधर में भड़के कोचिंग सेंटर संचालक:कैप्टन सरकार से पूछा, राजनीतिक रैलियां और कान्फ्रेंस हो रही तो फिर उन्हें पढ़ाने की छूट क्यों नहीं?

जालंधरएक वर्ष पहले
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प्रेस क्लब में पदाधिकारियों से बातचीत करते कोचिंग फैडरेशन के सदस्य। - Dainik Bhaskar
प्रेस क्लब में पदाधिकारियों से बातचीत करते कोचिंग फैडरेशन के सदस्य।

कोरोना महामारी रोकने के लिए कोचिंग सेंटर बंद किए जाने पर उनके मालिक व संचालक भड़क उठे हैं। शुक्रवार को प्रेस क्लब में कोचिंग फैडरेशन के नेताओं ने कहा कि अगर राजनीतिक रैलियां और प्रेस कान्फ्रेंस हो रही हैं तो फिर उन्हें पढ़ाने की छूट क्यों नहीं है।

फैडरेशन के पदाधिकारियों ने कहा कि बच्चे पढ़ना चाहते हैं और पेरेंट्स लिखित में भी दे चुके हैं। ऑफलाइन पढ़ाई से बच्चों की आंखें खराब हो रही हैं। वो डिप्रेशन का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में सरकार को तुरंत कोचिंग सेंटरों को पाबंदी के आदेशों से छूट देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके पास 8वीं से 12वीं तक के बच्चे पढ़ते हैं। यह उनके लिए महत्वपूर्ण समय है। कोचिंग सेंटर कोरोना से जुड़ी सैनिटाइजेशन से लेकर सोशल डिस्टेंस व मास्क जैसी सब सावधानियाें का पालन करने को तैयार हैं। सरकार नासमझी में बच्चों का भविष्य खराब करने पर अड़ी हुई है।

अफसर नहीं कर रहे सुनवाई

उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी कोराेना से जुड़ी गाइडलाइंस आती हैं तो अफसर कोई बात सुनने को तैयार नहीं होते। वो इस बारे में अफसरों से मिलकर अपनी बात रखना चाहते थे लेकिन कोई मिलने तक को तैयार नहीं। वो इस संबंध में जल्द डिप्टी कमिश्नर से मिलेंगे।

कैप्टन साहब! बस में बैठकर पढ़ा लें बच्चों को

कोचिंग फैडरेशन के सदस्यों ने कहा कि पंजाब सरकार ने बसों में 50 फीसद सवारी को मंजूरी दी है। सरकार हमें इजाजत दे तो हम भी 52 सीट की बस के भीतर 23 बच्चों को बैठाकर पढ़ा लेते हैं। बस को भी हम सैनिटाइज करेंगे। उन्हाेंने कहा कि अब पूरे पंजाब में कोचिंग सेंटर मालिक एकजुट होकर अगले चुनाव में कांग्रेस का विरोध करने की रणनीति बनाएंगे।