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कैप्टन से कैबिनेट फेरबदल की चर्चा से मुकरे रावत:बोले- फेरबदल का फैसला कांग्रेस हाईकमान लेता है, CM से ऐसी कोई बात नहीं की; उधर सिद्धू भी दिल्ली से खाली हाथ लौटे

जालंधर3 महीने पहले
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कैप्टन अमरिंदर सिंह से मुलाकात के दौरान हरीश रावत। - Dainik Bhaskar
कैप्टन अमरिंदर सिंह से मुलाकात के दौरान हरीश रावत।

कैप्टन-सिद्धू विवाद सुलझाने के लिए पंजाब कांग्रेस इंचार्ज हरीश रावत पंजाब कैबिनेट में फेरबदल की चर्चा से मुकर गए हैं। रावत ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर कर कहा कि उनके और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच बुधवार को हुई बैठक में कैबिनेट में फेरबदल को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई और न ही ऐसी कोई मंशा के साथ मुलाकात की गई थी। रावत ने कहा कि मुझे बड़ा आश्चर्य हुआ, जब मैने एक न्यूज देखी जिसमें कहा जा रहा था कि मैंने और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से पंजाब कैबिनेट में फेरबदल को लेकर चर्चा की है। जबकि बैठक में इसका कोई जिक्र भी नहीं आया। मैं मुख्यमंत्री के पास 2 मुद्दों बात करने गया था, जिसमें कैबिनेट का फेरबदल शामिल नहीं था। मैं यह स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि न मैंने कैबिनेट फेरबदल का जिक्र तक नहीं किया और न कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ऐसी कोई बात की। वैसे भी फेरबदल का फैसला कांग्रेस हाईकमान लेता हैं। उनकी तरफ से ऐसा कोई निर्देश न मुझे प्राप्त हुआ है और मैं समझता हूं कि शायद मुख्यमंत्री जी को भी अभी ऐसे निर्देश नहीं मिले हैं। बता दें कि कैप्टन-सिद्धू विवाद सुलझाने के लिए पंजाब कांग्रेस इंचार्ज हरीश रावत गुरुवार को भी चंडीगढ़ में रहे।

हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर कैप्टन से मुलाकात को लेकर पोस्ट शेयर की है।
हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर कैप्टन से मुलाकात को लेकर पोस्ट शेयर की है।

दिल्ली में हाईकमान से बिना मिले लौटे सिद्धू
दूसरी ओर पार्टी हाईकमान से मिलने गए कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू गुरुवार को बिना मुलाकात के ही दिल्ली से वापस लौट आए हैं। कहा जा रहा है कि सिद्धू ने कांग्रेस हाईकमान से मिलने के लिए वक्त मांगा था लेकिन उन्हें मिलने का समय नहीं मिला। हालांकि उनके समर्थक इसे व्यक्तिगत दौरा भी बता रहे हैं।

बता दें कि पहले चर्चा थी कि कैप्टन कैबिनेट में बदलाव करके बागी मंत्रियों की छुट्‌टी करना चाहते हैं, जिसमें तृप्त राजिंदर बाजवा व सुख सरकारिया का नाम प्रमुख है और सुखजिंदर रंधावा भी इस सूची में शामिल हैं। हालांकि पहले भी रावत भी कह चुके थे कि चुनाव नजदीक होने की वजह से कैबिनेट में बदलाव का यह सही वक्त नहीं है। जब हरीश रावत ने कैप्टन अमरिंदर सिंह से मुलाकात की, तो इसी बीच सिद्धू पार्टी हाईकमान से मिलने दिल्ली पहुंच गए। हालांकि किन्हीं कारणों के चलते हाईकमान से मुलाकात नहीं हो पाई और कैप्टन खेमा इसे सिद्धू को झटके के तौर पर देख रहे है।

कैप्टन के साथ खेल मंत्री राणा सोढ़ी के साथ चर्चा करते हरीश रावत।
कैप्टन के साथ खेल मंत्री राणा सोढ़ी के साथ चर्चा करते हरीश रावत।

रावत से नाराज बागी मंत्री, नहीं की मुलाकात
कैप्टन को कुर्सी से हटाने की मांग करने वाले 3 बागी मंत्री अब अमरिंदर सिंह के बाद हरीश रावत से भी नाराज हो गए हैं। तृप्त राजिंदर बाजवा, सुखजिंदर रंधावा व सुखबिंदर सिंह सुख सरकारिया ने रावत के पंजाब दौरे में उनसे दूरी बना रखी है। पहले यह तीनों मंत्री रावत से मिलने देहरादून गए थे। वह कांग्रेस हाईकमान से मिलना चाहते थे। इसके लिए गुपचुप दिल्ली भी गए थे लेकिन उनकी नाराजगी है कि रावत ने उन्हें हाईकमान से नहीं मिलवाया। जिस वजह से पंजाब दौरे में हरीश रावत से दूरी बनाकर बैठे हैं।

हरीश रावत के चंडीगढ़ पहुंचने पर नवजोत सिद्धू, संगठन महासचिव परगट सिंह, कार्यकारी प्रधान कुलजीत नागरा व पवन गोयल ने स्वागत किया।
हरीश रावत के चंडीगढ़ पहुंचने पर नवजोत सिद्धू, संगठन महासचिव परगट सिंह, कार्यकारी प्रधान कुलजीत नागरा व पवन गोयल ने स्वागत किया।

सिद्धू और कैप्टन समर्थकों के अपने-अपने दावे
कैप्टन के शक्ति प्रदर्शन के लिए सियासी डिनर रखने वाले खेल मंत्री राणा गुरमीत सोढ़ी ने कहा कि पंजाब में मुख्यमंत्री का चेहरा बदलने का मुद्दा खत्म हो चुका है। चाहे हर मंत्री मुख्यमंत्री बनना चाहता हो, लेकिन कैप्टन अमरिंदर की पंजाब में बहुत बड़ी छवि है। कैप्टन 2 बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं, इसलिए उनकी जड़ें हिलाना इतना आसान नहीं है। कैप्टन का कांग्रेस की अगुवाई करनी बहुत जरूरी है। उधर, बगावत कमजोर पड़ने के सवाल पर मंत्री तृप्त राजिंदर बाजवा कह चुके हैं कि आने वाला समय ही बताएगा।

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