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फैसला:कैरी बैग के 7 रुपए वसूले, फोरम ने कहा- स्टोर अपना बैग नहीं लाने देते और कैरी बैग मुनाफे में शामिल है, 8,100 का हर्जाना चुकाओ

जालंधरएक वर्ष पहले
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सुनवाई के दौरान स्टोर की तरफ से दिए गए तर्कों को फोरम ने नकार दिया। - प्रतीकात्मक फोटो - Dainik Bhaskar
सुनवाई के दौरान स्टोर की तरफ से दिए गए तर्कों को फोरम ने नकार दिया। - प्रतीकात्मक फोटो
  • आदित्य बिरला फैशन एंड रिटेल लिमिटेड पैंटालूंस डिवीजन को दिए 30 दिन में हर्जाना चुकाने के आदेश

जालंधर के एक स्टोर को कैरी बैग के 7 रुपए वसूलने महंगे पड़ गए। जालंधर के जिला कंज्यूमर फोरम ने कहा कि स्टोर ग्राहक को अपना बैग नहीं लाने देते और कैरी बैग की कीमत मुनाफे में शामिल रहती है, ऐसे में यह वसूली गैरकानूनी है। उन्होंने स्टोर को 8,100 रुपए का हर्जाना चुकाने के आदेश दे दिए। इसमें शिकायत करने वाले को 2 हजार रुपए मुआवजा, 1100 रुपए केस खर्च देने होंगे और 5 हजार रुपए कंज्यूमर लीगल एड अकाउंट में जमा कराने होंगे। इसके लिए उन्हें 30 दिन का वक्त दिया गया है।

पैसे लेने का विरोध किया तो कैशियर ने किया मिसबिहेव

छोटी बारादरी के रहने वाले मनीत अरोड़ा ने शिकायत दी थी कि उन्होंने लाजपत नगर में माडल टाउन रोड स्थित आदित्य बिरला फैशन एंड रिटेल लिमिटेड पैंटालूंस डिवीजन से सामान खरीदा था। जिसमें उनसे कैरी बैग के 7 रुपए भी वसूले गए। उन्होंने इसका विरोध भी किया कि वह कैरी बैग के पैसे नहीं ले सकते, यह सुनकर कैशियर काउंटर पर बैठे व्यक्ति ने उनसे मिसबिहेव किया।

स्टोर का तर्क- हमने भी बैग खरीदे हैं, सरकार को टैक्स भी दिया

फोरम के नोटिस पर स्टोर ने जवाब दिया कि उन्होंने कैरी बैग के चार्जेस रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की तरफ के नोटिफिकेशन व गाइडलाइंस पर लिए हैं। उन्होंने कहा कि स्टोर भी यह बैग खरीदता है, इसलिए आगे ग्राहकों से पैसे लिए जाते हैं। इस पर उन्होंने सरकार को GST भी अदा किया है। उन्होंने यह भी कहा कि ग्राहक को फ्री कैरी बैग देना उनकी काेई कानूनी बाध्यता नहीं है। यह ग्राहक की मर्जी पर निर्भर है कि वो यह कैरी बैग ले या न ले।

पढ़िए जिला कंज्यूमर फोरम की तल्ख टिप्पणियां....

  • कैरी बैग के चार्जेस ले सकते हैं, ऐसा कोई नियम नहीं : जालंधर के कंज्यूमर फोरम के प्रेजिडेंट कुलजीत सिंह व मेंबर ज्योत्सना ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि स्टोर के कैरीबैग के लिए रिटेलर्स एसोसिएशन के नोटिफिकेशन व गाइडलाइंस व इसमें ग्राहक की मर्जी की बात से सहमत नहीं है। फोरम ने कहा कि कैरी बैग के अलग से चार्जेस नहीं लिए जा सकते, इसके लिए स्टोर कोई नियम भी नहीं बता सका।
  • ग्राहक को अपना बैग नहीं लाने देते तो वैकल्पिक का कोई औचित्य नहीं : ऐसे बड़े स्टोर ग्राहक को अपना बैग लेकर नहीं आने देते। वो जानते हैं कि अगर ग्राहक अपना बैग ले आया तो फिर वह उनका कैरी बैग खरीदने के लिए सहमति नहीं देगा।फोरम ने स्टोर के इन दावों को भी नकार दिया कि कैरी बैग लेना वैकल्पिक है। उन्होंने कहा जब ग्राहक को स्टोर में अपना कैरी बैग नहीं लाने दिया जाता तो फिर यह तर्क उचित नहीं है।
  • पर्यावरण की इतनी चिंता तो फ्री दें पेपर का कैरी बैग : फोरम ने यह भी कहा कि अगर स्टोर प्लास्टिक बैग का इस्तेमाल न करने की बात कहकर पर्यावरण के प्रति इतनी चिंता जताता है तो फिर उसे फिर पेपर कैरीबैग फ्री देना चाहिए।
  • मुनाफे में शामिल कैरी बैग, ग्राहक हर चीज के लिए अलग बैग नहीं ला सकता : कैरी बैग सामान्य तौर पर प्रॉफिट में ही शामिल होता है। यह भी तार्किक नहीं कि ग्राहक किसी स्टोर से खरीदारी के लिए आते वक्त हर चीज के लिए अलग-अलग कैरी बैग लेकर आए।