चन्नी का सिद्धू को उन्हीं के अंदाज में ‘जवाब’:सिद्धू से खटास के बाद पहली बार अमरिंदर से उनके फार्म हाउस पर जाकर मिले चन्नी; पत्नी के अलावा बेटा और बहू भी साथ

जालंधर2 महीने पहले

पंजाब कांग्रेस के प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू और मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के बीच खटास आने के बाद प्रदेश कांग्रेस में नए समीकरण बनते दिख रहे हैं। CM बनने के बाद चन्नी गुरुवार को पहली बार पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से मिलने पहुंचे। चन्नी के साथ उनकी पत्नी और बेटा-बहू भी मौजूद थे।

कैप्टन अमरिंदर को हटाकर ही चन्नी को CM बनाया गया था। चन्नी ने जिस दिन शपथ ली, उसी दिन कैप्टन ने उन्हें लंच पर न्योता दिया था। हालांकि तब उन्होंने व्यस्तता का हवाला देते हुए इनकार कर दिया था। कैप्टन अमरिंदर सिंह और CM चन्नी की मुलाकात कैप्टन के सिसवां फार्म हाउस में हुई।

फिलहाल इस मीटिंग का एजेंडा सामने नहीं आया है, लेकिन ऐसे कयास हैं कि पंजाब की राजनीति में कैप्टन के अनुभव को देखते हुए चन्नी चाहते हैं कि वह पार्टी के साथ बने रहें। इस बीच सियासी गलियारों में ये भी चर्चा है कि चन्नी अब सिद्धू को उन्हीं की भाषा में जवाब देना चाह रहे हैं।

सिद्धू के लिए चिंता का सबब
कुछ महीने पहले जब पंजाब कांग्रेस के इंचार्ज हरीश रावत पार्टी की कलह खत्म कराने चंडीगढ़ पहुंचे थे, तब उन्होंने पहले सिद्धू और चारों कार्यकारी प्रधानों से मुलाकात की और अगले दिन जब रावत को तत्कालीन CM अमरिंदर सिंह से मिलने जाना था तो उसी दिन सिद्धू कांग्रेस हाईकमान से मिलने दिल्ली पहुंच गए थे।

हालांकि तब हाईकमान ने उन्हें मिलने का वक्त नहीं दिया, मगर आखिर में सिद्धू कैप्टन को सीएम की कुर्सी से हटाने में कामयाब हो गए। गुरुवार को जब सिद्धू की दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान के सामने पेशी है तो उससे महज कुछ घंटे पहले सीएम चन्नी का परिवार के साथ कैप्टन को मिलने जाना कांग्रेस के अंदर सिद्धू के लिए चिंता का सबब बन सकता है।

20 सिंतबर को पंजाब के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने वाले चरणजीत चन्नी को उसी दिन अमरिंदर सिंह ने उन्हें अपने फार्म हाउस पर खाने पर बुलाया था। तब चन्नी उनका न्योता ठुकराकर सिद्धू के साथ परगट सिंह के घर खाना खाने चले गए थे।
20 सिंतबर को पंजाब के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने वाले चरणजीत चन्नी को उसी दिन अमरिंदर सिंह ने उन्हें अपने फार्म हाउस पर खाने पर बुलाया था। तब चन्नी उनका न्योता ठुकराकर सिद्धू के साथ परगट सिंह के घर खाना खाने चले गए थे।

दिल्ली पहुंचे सिद्धू, रावत और वेणुगोपाल से मिलेंगे
पंजाब प्रदेश कांग्रेस प्रधान नवजोत सिद्धू गुरुवार शाम को साढ़े बजे नई दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय पहुंच गए। वो बिना किसी से बात किए सीधे अंदर चले गए। सिद्धू की कांग्रेस के पंजाब प्रभारी हरीश रावत और राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ बैठक होनी है।

सूत्रों के अनुसार, इस दौरान सिद्धू की पंजाब सरकार से नाराजगी के अलावा प्रदेश में संगठन के विस्तार पर चर्चा हो सकती है। पंजाब में नई कैबिनेट के शपथ लेने के बाद अब पार्टी हाईकमान का पूरा फोकस साढ़े 4 महीने बाद होने वाले विधानसभा चुनाव पर है। चुनाव से पहले सिद्धू को संगठन मजबूत करने की हिदायतें दी जा सकती हैं।

चन्नी ने की थी अमरिंदर के खिलाफ बगावत
कुछ महीने पहले तत्कालीन CM कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ बगावत करने वाले 4 बड़े मंत्रियों में मौजूदा सीएम चरणजीत सिंह चन्नी भी थे। वह पंजाब में बगावत की जमीन तैयार कर देहरादून तक गए। चन्नी ने जिस दिन मुख्यमंत्री पद की शपथ ली तो कैप्टन ने उन्हें सिसवा फार्म हाउस में लंच का न्योता दिया, मगर चन्नी उनका निमंत्रण ठुकरा कर सिद्धू के साथ विधायक परगट सिंह के घर लंच के लिए चले गए।

सिद्धू और चन्नी के बीच बढ़ रही दूरियां
सीएम चन्नी और सिद्धू के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। सिद्धू लगातार उनकी सरकार पर हमले कर रहे हैं। कभी डीजीपी और एडवोकेट जनरल की नियुक्ति के बहाने तो कभी हाईकमान के एजेंडे के बहाने सिद्धू CM चन्नी पर निशाना साध रहे हैं। इसी वजह से दोनों के बीच दूरियां बढ़ती जा रही हैं। माना जा रहा है कि इसी के चलते चन्नी की कैप्टन से मुलाकात की जमीन तैयार हुई।

सिद्धू से नाराज हाईकमान, कैप्टन को साधने की कोशिश
कांग्रेस हाईकमान इस वक्त नवजोत सिद्धू से नाराज चल रहा है। कैप्टन के विरोध के बावजूद हाईकमान ने सिद्धू को पंजाब कांग्रेस का प्रधान बनाया। उसके बाद सिद्धू और उनके साथियों की जिद पर कैप्टन को सीएम की कुर्सी से हटाया गया।

कांग्रेस को उम्मीद थी कि इसके बाद पंजाब में सब ठीक हो जाएगा और 2022 में कांग्रेस सत्ता में आ जाएगी, लेकिन उससे पहले ही नए मुख्यमंत्री चन्नी और सिद्धू के बीच खटपट शुरू हो गई। कांग्रेस हाईकमान को लगता था कि सिद्धू पंजाब में पार्टी के लिए अहम साबित होंगे, मगर सिद्धू ने नई सरकार के खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया।

ऐसे में कांग्रेस कहीं न कहीं सीएम चरणजीत चन्नी के जरिए कैप्टन को साधने की कोशिश करती हुई लग रही है।

खबरें और भी हैं...