खटैक पर अटैक:सिद्धू के प्रधान बनने के बाद पहली बार सार्वजनिक रूप से मुख्यमंत्री ने जताई नाराजगी

जालंधर3 महीने पहले
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पंजाब कांग्रेस दाे किंग ? - Dainik Bhaskar
पंजाब कांग्रेस दाे किंग ?
  • सिद्धू जब तक माफी नहीं मांगते, नहीं मिलूंगा : कैप्टन
  • सीएम ने कहा- मेरे स्टैंड में कोई बदलाव नहीं आया, सिद्धू ने मुझसे समय नहीं मांगा

मंगलवार को सिद्धू मामले में पहली बार मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सार्वजनिक रूप से कहा कि जब तक सिद्धू माफी नहीं मांगते, उनसे मुलाकात नहीं करेंगे। इस बयान के बाद पंजाब कांग्रेस में महाभारत तय है। अंतर्कलह दूर करने में जुटी कांग्रेस हाईकमान ने सीएम कैप्टन की इच्छा के विपरीत सिद्धू को कांग्रेस प्रधान बनाकर नए विवाद को जन्म दे दिया है।

सीएम के मीडिया सलाहकार की ओर से दी गई जानकारी में कहा गया है कि नवजोत सिंह सिद्धू ने मुलाकात के लिए कोई समय नहीं मांगा है। सीएम से मुलाकात का समय मांगने संबंधी खबरें गलत हैं। सीएम के स्टैंड में कोई बदलाव नहीं आया है और वह तब तक सिद्धू से नहीं मिलेंगे जब तक वह निजी हमले करने वाली अपमानजनक पोस्ट को लेकर सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते। सिद्धू द्वारा सरकार की कार्यप्रणाली पर कई बार सवाल उठाने के कारण सीएम नाराज हैं।

जिक्रयोग है कि तीन महीने तक चली कशमकश के बाद कांग्रेस हाईकमान ने रविवार शाम सीएम का विरोध दरकिनार कर नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब कांग्रेस की कमान सौंपी थी। सिद्धू की मदद के लिए 4 कार्यकारी प्रधान भी बनाए गए हैं। अब सार्वजनिक माफी की मांग पर सीएम के अड़ने से पंजाब कांग्रेस में महीनों से जारी अंतर्कलह और ज्यादा बढ़ सकती है।

मायने... बयान अभी क्यों?
पंजाब कांग्रेस प्रधान सिद्धू बुधवार सुबह श्री दरबार साहिब, दुर्ग्याणा मंदिर और रामतीर्थ में नतमस्तक होने जाएंगे। कहा जा रहा है कि सिद्धू के साथ 30 से ज्यादा विधायक और 5-6 मंत्री हो सकते हैं। यह भी उनके शक्ति प्रदर्शन का प्रयास मानते हुए सीएम ने भी विधायकों और मंत्रियों को मैसेज देने की कोशिश की है कि वह सिद्धू से दूर रहें। सिद्धू के साथ उनकी नजदीकियों से वह नाराज हो सकते हैं।

सीएम VS सिद्धू...

2019 में विभाग छिनने से बढ़ा विवाद
2019 में स्थानीय निकाय विभाग छीने जाने से सिद्धू नाराज हो गए थे। सीएम ने उनको बिजली विभाग दिया था पर दो महीने के बाद भी सिद्धू ने चार्ज नहीं लिया था। इसके बाद उन्होंने इस्तीफा देकर खुलकर कैप्टन का विरोध किया और हाईकमान से नजदीकियां जताईं। हाल ही में बेअदबी कांड और बिजली मुद्दे पर कैप्टन के खिलाफ ज्यादा मुखर दिखे।

ब्रह्म मोहिंदरा बोले- मैं तब तक सिद्धू से नहीं मिलूंगा, जब तक वो सीएम से नहीं मिलते
कैबिनेट में सीनियर मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा ने कहा है कि मैं तब तक सिद्धू से नहीं मिलूंगा, जब तक वे मुख्यमंत्री से नहीं मिलते। ब्रह्म मोहिंद्रा ने कहा कि सिद्धू सीएम के साथ मिलकर अपने मसले निपटाएं। सिद्धू की नियुक्ति का फैसला हाईकमान ने लिया है, इसलिए फैसले का स्वागत है। कैप्टन अमरिंदर सिंह कांग्रेस विधायक दल के नेता हैं और वह पार्टी के प्रति अपने फर्ज से बंधे हैं। कांग्रेस विधायक दल के नेता होने के साथ-साथ मुख्यमंत्री कैबिनेट के प्रमुख भी हैं, जिसका वह हिस्सा हैं। इससे पहले कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा था कि नए प्रधान के साथ मुख्यमंत्री की शुक्रवार तक मुलाकात हो सकती है।

इधर, किसानों से नहीं मिले सिद्धू, विरोध...
खटकड़कलां जाते वक्त सिद्धू को किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा। किसान कृषि कानूनों को लेकर सिद्धू का पक्ष जानना चाहते थे। सिद्धू द्वारा मुलाकात नहीं करने पर किसानों ने नारेबाजी कर रोड जाम किया। बाद में सिद्धू खटकड़कलां में शहीदों को नमन कर अमृतसर लौट गए।

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