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गेस्ट्रोइंटाइटिस:पेट दर्द, उल्टी और दस्त के मरीजों से सिविल अस्पताल का मेडिकल वार्ड फुल, प्लेटलेट्स घटने के मरीज भी बढ़े

जालंधर2 महीने पहले
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सिविल अस्पताल में पर्ची बनवाने के लिए लाइनों में खड़े लोग। - Dainik Bhaskar
सिविल अस्पताल में पर्ची बनवाने के लिए लाइनों में खड़े लोग।
  • रुटीन ओपीडी बढ़ी, जितने मरीज डिस्चार्ज हो रहे, उतने नए आ रहे
  • हेल्थ टीमों ने शहर में पानी के 34 सैंपल लिए, सिर्फ 3 ही पीने लायक निकले

सिटी में बड़ी गिनती में लोगों को पेट खराब होने की शिकायतें आ रही हैं। सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में दूषित पानी पीने और इसी पानी से बनने वाले खाद्य पदार्थों के कारण लोगों को पेट की समस्या के साथ जूझना पड़ रहा है। सिविल अस्पताल में रुटीन में आने वाले मरीजों की ओपीडी में करीब डेढ दर्जन मरीज गेस्ट्रोइंटाइटिस यानी पेट की बीमारियों के आ रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि तीखा दर्द होने के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती करना पड़ रहा है। चार दिन में ही मरीजों की गिनती 40 पार हो चुकी है और सिविल अस्पताल का मेडिकल वार्ड पेट के रोगियों से फुल है। सिविल अस्पताल के मेडिसन स्पेशलिस्ट डॉ. भूपिंदर सिंह का कहना है कि जिन लोगों को पेट की समस्याएं आ रही हैं, उनके ब्लड सैंपल लिए जा रहे हैं।

वहीं, अस्पताल के स्टाफ का कहना है कि रुटीन में जितने मरीज डिस्चार्ज हो रहे हैं, उतने ही नए भी आ जाते हैं। इनमें प्लेटलेट्स कम होने वाले मरीजों की भी संख्या ज्यादा है। राहत की बात है कि अभी तक किसी भी मरीज की वायरल बुखार के कारण मौत नहीं हुई है। उधर, सेहत विभाग की तरफ से सिटी में हाउसिंग बोर्ड काॅलोनी सतनाम नगर, मोहल्ला फेतहपुरा सतनाम नगर, गांधी कैंप, बड़ा पिंड, भाई समुंद सिंह नगर मिट्ठापुर रोड, गुरुद्वारा श्री गुरु रविदास राजा गार्डन आदि इलाकों में ड्रिंकिंग वाटर के कुल 34 सैंपल लिए गए, जिनमें से 25 फेल हुए हैं। इनमें से सिर्फ 3 ही पीने लायक मिले हैं जबकि 3 रिपीट किए गए। हालांकि 3 की रिपोर्ट पेंडिंग है।

पीलिया के मरीजों की हालत बिगड़ रही

शहर के प्राइवेट अस्पतालों में स्वेयर जॉन्डिस (पीलिया) के मरीजों की गिनती बढ़ी है। डॉ. एसपीएस ग्रोवर का कहना है कि इस बार पीलिया के कुछ गंभीर मरीज देखने को मिल रहे हैं। ब्लड टेस्ट रिपोर्ट में इनका बिलीरूबिन 20 से 30 पर आ रहा है, जोकि पहले पीलिया के मरीजों में 5 से 10 के बीच पाया जाता था। इन सभी इन्फेक्शन का मुख्य कारण ही दूषित पानी का सेवन है। इसके लिए लोगों को पानी को उबाल कर पीना चाहिए। इसके अलावा घर में बनने वाला खाना भी उबले पानी में पकाएं। हाफ फ्राई फूड इनफेक्शन का कारण बन सकता है। डॉ. एसपीएस ग्रोवर ने कहा कि दूषित पानी पीने से पीलिया के मरीजों की हालत बिगड़ रही है। उनमें इनफेक्शन काफी रेट ज्यादा आ रहा है। लोगों को इससे बचाव के लिए पीने वाला पानी उबाल कर ही पीना चाहिए।

बरसात के बाद रोगों में हो रहा इजाफा

बरसात होने के बाद एकदम मरीजों की गिनती बढ़ रही है। इसका कारण गंदे पानी का सेवन करना है। दरअसल खाने-पीने की चीजों में बरसात का पानी मिक्स हो जाता है। दिखने में पानी साफ होता है, लेकिन उनमें बैक्टीरिया की पहचान देखकर ही नहीं हो पाती। इसके सेवन से पेट की समस्या खड़ी हो जाती है। डाॅक्टर्स का कहना है कि इन दिनों पेट में गैस, छाती के नीचे सूई चुभने जैसी दर्द की शिकायतें लेकर मरीज पहुंच रहे हैं, जिन्हें उसी समय अस्पताल में दाखिल करना पड़ रहा है। इसके अलावा पेट में इन्फेक्शन के चलते मरीजों को उल्टियां और दस्त की भी शिकायत हो रही है। डाॅक्टर्स का कहना है कि अगर घर से कहीं बाहर जा रहे हैं तो उबले पानी की बोतल साथ लेकर जाएं ताकि बाहरी पानी न पीना पड़े। इसके अलावा गंदी जगह पर बनने वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से गुरेज करें।

इन बातों का रखें ध्यान

बरसात के मौसम में अक्सर लोगों को पेट संबंधी बीमारियों से जूझना पड़ जाता है। खासतौर पर उनको जो बाहर खाना खाते हैं। ऐसे में सावधानियां बरतना जरूरी है।

  • पानी उबालकर पीना चाहिए।
  • जिस पानी में खाना बनाना हो, वह भी उबला होना फायदेमंद है।
  • संतुलित भोजन ही करें।
  • कुछ भी खाने-पीने से पहले हाथ जरूर साफ करें।
  • तली, मसालेदार चीजें न खाएं।
  • नमक-चीनी का घोल या फिर नारियल पानी का सेवन करें।
  • तबीयत बिगड़ रही हो तो तुरंत किसी डॉक्टर के पास पहुंचें।
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