चुनाव नजदीक तो धड़ाधड़ शिलान्यास:44 दिनों में 36.9 करोड़ रुपए के विकास कार्यों को क्लियरेंस, रोज डेढ़ करोड़ तक के कामों के नींवपत्थर

जालंधरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
डीएवी कॉलेज के सामने स्थित फ्रेंड्स कॉलोनी के गेट पर लगा विकास कार्यों का नया नींव पत्थर। - Dainik Bhaskar
डीएवी कॉलेज के सामने स्थित फ्रेंड्स कॉलोनी के गेट पर लगा विकास कार्यों का नया नींव पत्थर।
  • डेढ़ माह में विधायकों ने 58 मोहल्लों में की कामों की इनॉग्रेशन
  • काम ज्यादा समय कम, ठेकेदार भी ओवरलोडेड, अभी शुरुआत हो तो भी अगले साल मिलेगी सुविधा

चमकदार लाल रंग... काला पत्थर और सुनहरी अक्षरों में लिखा विधायक का नाम। साथ ही नामों में भी सियासत पूरी- इलाके का कौंसलर कांग्रेसी है तो नीचे उसका नाम अंकित है और अगर अकाली-भाजपाई है तो उसकी जगह समूह वार्ड निवासियों का जिक्र। इन दिनों जिस किसी काॅलोनी में चले जाएं, रास्ते में विकास कार्यों का नया नींवपत्थर जरूरत दिखेगा। हर हफ्ते सिटी के विधायक 10 से 15 नए नींवपत्थर रख रहे हैं। एक नवंबर से अब तक इनकी गिनती 60 से पार चली गई है।

विकास कार्यों में जहां देरी से मोहल्लोें के लोग परेशान रहे थे तो चुनावी कोड ऑफ कंडक्ट लगने से पहले एक नवंबर से 13 दिसंबर तक 36.9 करोड़ के विकास कार्यों के वर्कऑर्डर जारी कर दिए गए हैं। निगम ने 8 फाइनेंस एंड कांट्रैक्ट कमेटी की बैठक करके मंजूरी प्रदान की है। माॅडल टाउन में मेयर हाउस विकास कार्यों की फाइलों को निपटाने का सेंटर बन गया है।

लोगों की नाराजगी से बचने को विकास पर फोकस

पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नींवपत्थर लगाने का कल्चर खत्म किया था, लेकिन अब कांग्रेस नेता रोजाना वार्डों में काॅलोनियों में जाकर पार्कों, सीवरेज, पानी व बाकी कामों का नींवपत्थर रख रहे हैं। निगम के जानकार बताते हैं कि पहले पूरा साल केवल मुख्य सड़कों को बनाने व स्मार्ट सिटी के बड़े प्रोजेक्टों के जरिये ही विकास की कहानी बता रहे थे, लेकिन मैदानी स्तर पर काॅलोनियों के भीतर की दिक्कतों के हल को लेकर लगातार देरी होती रही, अब लोगों की नाराजगी से बचने पर फोकस किया है। नवंबर में ही राज्य सरकार ने करीब 20 करोड़ अतिरिक्त जारी किए, ताकि बचे हुए काम पूरे किए जा सकें। दिक्कत यह है कि निगम के ठेकेदार ओवरलोडेड हैं। जनवरी में चुनाव आचार संहिता के आसार हैं और सीमित समय में सभी कामों को पूरा करना संभव नहीं है। जो काम अलाॅट हुए हैं, उन्हें निपटाने में ही 3 से 6 महीने लगेंगे। ऐसे में अब शुरू हुए कामों का सुख भी 2022 में ही मिलेगा।

जिस कॉलोनी का प्रोजेक्ट बना, उसका पूरा होना तय- मेयर

उधर, इस संबंध में मेयर जगदीश राज राजा का कहना है कि फाइनेंस एंड कांट्रेक्ट कमेटी ने जो-जो काम मंजूर किए हैं, उन्हें पहले हाउस ने मंजूर किया गया है। उसके बाद एस्टीमेट बने और टेंडरिंग का प्रोसेस पूरा किया है। इस तरह अब काम शुरू हो जाएंगे। जिस काॅलोनी के लिए प्रोजेक्ट बना है, उसका पूरा होना तय है। फंड की भी कोई कमी नहीं रही है। नगर निगम का विकास कार्यों के भुगतान को लेकर पैसा चुकाने में भी किसी प्रकार का कोई संकट नहीं है।

खबरें और भी हैं...