लाल लकीर में रहने वाले बनेंगे घर के मालिक:CM चन्नी ने पंजाब में शुरू की 'मेरा घर-मेरे नाम' स्कीम; बोले- हमारा पैतृक घर भी पिता के नाम पर नहीं है

जालंधर4 महीने पहले
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पत्रकारों से बातचीत करते मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी। - Dainik Bhaskar
पत्रकारों से बातचीत करते मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी।

पंजाब में लाल लकीर वाली जमीन पर रहने वाले लोग अब उस घर के मालिक बनेंगे। पंजाब सरकार ने इसके लिए 'मेरा घर-मेरे नाम' स्कीम शुरू की है। सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस स्कीम पर मुहर लगा दी गई। इसके बाद सीएम चरणजीत चन्नी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पहले यह स्कीम सिर्फ गांवों तक सीमित थी, लेकिन अब इसे शहरों में भी लागू किया जाएगा। सीएम चन्नी ने अपने पैतृक घर की बात भी बताई। उन्होंने कहा कि उनका घर भी लाल लकीर में है, इसलिए आज भी वह घर उनके पिताजी के नाम पर नहीं है।

उन्होंने कहा कि ड्रोन के जरिए पंजाब सरकार नक्शा तैयार करेगी। जिसे उस गांव या शहर के हिस्से के बाहर लगा दिया जाएगा। अगर किसी को ऐतराज हो तो वह 15 दिन के भीतर बता सकता है। इसके बाद लोगों को उस जमीन का मालिक बना दिया जाएगा। इसके बाद वो उस पर लोन लेने के अलावा उसे बेच भी सकेंगे। इसके अलावा पंचायती जमीनों को भी चिन्हित कर दिया जाएगा।

कैबिनेट की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी व अन्य मंत्री
कैबिनेट की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी व अन्य मंत्री

NRIs के लिए बड़ा फैसला
सीएम चन्नी ने कहा कि पंजाब में जहां भी NRIs की जमीन या मकान हैं उन्हें भी चिन्हित कर जमीन के रिकॉर्ड में दर्ज कर दिया जाएगा। इसके बाद कोई भी उसके मालिकाना हक में हेर-फेर नहीं कर सकेगा। यह फैसला इसलिए अहम है क्योंकि NRIs की जमीनों पर लगातार कब्जों के मामले सामने आते हैं। जिसके बाद उन्हें प्रॉपर्टी छुड़वाने के लिए पुलिस और कोर्ट के चक्कर काटने पड़ते हैं।

2 किलोवॉट तक हर कैटेगरी के बिल माफ
सीएम चन्नी ने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार के 2 किलोवॉट तक बिजली के पुराना बकाया बिल सभी के लिए माफ किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह फैसला किसी एक धर्म और जाति के लिए नहीं है, बल्कि सभी कैटेगरी के परिवारों को इसका लाभ मिलेगा।

अफसरों से मुझे काम लेना आता है
सरकार की स्कीमों को जमीनी स्तर पर लागू करने में अफसरशाही की दिलचस्पी न होने के सवाल पर भी सीएम चन्नी ने स्पष्ट जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वह 3 बार पार्षद रहे हैं। इसलिए उन्हें पता है कि सफाई और नाली ठीक कैसे होती है। उन्होंने जमीनी स्तर पर काम किया है। इसलिए उन्हें अच्छी तरह से पता है कि अफसरों से कैसे काम लेना है।

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