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नायब तसीहलदार पोस्ट पर प्रमोशन की 'कन्ट्रोवर्सी':डिवीजनल कमिश्नर ऑफिस कर्मियों के कोटा मांगने पर भड़की DC कर्मचारी यूनियन, बोली- यह ऑफिस सफेद हाथी, सरकार बंद करे

जालंधर2 महीने पहले
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जालंधर डिवीजनल कमिश्नर ऑफिस। - Dainik Bhaskar
जालंधर डिवीजनल कमिश्नर ऑफिस।

नायब तहसीलदार प्रमोशन को लेकर DC व डिवीजनल कमिश्नर ऑफिस के कर्मचारियों में ठन गई है। DC ऑफिस कर्मचारी यूनियन ने इसका कड़ा विरोध करते हुए कमिश्नर ऑफिस खत्म ही करने की मांग उठा दी है। यह विवाद तब शुरू हुआ, जब DC ऑफिस कर्मचारी यूनियन ने मांग की कि सीनियर असिस्टेंट से नायब तहसीलदार की प्रमोशन की जाए। यह अधिकार डिवीजनल कमिश्नर के पास होता है। प्रधान तेजिंदर सिंह कहते हैं कि पंजाब सरकार इससे सहमत भी हो गई थी लेकिन डिवीजनल कमिश्नर ऑफिस के कर्मचारियों ने प्रस्ताव पास कर दिया कि इसमें उन्हें भी कोटा दिया जाए। इसके बाद पूरे फैसले पर ही रोक लग गई। जिसका उन्होंने कड़ा विरोध जताया है।

DC ऑफिस कर्मचारी यूनियन के प्रधान तेजिंदर सिंह।
DC ऑफिस कर्मचारी यूनियन के प्रधान तेजिंदर सिंह।

रेवेन्यू, रजिस्ट्रेशन व फील्ड की हमें जानकारी

DC ऑफिस कर्मचारी यूनियन के प्रधान तेजिंदर सिंह ने कहा कि नायब तहसीलदार से जुड़ा काम की हमारे कर्मचारियों को बेहतर जानकारी है। हम लोग रेवेन्यू व रजिस्ट्रेशन से लेकर फील्ड से जुड़ा काम करते हैं। इसी वजह से यह मांग उठाई गई थी। उन्होंने भी सीनियर असिस्टेंट से नायब तहसीलदार की मांग उठा दी। यह जायज नहीं है क्योंकि सीधे तौर पर उनका हमारी मांग से कोई लेना-देना नहीं था।

डाकिया बनकर रह गया डिवीजनल कमिश्नर ऑफिस

जालंधर डिवीजनल कमिश्नर के अधीन अमृतसर, कपूरथला, तरनतारन, जालंधर, गुरदासपुर, पठानकोट हाेशियारपुर यानी कुल 7 जिले आते हैं। DC ऑफिस यूनियन के मुताबिक सुपरिटेंडेंट ग्रेड वन की प्रमोशन, नायब तहसीलदार की नियुक्ति व बदली का अधिकार कमिश्नर ऑफिस से लेकर माल महकमे को दिया जा चुका है। ऐसे में कमिश्नर ऑफिस को रखना वाजिब नहीं है। इस ऑफिस का काम सरकार से मांगी रिपोर्ट के पत्र DC ऑफिस को भेजने और फिर DC ऑफिस से भेजी रिपोर्ट सरकार को भेजने के अलावा कोई काम नहीं है। ऐसे में डाकिया का रोल अदा कर रहा यह ऑफिस सफेद हाथी बनकर रह गया है।