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पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप पर बड़ा फैसला:DC ने पुलिस कमिश्नर को लिखा पत्र, स्टूडेंट्स की डिग्री-सर्टिफिकेट रोकने वाले कॉलेजों पर दर्ज करो SC/ST एक्ट की FIR

जालंधर6 महीने पहले
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DC घनश्याम थोरी। - Dainik Bhaskar
DC घनश्याम थोरी।
  • बार-बार हो रहे प्रदर्शन को देखते हुए उठाया गया कदम
  • गुरुवार को भी सड़कों पर उतरे थे स्टूडेंट्स

पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप को लेकर स्टूडेंट्स को हो रही परेशानी पर DC घनश्याम थोरी ने बड़ा फैसला किया है। उन्होंने गुरुवार को पुलिस कमिश्नर को पत्र भेजा कि जो भी कॉलेज स्टूडेंट्स के डिग्री और सर्टिफिकेट रोक रहे हैं, उनके खिलाफ SC/ST एक्ट का केस दर्ज किया जाए। अगर कमिश्नरेट पुलिस सही मायने में इन आदेश को लागू करेगी तो निश्चित तौर पर मनमानी कर रहे कॉलेज प्रबंधकों के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी हो सकती है। जिससे इस आदेश के बाद उनमें हड़कंप मचा हुआ है।

DC घनश्याम थोरी ने बताया कि स्कॉलरशिप को लेकर स्टूडेंट्स को बार-बार प्रदर्शन करने के साथ समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसके लिए उन्होंने प्रशासनिक अफसरों और पुलिस की कमेटी बनाई थी। इसमें जिला अटॉर्नी की भी राय ली गई तो उन्होंने ऐसे कॉलेज वालों के खिलाफ केस दर्ज करने की सिफारिश की थी, जो स्टूडेंट्स की डिग्री और सर्टिफिकेट रोक रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग की तरफ से सभी वाइस चांसलरों को हिदायत दी गई थी।

ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स ने किया था फैसला

पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप को लेकर ग्रुप ऑफ मिनिस्टर ने फैसला किया था कि इसकी पेंडिंग अदायगियों के बारे में सरकार अलग तौर पर विचार कर रही है। ऐसे में इनकी आड़ में SC स्टूडेंट्स की रोकी डिग्री, सर्टिफिकेट और अन्य दस्तावेज बिना किसी अंडरटेकिंग व फीस के 3 दिन के भीतर रिलीज करने को कहा गया था। इसमें आनाकानी करने वालों के खिलाफ विभागीय व कानूनी कार्रवाई के आदेश दिए गए थे।

क्या प्रशासन ने पुलिस के पाले में डाली गेंद?

इस मामले में बड़ा सवाल अब यह है कि सभी कॉलेज वाले ऊंची पहुंच रखते हैं। ऐसे में प्रशासन उनके खिलाफ कड़े कदम नहीं उठा पा रहा था। यही वजह है कि प्रदर्शन करने वाले स्टूडेंट्स से मिलने में भी अफसर आनाकानी करते थे, क्योंकि कार्रवाई नहीं हो पाती थी। हालांकि DC के इस पत्र के बाद साफ है कि गेंद अब कमिश्नरेट पुलिस के पाले में है। अभी तक प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे थे, लेकिन अब अगर कहीं डिग्री रोकी जाती है और उसकी शिकायत आती है तो कार्रवाई न करने पर कमिश्नरेट पुलिस को परेशान स्टूडेंट्स के गुस्से का शिकार होना पड़ेगा।