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  • Demonstration Of NHM Workers In Jalandhar, Said From Emergency Duty To Sampling And Vaccination, The Government Is Threatening

CM ने 'बकवास' कहा तो भड़के कोरोना योद्धा:जालंधर में NHM वर्करों का प्रदर्शन, बोले- इमरजेंसी ड्यूटी से लेकर सैंपलिंग और वैक्सीनेशन कर रहे, सरकार धमका रही

जालंधर5 महीने पहले
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जालंधर में सिविल सर्जन ऑफिस के बाहर प्रदर्शन करते नेशनल हेल्थ मिशन वर्कर। - Dainik Bhaskar
जालंधर में सिविल सर्जन ऑफिस के बाहर प्रदर्शन करते नेशनल हेल्थ मिशन वर्कर।

पक्का करने की मांग को लेकर मंगलवार को नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) वर्करों ने सिविल सर्जन ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि वो कोरोना वार्ड में एमरजेंसी ड्यूटी से लेकर कोविड सैंपलिंग व वैक्सीनेशन की ड्यूटी कर रहे हैं। इसके बावजूद सरकार उन्हें नौकरी पर पक्का नहीं कर रही। उन्होंने मंगलवार को सभी ड्यूटी का बहिष्कार किया। उन्होंने CM कैप्टन अमरिंदर सिंह के उस प्रतिक्रिया पर भी कड़ा विरोध जताया, जिसमें हड़ताल करने वालों को नौकरी से निकालने की चेतावनी दी गई थी। उन्होंने कहा कि एक तरफ उन्हें कोरोना योद्धा कहा जाता है तो दूसरी तरफ इस तरह का व्यवहार किया जा रहा है।

पंजाब में 9 हजार वर्कर, कोरोना काल से ही डटे ड्यूटी पर

NHM इंप्लाइज एसोसिएशन के डॉ. योगेश व पलविंदर कौर ने कहा कि पंजाब में 9 हजार वर्कर हैं। कोई 12 तो कोई 15 साल से ड्यूटी कर रहा। कई वर्करों की कांट्रेक्ट पर ही रिटायर होने की उम्र हो गई है। महज 10 से 15 हजार की सैलरी देकर उनका खून निचोड़ा जा रहा है। हरियाणा सरकार ने 2018 से NHM वर्करों को रेगुलर कर्मचारियों के बराबर सैलरी देनी शुरू की है। इस मौके परमवीर, डॉ. राजकुमार, सतीश कुमार, दीपक, रोहित कुमार, डॉ. सुरभि, नीलम, सर्बजीत कौर, राजवंत कौर, ज्योति बाला, जतिंदर कौर, पलविंदर कौर, कल्पना आदि मौजूद थे।

ANM कल्पना
ANM कल्पना

सैंपलिंग के वक्त लोग पानी-कुर्सी तक नहीं पूछते, घर में बच्चों से मिलने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है....

नेशनल हेल्थ मिशन में ANM कल्पना ने कहा कि जब से कोराेना महामारी शुरू हुई, वो लगातार ड्यूटी पर डटी हैं। कोरोना वार्ड में एमरजेंसी ड्यूटी कर रही हैं। घंटों PPE किट पहननी पड़ती है। जब कभी माइक्रो कंटेनमेंट जोन में सैंपलिंग करने जाते हैं तो लोग कुर्सी तक नहीं देते। कभी हम पानी की बोतल घर भूल जाएं तो वहां हमारी पहनी PPE किट देख लोग पानी तक नहीं पूछते। घर जाते हैं तो बच्चों से मिलने के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। हम अपने परिवार को भी खतरे में डालकर ड्यूटी कर रहे हैं। कोरोना में 500 वर्कर पॉजिटिव आए।

कपूरथला की कर्मचारी सुरिंदर कौर ने 5 लाख कर्जा उठा इलाज कराया। सरकार ने कोई मदद नहीं की। गुरदासपुर व जालंधर में 2-2 कर्मचारी कोरोना से मर चुके हैं। गुरदासपुर के एक कर्मचारी के पॉजिटिव आने से उनके माता-पिता की भी पॉजिटिव होकर मौत हो गई। अब सरकार उनकी जायज मांगों को सुनने की जगह नौकरी से निकालने की धमकी दे रही है। वो संघर्ष से पीछे नहीं हटेंगे।