काम का प्रोसेस जाना:ऑक्सीजन के खाली सिलेंडरों का प्रबंध करने के लिए उत्पादन केंद्रों में पहुंचे डीईटीसी

जालंधर7 महीने पहले
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धोगड़ी गांव के इंडस्ट्रियल जोन में आॅक्सीजन उत्पादन केंद्र में डीईटीसी परमजीत सिंह को प्लांट का प्रोसेस समझाते विकास धीर व अन्य। - Dainik Bhaskar
धोगड़ी गांव के इंडस्ट्रियल जोन में आॅक्सीजन उत्पादन केंद्र में डीईटीसी परमजीत सिंह को प्लांट का प्रोसेस समझाते विकास धीर व अन्य।
  • जालंधर के उत्पादन केंद्रों में 3000 ऑक्सीजन गैस सिलेंडर उपलब्ध

कोरोना वायरस के बढ़ते हुए मामलों के बीच जालंधर प्रशासन ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार मंथन कर रहा है। जीएसटी विभाग के डीईटीसी परमजीत सिंह ने जालंधर में हो रही ऑक्सीजन की आपूर्ति, डिमांड और उपलब्ध स्टॉक का स्टेटस देखा है। वे बुधवार को धोगड़ी इंडस्ट्रियल जोन में शक्ति क्रायोजेनिक के उत्पादन केंद्र में पहुंचे थे। उनके साथ जालंधर इंडस्ट्रियल फोकल पाॅइंट एक्सटेंशन एसोसिएशन के प्रधान नरिंदर सग्गू व उद्योग नगर के प्रधान तेजिंदर सिंह भसीन भी थे।

टैक्स अधिकारी जानना चाहते हैं कि जालंधर के अंदर कितनी संख्या में प्राणवायु के खाली सिलेंडर मिल सकते हैं। उन्हें बताया गया कि फिलहाल करीब 3000 सिलेंडर उत्पादन केंद्रों के पास हैं। इसके अलावा उत्पादन केंद्रों के वेंडर तथा पुराने इंडस्ट्री संचालक भी अपने सिलेंडर रखते हैं। उत्पादन केंद्र के संचालक विकास कुमार ने डीईटीसी परमजीत सिंह को बताया कि किस प्रकार रात दिन उत्पादन हो रहा है। उत्पादन केंद्र से वेंडर्स की लिस्ट मांगी गई है, जो गैस की सप्लाई से जुड़े हैं या फिर उसका खपत कर रहे हैं। विकास ने यह दिक्कत भी बताई है कि जो लिक्विड ऑक्सीजन उनके प्लांट में आती है, उसकी कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हो रही है।

जिला प्रशासन ने पत्र जारी कर उद्यमियों और एजेंसी संचालकों को अपील की है कि वह अपने सिलेंडर कोरोना पीड़ितों की सेवा के लिए दें। इन सारे सिलेंडर का इस्तेमाल जालंधर में किया जाएगा। अधिकारी सिलेंडरों के सही इस्तेमाल और सुरक्षा को लेकर सारा प्रबंध करेंगे।

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