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आतंकवाद को दोबारा सिर नहीं उठाने देंगे:पुलिस स्मृति दिवस पर बोले डीजीपी, जालंधर में परिजनों को हर संभव मदद का आश्वासन

जालंधर2 महीने पहले
पीएपी में पुलिस शहीदी दिवस पर सलामी लेते डीजीपी गौरव यादव

पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि पुलिस लोगों की सुरक्षा और राज्य की अमन शांति के लिए प्रतिबद्ध है। आतंकवाद को दोबारा फिर से पंजाब में सिर नहीं उठाने दिया जाएगा। डीजीपी ने कहा कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई हालांकि राज्य का माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है, लेकिन उसके मंसूबों को कामयाब नहीं होने देंगे।

शहीदों के परिवारों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनते हुए।
शहीदों के परिवारों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनते हुए।

डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि जो भी राज्य की अमन शांति को खराब करने की कोशिश करेगा उसका कानूनी समेत हर तरीके से डटकर मुकाबला किया जाएगा। राज्य की सुरक्षा, अमन-शांति से किसी को भी खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा। राज्य में मिल रही हथियारों की खेपों पर डीजीपी ने कहा कि पुलिस राज्य और केंद्रीय एजेंसियों के साथ तालमेल करके काम कर रही है।

पाकिस्तान से आ रही हथियारों की खेप
उन्होंने कहा कि हथियारों की जितनी भी खेपें मिल रही हैं यह सारी पाकिस्तान से आ रही हैं। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई विभिन्न माध्यमों से पंजाब में भेज रही है, लेकिन केंद्रीय और राज्य की एजेंसियों बीएसएफ के साथ तालमेल करके इन्हें त्वरित कार्रवाई करते हुए लगातार पकड़ा जा रहा है। पड़ोसी देश पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है, लेकिन उसे कामयाब नहीं होने देंगे।

शहीदों को श्रद्धांजलि
आज जालंधर में आने के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि वह पंजाब पुलिस समेत केंद्रीय पुलिस बल के शहीद हुए जवानों को प्रणाम करने और उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए आए थे। उन्होंने कहा कि उनका एक मकसद यहां पर शहीदों के परिवारों से मिलना उनकी समस्याओं को सुनना उन्हें हल करना था।

पंजाब पुलिस के शहीदों की तस्वीरें देखते डीजीपी
पंजाब पुलिस के शहीदों की तस्वीरें देखते डीजीपी

जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दी
राज्य के शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने कहा कि पंजाब पुलिस एक असाधारण बल है जिसने शांत और अशांत वातावरण में देश की सेवा की है। उन्होंने कहा कि सितंबर 1981 से अगस्त 1992 की अवधि के दौरान 1792 पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों ने आतंकवाद से लड़ते हुए अपने प्राणों की आहुति दी। शहीद हुए कुल 1792 पुलिस अधिकारियों में पंजाब पुलिस के 1604 अधिकारी और जवान शामिल हैं, जबकि शेष 188 केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान हैं।

बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने देंगे
इस अवसर पर बोलते हुए, डीजीपी पंजाब गौरव यादव ने शहीदों के परिवारों को पंजाब सरकार और पंजाब पुलिस से पूर्ण सहयोग और समर्थन का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, 'हम अपने वीरों के बलिदान को व्यर्थ नहीं जाने देंगे। मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि पंजाब पुलिस सीमावर्ती राज्य में शांति और सद्भाव सुनिश्चित करने के लिए पूरी लगन और वीरता के साथ काम करना जारी रखेगी।

स्मृति स्थल पर श्रद्धांजलि देते डीजीपी
स्मृति स्थल पर श्रद्धांजलि देते डीजीपी

दो मिनट का मौन भी रखा
पीएपी परिसर में पुलिस शहीद स्मारक पर एक विस्तृत स्मारक परेड का आयोजन भी किया गया। इस दौरान डीजीपी पंजाब ने सलामी ली। इसके बाद इस वर्ष शहीद हुए पुलिस बल के सभी 261 शहीदों के नाम 80वीं बटालियन के कमांडेंट द्वारा पढ़कर सुनाए गए। उन्हें याद करने के लिए दो मिनट का मौन भी रखा गया और बाद में वरिष्ठ अधिकारियों ने शहीद स्मारक पर माल्यार्पण किया। समारोह के बाद डीजीपी ने शहीदों के परिवारों से मुलाकात की और सहानुभूतिपूर्वक उनकी बात सुनी. उन्होंने पंजाब पुलिस को शहीदों के परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया।