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  • Divorced NRI Wife Became The Half Mistress Of The Precious Flat In TDI City Of Mahali With Fake Papers, If She Wanted To Sell It In Jalandhar, Then The Secret Was Revealed.

रिश्ता खत्म, लालच बरकरार:फर्जी कागजों से मोहाली की TDI सिटी में कीमती फ्लैट की आधी मालकिन बनी तलाकशुदा NRI पत्नी, जालंधर में बेचना चाहा तो खुला राज

जालंधरएक महीने पहले
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आरोपी तलाकशुदा NRI पत्नी, उसके दूसरे पति व ससुर पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। - प्रतीकात्मक फोटो - Dainik Bhaskar
आरोपी तलाकशुदा NRI पत्नी, उसके दूसरे पति व ससुर पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। - प्रतीकात्मक फोटो

तलाकशुदा NRI पत्नी ने दोबारा शादी रचाई और फिर दूसरे पति व ससुर के साथ मिलकर पहले पति के मोहाली स्थित टस्कन रेजिडेंसी TDI इन्फ्राटेक लिमिटेड के कीमती फ्लैट की आधी मालकिन बन गई। इसके लिए एग्रीमेंट में हेराफेरी की। हालांकि जब उसे बेचने के लिए प्रॉपर्टी डीलर के जरिए वो असल मालिक के घर पहुंचे तो इसका राज खुल गया। पंजाब पुलिस के NRI विंग ने इसकी जांच की और फिर पत्नी, उसके नए पति व ससुर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

बेटे के नाम पर लिया था TDI सिटी में फ्लैट

जालंधर कुंज के रहने वाले सतिंदर सिंह ढिल्लो ने बताया कि वह कैनेडियन सिटीजन हैं। उनके बेटे संदीप ढिल्लो की बलजीत कौर से शादी हुई थी। करीब 4 साल पहले उनका कनाडा में ही लीगल तौर पर तलाक हो गया। तलाक के बाद बलजीत ने अमृतसर के लोहारका रोड स्थित इंपीरियल सिटी के मूल निवासी सुखराज बहादुर सिंह के साथ शादी कर ली। सुखराज भी कनाडा में ही रहता है। उनके बेटे के नाम पर मोहाली में TDI सिटी सेक्टर 110-111 में 3 बैडरूम फ्लैट नंबर 294 है।

दस्तावेज निकलवा बनी आधे फ्लैट की जाली मालकिन, जालंधर लौटने पर चला पता

उन्होंने बलजीत कौर, उसके दूसरे पति सुखराज बहादुर व ससुर गुरदीप सिंह पर आरोप लगाया कि उन्होंने इस फ्लैट के दस्तावेज कहीं से ले लिए। जिसके बाद बलजीत कौर को बेटे के साथ सांझा खरीददार बता दिया। फिर उसके ससुर गुरदीप ने यह फ्लैट बिक्री के लिए लगा दिया। जब वह कनाडा से जालंधर कुंज में आए तो उनके केयरटेकर शमशेर सिंह ने बताया कि दो व्यक्ति आए थे और कह रहे थे कि बलजीत कौर के ससुर गुरदीप सिंह उस फ्लैट का आधा हिस्सा बेचना चाहते हैं। अगर वो भी अपना हिस्सा बेच दें तो वो पूरा फ्लैट खरीद लेंगे। तब उन्हें समझ आया कि फ्लैट के आधे हिस्से के लिए जालसाजी की गई है।

पुलिस की जांच, एग्रीमेंट में सांझे तो फिर रजिस्ट्री सांझे नाम पर क्यों नहीं हुई?

पुलिस ने जांच रिपोर्ट में बताया कि बलजीत कौर तलाक के बाद घर छोड़ते वक्त फ्लैट का असली एग्रीमेंट साथ ले गई थी। जिसके बाद उसने संदीप ढिल्लो के नीचे अपने भी साइन कर दिए। फिर साठगांठ कर TDI से रिकॉर्ड निकलवाया और फ्लैट बेचने के लिए लगा दिया। पुलिस के मुताबिक इस फ्लैट का कब्जा संदीप ढिल्लो के पास है और रजिस्ट्री भी सिर्फ उसी के नाम पर है। अगर दोनों सांझे मालिक हाेते ताे रजिस्ट्री दोनों के नाम पर होनी चाहिए थी।

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