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भारत बंद से बढ़ेगी जनता की मुश्किल:दोआबा किसान संघर्ष कमेटी का जालंधर में ऐलान; 26 मार्च को दूध-सब्जी की सप्लाई भी रोकेंगे किसान

जालंधर10 महीने पहले
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पत्रकारों से बातचीत करते दोआबा किसान संघर्ष कमेटी के नेता। - Dainik Bhaskar
पत्रकारों से बातचीत करते दोआबा किसान संघर्ष कमेटी के नेता।
  • केंद्र सरकार के कृषि सुधार कानूनों के विरोध में दिल्ली बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा ने किया है बंद का आह्वान
  • संघर्ष कमेटी नाजमदीनपुर में करेगी रेलवे ट्रैक व सड़क जाम

संयुक्त किसान मोर्चा के भारत बंद के आह्वान पर दोआबा किसान संघर्ष कमेटी 26 मार्च के बंद को कामयाब बनाने के लिए दूध-सब्जी की सप्लाई भी बंद करेगी। शुक्रवार को जालंधर के पंजाब प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत में कमेटी नेताओं ने यह ऐलान किया। उन्होंने कहा कि बंद के दिन मेडिकल एमरजेंसी को छोड़कर सभी तरह की सेवाएं बंद की जाएंगी। दूध की सप्लाई लोग पहले ही रख लें, बंद के दिन दूध सप्लाई नहीं होने दी जाएगी। इसके अलावा उस दिन सब्जी मंडी भी बंद रखी जाएगी। जिन्हें जरूरत है, वो एक दिन पहले ही इसे खरीदकर रख लें और बंद में सहयोग करें।

संघर्ष कमेटी के इस ऐलान से भारत बंद के दिन आम जनता की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इस मौके दविंदर सिंह, बलजीत सिंह घोड़ावाही, परमिंदर सिंह, मनजिंदर सिंह, ओंकार सिंह, राजविंदर सिंह, गुरविंदर सिंह आदि किसान नेता मौजूद थे। उन्होंने कहा कि बंद के दिन पठानकोट रोड पर नाजमदीनपुर में रोड व ट्रेनों की आवाजाही रोकी जाएगी।

23 मार्च को खटकड़कलां में महापंचायत

किसान नेताओं ने कहा कि आगामी 23 मार्च को शहीद ए आजम भगत सिंह, राजगुरु व सुखदेव के शहीदी दिवस पर खटकड़कलां में महापंचायत कराई जाएगी। किसान बड़ी संख्या में वहां पहुंचकर इस समागम में हिस्सा लेंगे।

किसानों को सीधा पेमेंट आंदोलन को दबाने की कोशिश

किसान नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार का किसानों को गेहूं खरीद का पैसा सीधे उनके अकाउंट में ट्रांसफर करने की योजना आंदोलन को दबाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि फसल की अदायगी सीधे किसान के मामले में सच्चाई यह है कि सिर्फ 9 लाख किसान ही अपनी जमीन में खेती करते हैं। 16 लाख किसान ऐसे हैं, जिनके पास 2 या 3 एकड़ जमीन है लेकिन खेती के लायक नहीं है। उसके लिए मशीनरी व तकनीक की जरूरत होती है। ऐसे में उसे मजबूरीवश ठेके पर देना पड़ता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सीधे पेमेंट के बजाय उसे अदायगी करे, जो वहां खेती करता है।

नई शर्तें लगा MSP को तोड़ गेंहू खरीद से भाग रही सरकार

उन्होंने कहा कि सरकारी खरीद सिस्टम को तोड़ने के लिए फूड कार्पोरेशन ऑफ इंडिया (FCI) गैरजरूरी शर्तें लगा रहा है। नई शर्तों के मुताबिक गेहूं का टोटा 4 % से घटाकर 2% कर दिया गया है। इस बार खरीदी जाने वाली गेंहू के लिए नमी की दर 14% से घटाकर 12% कर दी गई है। इसके अलावा गेहूं में मिट्‌टी आदि 4% से 0% कर दिया गया है। यह सभी शर्तें MSP को तोड़ने के लिए अपनाई जा रही हैं। सरकार गेंहू की खरीद नहीं करना चाहती।

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