सरपंचों ने अपने विकास पर खर्च दिए पैसे:जालंधर की 2 पंचायतों में भ्रष्टाचार का मामला, विजिलेंस को भेजी गई शिकायत

जालंधर6 महीने पहले
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प्रतीकात्मक तस्वीर - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक तस्वीर

पंजाब के जालंधर जिले की दो पंचायतों में विकासात्मक कार्यों में भ्रष्टाचार होने के मामले सामने आए हैं। इन पंचायतों के सरपंचों ने गांव के विकास के लिए आए पैसे से अपने खजाने की सेहत सुधार डाली। विभाग ने गांव के विकास कार्यों में हेराफेरी की शिकायत पर दोनों पंचायतों की जांच करवाई तो आरोपों को सही पाया। इसके बाद अब विभाग के अधिकारियों ने अपने उच्चाधिकारियों के साथ-साथ विजिलेंस को भी भ्रष्टाचार का मामला दर्ज करने की सिफारिश की है।

जालंधर के उपमंडल फिल्लौर की छोकरा और जालंधर ईस्ट की इब्राहिम खान गांव पंचायतों में करीब 28 लाख रुपए की हेराफेरी हुई है। पंचायती राज विभाग के अधिकारियों का कहना है कि गांव छोकरा की पंचायत, जो विकास खंड फिल्लौर के तहत आती है, में विकास के लिए आए फंड में से 12,90,000 हजार रुपए का गबन हुआ है, जबकि इसी तरह खंड विकास कार्य़ालय जालंधर ईस्ट के तहत आती पंचायत इब्राहिम खान में 15 लाख 90 हजार रुपए का फ्रॉड किया गया है।

जांच में फिल्लौर ब्लॉक की पंचायत छोकरा के सरपंच का बहुत अजीबो गरीब कारनामा सामने आया है। सरपंच साहब पंचायत में आने वाले सरकारी पैसे को सीधा पहले अपने खाते में ट्रांसफर करवा लेते थे। इसके बाद वह सरकारी पैसे को पहले अपने निजी कार्यों के लिए प्रयोग करता थे और बाद में यदि किसी की पेमेंट करनी होती थी तो वह भी खुद ही करते थे। जालंधर ईस्ट ब्लॉक के तहत आती पंचायत इब्राहिम खान के सरंपच साहब तो जांच में माशा अल्लाह निकले।

सरपंच साहब विकास कार्यों पर पैसे कम खर्च करते थे और अपने खजाने में पैसे ज्यादा भरते थे। जांच में पता चला है कि इब्राहिम खान के सरपंच ने विकास कार्यों पर जितना पैसा खर्च होना चाहिए था, वह खर्च नहीं किया, जबकि खातों में सरकार की तरफ से भेजे गए फंड का पूरा हिसाब किताब दिखा दिया। विकास कार्यों पर खर्च का सर्टिफिकेट भी जारी कर दिया। गांव में गलियों, अन्य स्थानों पर इंटरलॉकिंग टाइल्स, सीमेंट, रेत, बजरी का प्रयोग भी सही ढंग से नहीं किया।

जिला पंचायत विकास अधिकारी इकबालजीत सिंह ने कहा कि दो पंचायतों फिल्लौर की छोकरा और जालंधर ईस्ट की इब्राहिम खान में जांच के दौरान सरकारी पैसे के दुरुपयोग के मामले सामने आए हैं। यहां पर विकास कार्यों के नाम पर भ्रष्टाचार हुआ है। इनकी शिकायत उच्चाधिकारियों के साथ-साथ विजिलेंस को भी भेजी है।