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किसान मेलों की शुरुआत:माझे के किसान फल-सब्जियां उगा पानी बचाएं कंडी इलाके वाले मक्का और जैविक खेती करें

जालंधर15 दिन पहले
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पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) के वर्चुअल किसान मेलों की श्रंखला के तहत शहीद भगत सिंह नगर के बल्लोवाल सौंखड़ी से किसान मेलों की शुरुआत हो गई है। पहले किसान मेले में किसानों, कृषक महिलाओं और ग्रामीण युवाओं ने ऑनलाइन उत्साहपूर्वक भाग लिया। मेले का विषय ‘धान की पराली का कुशल प्रबंधन, धरती माता को प्रसन्न रखता है’ रहा। वाइस चांसलर अनिरुद्ध तिवारी ने कहा कि पंजाब सरकार ने कामयाब किसान, खुशहाल पंजाब, कार्यक्रम के लिए बजट आवंटित किया है। पंजाब के किसानों की समृद्धि राज्य सरकार के प्रमुख क्षेत्रों में से एक है।

कंडी क्षेत्र में मृदा स्वास्थ्य और भूजल की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए किसानों से मक्के और जैविक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। कंडी में कृषि विश्वविद्यालय के कॉलेज की स्थापना के पीछे भी कंडी के किसानों को लाभ पहुंचाना उद्देश्य है। तिवारी ने किसानों से पराली को आग नहीं लगाने, हैप्पी सीडर और सुपर सीडर जैसी तकनीकों से इसके प्रबंधन पर जोर दिया। इसी कड़ी में दूसरा मेला अमृतसर के नाग कलां जहांगीर मे लगाया गया। इस वर्चुअल मेले में बड़ी संख्या में किसान महिलाओं और युवाओं ने भाग लिया। यहां भी वाइस चांसलर अनिरुद्ध तिवारी ने किसानों से पराली जलाने की अवैध प्रथा में शामिल न होने की अपील की। इसके अलावा माझा के किसानों से फलों और सब्जियों की खेती को अपनाकर पानी बचाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मिट्टी, पानी और हवा की रक्षा करना समय की जरूरत है।

गेहूं की पीबीडब्ल्यू 803, पीबीडब्ल्यू 824 किस्में विकसित

पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी पंजाब की गई नवीनतम शोध सिफारिशों पर प्रकाश डालते अनुसंधान निदेशक डॉ. नवतेज सिंह बैंस ने कहा कि विश्वविद्यालय ने गेहूं की पीबीडब्ल्यू 803, पीबीडब्ल्यू 824 और पीबीडब्ल्यू 869 किस्में विकसित की हैं। पंजाब में सामान्य खेती के लिए बरसीम का बीएल 44 और जई का ओएल 15 बीज तैयार किया है। पराली के प्रबंधन के लिए पीएयू स्मार्ट सीडर नाम की नई मशीन विकसित की है। यह धान के अवशेषों को निगमन और सतही मल्चिंग की ओर से प्रबंधित करता है और एक ही मशीन में हैप्पी सीडर और सुपर सीडर के लाभ मिल जाते हैं। उन्होंने किसानों की सलाह दी कि वे फसलों के अवशषों को न जलाएं, बल्कि स्मार्ट सीडर जैसी नई मशीनों से सका प्रबंधन करें। इससे खेत की उत्पादक क्षमता भी बढ़ेगी।

किसानों को कृषि से आय बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना उद्देश्य : डॉ. माहल
विस्तार शिक्षा निदेशक डॉ. जसकरण सिंह महल ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कहा कि वर्चुअल मेलों का आयोजन कोविड-19 महामारी को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह कृषि और संबद्ध व्यवसायों के बारे में घर बैठे किसानों और कृषि महिलाओं को उनकी कृषि आय को बढ़ावा देने के लिए गहन ज्ञान प्रदान करेगा। डॉ. माहल ने कहा कि किसानों को खेती संबंधी नई तकनीकों की जानकारी देकर उनकी उनकी आय बढ़ाना विभाग का मुख्य मकसद है। डॉ. मनमोहनजीत सिंह, निदेशक, क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, बलोवाल सौंखड़ी ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा। कार्यक्रम का संचालन अपर निदेशक संचार डॉ. टीएस रियाड़ ने किया। मेले में पंजाब और कंडी क्षेत्र में कृषि विविधीकरण के अवसरों के कंडी क्षेत्र में फसल उत्पादन के लिए विवेकपूर्ण पानी के उपयोग पर पैनल विचार-विमर्श भी किया गया।

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