किसानों को समर्पित पंजाबी जागृति मार्च निकाला:मंच सदस्य बोले- पंजाब तभी जीवित रह सकता है, जब पंजाबी बोली जिंदा रहेगी

जालंधर9 महीने पहले
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पंजाब जागृति मार्च में विभिन्न संस्थाओं के सदस्यों ने हिस्सा लिया। - Dainik Bhaskar
पंजाब जागृति मार्च में विभिन्न संस्थाओं के सदस्यों ने हिस्सा लिया।

पंजाबी मां बोली के प्रचार पसार के लिए हर साल निकाले जाने वाले पंजाबी जागृति मार्च इस बार किसानों को समर्पित रहा। इस दौरान विभिन्न संस्थाओं के सदस्यों के साथ-साथ किसान नेता बलबीर सिंह के बेटे तेजिंदर सिंह राजेवाल के साथ कई किसान शामिल हुए। उन्होंने मार्च में हिस्सा लेते हुए पंजाबी बोली को बढ़ावा देने का संदेश देते हुए किसानी संघर्ष में उनका साथ देने के लिए कहा। पंजाबी के प्रचार-प्रसार से संबधित स्लोगन की तख्तियों के साथ किसानी संघर्ष के समर्थन में तख्तियां और पोस्टर लेकर लोग जागृति मार्च में शामिल हुए।

कंपनी बाग से शुरू होकर ये मार्च देश भगत यादगार हाल में संपन्न हुआ। इस दौरान दलविंदर दयालपुरी, याकूब गिल और लखविंदर वडाली ने गीतों के जरिये पंजाबियों को पंजाबी बोली के साथ जुड़ने के लिए प्रेरित किया। मंच के प्रधान सतनाम मानक और सचिव दीपक बाली ने कहा कि पंजाब तभी जीवित रह सकता है, जब पंजाबी बोली जिंदा रहेगी। उन्होंने सभी को पंजाबी पढ़ो, पंजाबी बोलो और पंजाबी होने पर मान करो का संदेश दिया।

उन्होंने पंजाबियों से अपील करते हुए कहा कि पंजाबी के प्रसार में सभी अपना योगदान दें। कोविड के चलते इस बार पहली बार इस मार्च में कम लोगों को शामिल किया गया। कोरोना के कारण इस बार पहली बार स्कूल और कॉलेजों के बच्चो को इस मार्च में शामिल नहीं किया गया था। इस दौरान पंजाबी जागृति मंच के प्रधान सतनाम सिंह मानक, जरनल सचिव दीपक बाली, पद्मश्री संत बलबीर सिंह सीचेवाल मंगत राम पासला, चरणजीत सिंह मक्कड़, आत्मप्रकाश सिंह, तजिंदर सिंह परदेसी, आयूब सुलेमानी, गुरुप्रीत, प्रवीन अबरोल, सुखबीर चट्ठा ,शहीद ऊधम सिंह क्लब के सदस्य भी मौजूद रहे।

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