हंसराज हंस-पंजाब सरकार आमने सामने:सरकारी फरमान- 31 मई तक छोड़ें जमीन पर अवैध कब्जा, सांसद बोले- मिलकीयत है

जालंधर5 महीने पहले
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हंस राज हंस एवं भगवंत मान - Dainik Bhaskar
हंस राज हंस एवं भगवंत मान

पंचायती जमीनों से कब्जे हटाने को लेकर पंजाब सरकार की चल रही मुहिम में लोकगायक और दिल्ली से सांसद हंस राज हंस का पेंच फंस गया है। सरकार ने अल्टीमेटम दिया है कि सभी चाहे वह रसूखदार हों या फिर राजनीति से जुड़े लोग सब सरकारी जमीनों से 31 मई तक अवैध कब्जे छोड़ें। इसी को लेकर पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री ने गायक कम सांसद हंसराज हंस को लेकर भी टिप्पणी कर दी कि वे गांव शफीपुर में पंचायत की जमीन पर कब्जा छोड़ें।

इसके बाद सूबे के मुख्यमंत्री ने भी एक ट्वीट किया कि जिन भी लोगों ने, चाहे वह राजनीति से जुड़े हैं, रसूखदार हैं या फिर कोई अधिकारी ही क्यों न हों, 31 मई तक पंचायतों और सरकारी जमीनों से कब्जा छोड़ दें। अन्यथा जमीनें न छोड़ने वालों पर पर्चे औऱ खर्चे दोनों डाल दिए जाएंगे। इसके बाद हंस राज हंस सामने आ गए। उन्होंने कहा कि उनके पैतृक गांव में जिस जमीन को छोड़ने की बात कही जा रही है, वह उनकी मिलकीयत है, न कि ठेके पर ली हुई पंचायती जमीन।

पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्री कुलदीप सिंह के अनुसार, पैतृ्क गांव शफीपुर में 20 एकड़ पंचायती जमीन गायक के कब्जे में है। बताया जा रहा है कि यह जमीन उनके बेटे के नाम पर ली गई है। पंचायत मंत्री कुलदीप धालीवाल ने जब हंसराज हंस को इस जमीन को छोड़ने के लिए कहा है तो उन्होंने जवाब में कहा कि यह जमीन खुद खरीदी गई थी, इस पर कोई कब्जा नहीं किया गया है। यह जमीन सगे भाई की तरफ से उनके बेटे के नाम करवाई गई थी। यह उनकी जद्दी जमीन है, इसका कब्जा सरकार कैसे छुड़वा सकती है।

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