जागो निकाल मनाया नया साल:शिक्षा मंत्री की कोठी के बाहर गेस्ट सहायक प्रोफोसरों ने ढोल की थाप पर उड़ाई सरकार की खिल्ली

जालंधर9 महीने पहले
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शिक्षा मंत्री परगट सिंह के मिट्ठापुर स्थित मोहल्ले में रात को जागो निकाल नए साल का आगाज करते गेस्ट सहायक प्रोफेसर। - Dainik Bhaskar
शिक्षा मंत्री परगट सिंह के मिट्ठापुर स्थित मोहल्ले में रात को जागो निकाल नए साल का आगाज करते गेस्ट सहायक प्रोफेसर।

पंजाब के जालंधर में पिछले कई दिनों से शिक्षा मंत्री परगट सिंह की कोठी के बाहर धरना दे रहे गेस्ट सहायक प्रोफेसरों ने नया साल अनोखे तरीके से मनाया। प्रोफेसरों ने मिट्ठापुर में शिक्षा मंत्री परगट सिंह के मोहल्ले में रात को ढोल बजाते हुए जागो निकाली। जागो के दौरान उन्होंने बोलियां और गाने भी गाए। सहायक प्रोफेसरों का कहना है कि सरकार उनकी नौकरी खाने पर तुली हुई है। बार-बार बैठकें कर समस्या का कोई हल नहीं निकाल रही है। शिक्षा मंत्री फोके आश्वासन दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार ने इतने सालों से कॉलेजों में सेवाएं देने के बाद भी उन्हें न तो पक्का किया और न ही वेतन बढ़ाया, उल्टा नई पोस्टें निकाल कर अब उनकी नौकरी खाने पर तुली हुई है। उन्होंने कहा कि वह करीब 48 दिनों से अपना धरना प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन उन्हें सिवाए आश्वासनों के कुछ नहीं मिल रहा है। एक तरफ तो सरकार घर-घर रोजगार देने के दावे कर रही है, बड़े बड़े होर्डिंग्स लगाकर कर्मचारियों को पक्के करने के दावे कर रही है, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। नौकरियां देने के बजाए छीनी जा रही है। धरने पर बैठे प्रोफेसरों का कहना है कि उनकी नौकरियां जा रही हैं, रोजगार छीना जा रहा है और असंवेदनशील सरकार चुप बैठी है।

माफी भी मांगी, मजबूरी बता सहयोग भी मांगा

रात को ढोल की थाप पर सरकार के खिलाफ बोलियां डालते हुए और गाते हुए जागो निकाल नए साल का आगाज करने वाले गेस्ट सहायक प्रोफेसरों ने मिट्ठापुर के लोगों से उन्हें हो रही परेशानी के लिए माफी भी मांगी। साथ ही उन्होंने अपनी छिन रही नौकरी की मजबूरी भी बताई। उन्होंने सरकार और शिक्षा मंत्री को सबक सिखाने के लिए लोगों का साथ और सहयोग भी मांगा। प्रोफेसरों ने कहा कि अब चुनाव आने वाले हैं और वह शिक्षा मंत्री के विधानसभा क्षेत्र में घर-घर जाकर प्रचार करेंगे। इस दौरान सरकार की जनविरोधी नीतियों के बारे में लोगों को अवगत करवाएंगे।

इसलिए असुरक्षित महसूस कर रहे गेस्ट फैकल्टी सहायक प्रोफेसर

राज्य के 48 सरकारी कॉलेजों में 1873 पद हैं जिनमें से 962 पर गेस्ट फैकल्टी सहायक प्रोफेसर काम कर रहे हैं, जबकि 400 के करीब स्वीकृत पद खाली पड़े हैं। इसके अलावा नए खोले गए कॉलेजों में 160 पद खाली पड़े हैं। पिछले करीब 15 से 20 सालों से सभी सहायक प्रोफेसर छात्रों को पीटीए फंड से वेतन लेकर अध्यापन का काम कर रहे हैं। कई सरकारी कॉलेजों में पीटीए का खजाना कई महीनों से खत्म है, जहां गेस्ट फैकल्टी प्रोफेसर आर्थिक शोषण का शिकार भी हो रहे हैं।

अब ऊपर से सरकार ने गेस्ट फैकल्टी को इग्नोर कर सरकारी कॉलेजों नए पदों को भरने का विज्ञापन जारी कर दिया है। जिससे इन्हें शंका है कि नियमित भर्ती से उनकी सेवाएं समाप्त हो जाएंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी नौकरी को सुरक्षित करने का ऐलान नहीं किया तो संघर्ष को और तेज कर दिया जाएगा।

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