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  • Harish Rawat Happy With Sidhu's Ultimatum, Calls Punjab Congress's Lakhimpur Kheri March 'Great Decision'; Navjot Is Sitting At Home After Resigning From The Post Of Head

सिद्धू के अल्टीमेटम से खुश हुए हरीश रावत:पंजाब कांग्रेस के लखीमपुर खीरी मार्च को बताया 'ग्रेट डिसीजन'; प्रधान पद से इस्तीफा दे चुके हैं नवजोत

जालंधर4 महीने पहले
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कैप्टन अमरिंदर सिंह पर जुबानी हमले करने वाले पंजाब कांग्रेस इंचार्ज नवजोत सिद्धू के साथ डटे हुए हैं। ताजा उदाहरण सिद्धू का लखीमपुरी खीरी मार्च का अल्टीमेटम है। जिस पर रावत यूं खुश हुए कि इसे ग्रेट डिसिजन बता दिया। रावत ने सिद्धू के ट्वीट को री-ट्वीट करते हुए कहा कि नवजोत जी का यह बहुत बड़ा फैसला है। बधाई, यही कांग्रेस हम चाहते हैं। मैं भी आपकी लखीमपुर खीरी और सीतापुर के मूवमेंट को जॉइन करूंगा। सिद्धू ने इस ट्वीट में सिर्फ प्रियंका गांधी को टैग किया था, लेकिन रावत ने राष्ट्रीय कांग्रेस, राहुल गांधी और CM चरणजीत चन्नी को भी टैग कर दिया।

सिद्धू ने मंगलवार को चेतावनी दी थी। सिद्धू ने मंत्री के बेटे की गिरफ्तारी, और प्रियंका गांधी को रिहा करने के लिए बुधवार तक का वक्त दिया है। सिद्धू ने कहा कि अगर ऐसा न हुआ तो पंजाब कांग्रेस लखीमपुर खीरी की तरफ मार्च करेगी। इसी पर रावत गदगद हो उठे।

हरीश रावत का ट्वीट।
हरीश रावत का ट्वीट।

साख बचाने में जुटे रावत
पंजाब कांग्रेस में मची कलह की वजह सियासी गलियारों में रावत को माना जाता है। रावत ही सिद्धू को पंजाब कांग्रेस प्रधान बनाने में कामयाब रहे। कैप्टन अमरिंदर सिंह को CM की कुर्सी से हटाने की पटकथा भी उनकी ही थी। हालांकि यह दांव तब उलटा पड़ गया, जब सिद्धू नए CM चरणजीत चन्नी से भी नाराज होकर घर बैठ गए। पंजाब में रावत की सियासी समझ की साख पर लगी हुई है। हालांकि कांग्रेस हाईकमान ने उन्हें पंजाब से दूर कर दिया है। उनकी जगह अब राजस्थान सरकार के मंत्री हरीश चौधरी नई कलह सुलझाने में लगे हैं। इससे पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह भी कह चुके हैं कि पंजाब की कलह को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सही ढंग से हैंडल नहीं कर सके।

प्रधान पद से तो इस्तीफा दे चुके सिद्धू
खास बात यह है कि सिद्धू पंजाब कांग्रेस की तरफ से चेतावनी दे रहे हैं, लेकिन इस्तीफा दे चुके हैं। कांग्रेस हाईकमान ने न उसे मंजूर किया और न ठुकराया। यही वजह है कि सिद्धू के साथ हर वक्त चलने वाले वर्किंग प्रधान कुलजीत नागरा पर डिप्टी सीएम रंधावा के साथ चल रहे हैं। सिद्धू के जनरल सेक्रेटरी योगेंद्र पाल ढींगरा और कैशियर गुलजार इंदर चहल भी इस्तीफा दे चुके हैं। परगट सिंह ने मंत्री बनते ही उनसे दूरी बना रखी है। ऐसे में सिद्धू के साथ कितनी बड़ी पंजाब कांग्रेस है, यह भी सियासी गलियारों में चर्चा का विषय है।

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