महंगाई की मार:हिमाचल का मटर 70 और गोभी 45 रुपए किलो दो माह में आएगी लोकल फसल, तब घटेंगे रेट

जालंधर4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • मकसूदां मंडी से लाकर गलियों में रेहड़ी वाले महंगा दाम पर बेच रहे सब्जी, बजट हिला
  • बारिश के कारण इस बार मकसूदां सब्जी मंडी में नहीं आई दूसरे जिलों से फसल

मकसूदां सब्जी मंडी में पंजाब के अलग-अलग जिलों से सब्जियां नहीं पहुंच रही हैं। इस समय मंडी में हिमाचल की सब्जियों का राज चल रहा है। लोकल सब्जियों की आमद न होने के कारण रेटों में मामूली उछाल आया है। जिसका फायदा रिटेलर उठा रहे हैं और मंडी के बाहर मनमर्जी के दाम पर सब्जी बेच रहे हैं।

बरसात के कारण पंजाब में सब्जियों की बिजाई कम हो जाती है। आढ़तियों ने कहा कि दो महीने के बाद लोकल सब्जियों की आमद तेज हो जाएगी और उसके बाद ही दामों में भी गिरावट आ जाएगी। कुछ सब्जियों के रेट जो पहले नाममात्र थे। वे भी 15 से 20 रुपए महंगे गए हैं।

जितनी भी सब्जियां आ रही हैं, इस समय हिमाचल से ही आ रही हैं। हिमाचल से सब्जी लेकर मंडी में पहुंचे सौरभ रावत ने बताया कि तेल की कीमतों के कारण उन्हें सब्जियों के दामों में मामूली बढ़ावा करना पड़ा है। लेकिन उसके बावजूद भी वे रेट नहीं मिल पाते जो उन्हें चाहिए। इस समय तो मंडी में सब्जी बेचने का लागत मूल्य ही मिल जाए, वे ही बहुत है।

हिमाचल में सही दाम नहीं, पंजाब का रुख कर रहे कारोबारी
हिमाचल के सब्जी कारोबारियों ने बताया कि लाॅकडाउन में इतने बुरे हाल हो गए थे कि सभी काम धंधे बंद हो गए। इस समय हिमाचल में सबसे ज्यादा सब्जियां ही उगाई जा रही हैं। पंजाब की मंडियों में सब्जी लेकर तो आ रहे हैं लेकिन मुनाफा नाममात्र ही है। वे इस मुनाफे से ही खुश हैं कि उनका परिवार सही ढंग से चल रहा है। आने वाले दिनों में कारोबारियों को हिमाचल में ही सही रेट मिलने शुरू हो जाएंगे।

खबरें और भी हैं...