जलियांवाला बाग के रेनोवेशन पर बंटी कांग्रेस:राहुल गांधी ने बताया शहीदों का अपमान; अमरिंदर बोले- मुझे यह बहुत अच्छा लगा, 102 साल बाद इसकी जरूरत थी

जालंधर/अमृतसर5 महीने पहले
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अमृतसर में ऐतिहासिक स्थल जलियांवाला बाग के रेनोवेशन पर कांग्रेस नेताओं की राय बंट गई है। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने इसे अभद्र क्रूरता बताया था। वहीं, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इसकी तारीफ की है। उन्होंने मंगलवार को चंडीगढ़ में पत्रकारों से कहा कि मुझे यह बहुत अच्छा लगा। इस स्मारक को 102 साल हो गए थे, इसलिए रेनोवेशन की बहुत जरूरत थी। वहां से कुछ हटाने के मामले पर उन्होंने कहा कि मुझे इस बारे में कुछ पता नहीं।

बीते शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली इसका उद्घाटन किया था। इसमें कैप्टन अमरिंदर भी शामिल हुए थे। जलियांवाला बाग के रेनोवेशन को लेकर इतिहासकारों ने सवाल खड़े किए थे कि सजावट की वजह से इसके 102 साल पुराने क्रूर इतिहास को नष्ट कर दिया गया। सोशल मीडिया पर सवाल उठने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी और CPM के सीताराम येचुरी ने भी इसकी तीखी आलोचना की। जलियांवाला बाग को डेढ़ साल बंद रख रेनोवेशन के बाद खोला गया था।

अंग्रेजों की क्रूरता के गवाह को बना दिया घूमने की जगह
जलियांवाला बाग में 13 अप्रैल 1919 को अंग्रेज जनरल ने गोलियां चलवाकर करीब 1 हजार निहत्थे लोगों को मार डाला था। इस वजह से इसे भारतीय इतिहास में काले अध्याय के तौर पर जाना जाता है। यहां के गलियारों में जनरल डायर ने बैसाखी पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले लोगों पर गोलियां चलवाई थीं।

सबसे ज्यादा सवाल उस कुएं को पारदर्शी बैरियर से ढकने और संकरे गलियारे पर अब मूर्तियां लगवाने को लेकर हो रहे हैं। सबका ऐतराज इस बात पर है कि जिस स्मारक से लोगों को खौफनाक ब्रिटिश राज का पता चलना चाहिए, उसे सजावट कर अब पार्क जैसा बना दिया गया है।

जलियांवाला बाग गलियारा: पहले संकरा गलियारा था, अब मूर्तियां लगा दी गईं।
जलियांवाला बाग गलियारा: पहले संकरा गलियारा था, अब मूर्तियां लगा दी गईं।

यह ऐतिहासिक इमारतों का निगमीकरण : इतिहासकार एस. इरफान हबीब
इतिहासकार एस. इरफान हबीब ने इसे स्मारकों का निगमीकरण करार दिया। उन्होंने कहा कि इसके आधुनिकीकरण से हम इसके इतिहास का वास्तविक मूल्य खो देंगे। हबीब ने इसके गलियारों की फोटो भी ट्वीट की हैं। जिसमें एक तरफ साधारण गलियारा है, जबकि बाद वहां पर मूर्तियां बना दी गई हैं।

जलियांवाला बाग पर राहुल गांधी की प्रतिक्रिया।
जलियांवाला बाग पर राहुल गांधी की प्रतिक्रिया।

राहुल ने कहा था- अपमान करने वाले शहादत का मतलब नहीं जानते
राहुल गांधी ने लिखा कि जलियांवाला बाग के शहीदों का ऐसा अपमान वही कर सकता है, जो शहादत का मतलब नहीं जानता। मैं एक शहीद का बेटा हूं। शहीदों का अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करूंगा। हम इस अभद्र क्रूरता के खिलाफ हैं।

इतिहासकार एस. इरफान हबीब और सीपीएम नेता सीताराम येचुरी के ट्वीट।
इतिहासकार एस. इरफान हबीब और सीपीएम नेता सीताराम येचुरी के ट्वीट।

येचुरी बोले- आजादी की लड़ाई से दूर रहने वाले ही ऐसा कर सकते हैं
CPM नेता सीताराम येचुरी ने लिखा कि यह शहीदों का अपमान है। यहां की हर एक ईंट अंग्रेजों के खौफनाक राज की गवाह है। जो लोग आजादी की लड़ाई से दूर रहे, वे ही इस तरह का काम कर सकते हैं।

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