राजनीतिक बोलबाला:सिद्धू कांग्रेस से हटे तो ट्रस्टों, काॅर्पोरेशनों के डायरेक्टर्स और चेयरमैनों को पदों से हटाने का सिलसिला थमेगा

जालंधर2 महीने पहले
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विधायक सुशील रिंकू की पत्नी पार्षद सुनीता रिंकू ने राणा गुरजीत के मंत्री बनने पर मिठाई बांटी। - Dainik Bhaskar
विधायक सुशील रिंकू की पत्नी पार्षद सुनीता रिंकू ने राणा गुरजीत के मंत्री बनने पर मिठाई बांटी।
  • मंत्री बनने के बाद परगट सिंह ने आज लौटना था शहर, पर सिद्धू के इस्तीफे से प्रभावित हुआ शेड्यूल

आखिरी बार जालंधर से शिक्षामंत्री 1992 की कांग्रेस सरकार में मोहिंदर सिंह केपी थे। इसके बाद अब परगट मंत्री को कैबिनेट में जगह मिली है। वहीं परगट सिंह पहले नेता हैं जिनके पास खेल विभाग के डायरेक्टर पद पर सेवाएं देने के बाद खेल मंत्री के रूप में शपथ लेने का रिकाॅर्ड है। उन्होंने 29 सितंबर को ग्रह नगर जालंधर आना था व शेड्यूल के अनुसार गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकना था।

सर्किट हाउस में वर्करों से मिलने का प्रोग्राम रखा गया लेकिन नवजोत सिंह सिद्धू के इस्तीफे से शेड्यूल बदल सकता है। परगट सिंह के खेल मंत्री बनने पर उम्मीद बंधी कि मिट्ठापुर में हाॅकी टर्फ तथा स्पोर्ट्स काॅलेज में एथलेटिक्स ट्रैक लगाने के प्रोजेक्ट के रुके फंड जारी हो जाएंगे, फिलहाल बदले समीकरण में सीएम की कैबिनेट कैसे चलती है, यह भविष्य पर टिका है।

जालंधर में नगर निगम की गवर्नेंस को पहले ही कमजोर बताते रहे हैं परगट सिंह

जालंधर में सुबह से कांग्रेस हलकों में ये चर्चा थी कि कैबिनेट में सभी को मंत्रालय मिलने के बाद सिद्धू के निशाने पर म्यूनिसिपल कार्पोरेशन, ट्रस्टों, सरकारी कार्पोरेशनों में जो कैप्टन अमरिंदर सिंह के नियुक्त नेता हैं, उन्हें बदलने का सिलसिला तेज होगा। परगट सिंह तो पहले ही जालंधर में नगर निगम की गवर्नेंस को कमजोर बताते रहे हैं। सिद्धूू ने अमृतसर व मोगा नगर सुधार ट्रस्टों के चेयरमैन हटा दिए थे। मेयर जगदीश राज राजा ने तो मोहिंदर सिंह केपी के साथ नजदीकी बना ली, जोकि सीएम चन्नी के रिश्तेदार भी हैं, वह वेस्ट हलके में सक्रिय हो रहे हैं। सिद्धू ने ऐसे वक्त में इस्तीफा दिया है जब उनके पास चरणजीत सिंह चन्नी के रूप में विकल्प मौजूद है। सिद्धू मान भी गए तो बदले की नीति से विभागों में लगे नेताओं को हटाने का सिलसिला थम सकता है, ये सोचकर लीडरशिप राहत की सांस ले रही है।

इस समीकरण से जुड़ रहे टकसाली वर्कर व पार्षद

सिटी में विस हलका वेस्ट के विधायक सुशील रिंकू नए बने टेक्नीकल एजुकेशन मिनिस्टर राणा गुरजीत सिंह के नजदीकी हैं। विधायक की कौंसलर पत्नी सुनीता रिंकू ने मंगलवार को लोगों में लड्डू बांटकर राणा के मंत्री बनने की खुशी जाहिर की है। जबकि दूसरा ग्रुप विधायक बावा हैनरी व मोहिंदर सिंह केपी के साझे विचारों का बन रहा है, जिन्होंने राणा को मंत्री बनाने का विरोध किया था। तीसरा ग्रुप परगट सिंह है। अब नगर निगम के कौंसलर व टकसाली कांग्रेसी इन तीनों से अपने अपने एजेंडे के साथ जुड़ रहे हैं।

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