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मानवीय सेवा आज से शुरू:अपनों की अस्थियां गंगा तक नहीं पहुंचा पा रहे तो डाक विभाग को दे सकते हैं जिम्मेदारी

जालंधर5 महीने पहले
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विसर्जन के लिए गुरदासपुर के श्मशानघाट में रखी गई अस्थियां। - Dainik Bhaskar
विसर्जन के लिए गुरदासपुर के श्मशानघाट में रखी गई अस्थियां।
  • लाॅकडाउन में अस्थि कलश वाराणसी, प्रयागराज और हरिद्वार पहुंचाएगा डाक विभाग, केवल स्पीड पोस्ट का शुल्क लगेगा
  • अस्थि विसर्जन और पूजा का लाइव वीडियाे भी देख सकेंगे
  • देश के किसी भी कोने से भेजी जा सकती हैं अस्थियां

कोरोना काल में मानवीय जिंदगी का सबसे दुखद पहलू है कि निधन के बाद अस्थि कलश श्मशानघाट के लाॅकर में रखे जा रहे हैं और उन्हें गंगा जी में विसर्जन नसीब नहीं हो रहा। ऐसे में डाक विभाग ने मानवीय सेवा शुरू की है कि अस्थि कलश के पार्सल्स को स्पीड पोस्ट से वाराणसी, प्रयागराज, गया और हरिद्वार पहुंचाया जाएगा।

जब ये अपनी जगह पर पहुंच जाएंगे तो विधिवत पूजा होगी। इस पूजा विधि को लाइव वीडियो के जरिये पार्सल भेजने वाले परिवार देख सकेंगे। इसके लिए चीफ पोस्ट मास्टर जनरल, पंजाब सर्किल ने जालंधर, लुधियाना डिवीजन के डाकघरों को आदेश दिए हैं। इस सेवा में ‘ओम दिव्य दर्शन’ नामक संस्था साथ आई है।

जिन लोगों ने अस्थि कलश भेजने हैं, उन्हें पार्सल पर ‘ओम दिव्य दर्शन’ के अलावा जहां पूजा करवाना हैं, उस जगह का नाम लिखना होगा। डाक विभाग केवल स्पीड पोस्ट का शुल्क लेगा। संस्था अस्थि विसर्जन व श्राद्ध कराएगी।

लोग लाइव टेलिकास्ट भी देख सकेंगे। कोरोना संक्रमण के दौर में जिन लोगों ने अपनों को खोया और उनका विधिवत अंतिम संस्कार भी नहीं हो सका, वे देश के किसी भी कोने से अस्थियां स्पीड पोस्ट के माध्यम से इन जगहों पर भेजी जा सकेंगी।

वो सब कुछ जो आप जानना चाहते हैं

ऐसे होगा रजिस्ट्रेशन, फिर कर सकेंगे स्पीड पोस्ट डाक विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार जो लोग इस सुविधा का लाभ लेना चाहते हैं, उन्हें सबसे पहले ओम दिव्य दर्शन संस्था के पोर्टल omdivyasdarshan.org पर अपना रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। इस रजिस्ट्रेशन के बाद स्पीड पोस्ट करनी है।

पूरे विधि-विधान से होगा अस्थि विसर्जन पार्सल प्राप्त होने के बाद उसे ओम दिव्य दर्शन के पते पर पहुंचा दिया जाएगा। इसके बाद ओम दिव्य दर्शन संस्था पंडितों के माध्यम से इसका विधिवत अस्थि विसर्जन एवं श्राद्ध संस्कार पूर्व निर्धारित समय के अनुसार करेगी।

लाइव देख सकेंगे अस्थि विसर्जन इसे वेबकास्ट के माध्यम से मृतक के परिजन देख भी सकेंगे। सभी संस्कारों के बाद संस्था की ओर से मृतक के परिजनों को डाकघर की ओर से गंगाजल की एक बोतल भी भेजी जाएगी। रजिस्ट्रेशन के बाद स्लाट की जानकारी मिलनी है, जितने बजे पूजा होगी, इसे आप देख सकते हैं।

रजिस्ट्रेशन के बाद कोई भी व्यक्ति अपने परिजन की अस्थियों का पैकेट स्पीड पोस्ट से वाराणसी, प्रयागराज, हरिद्वार और गया जी भेज सकेगा। अस्थियों का पार्सल अच्छी तरह से पैक कर मोटे अक्षरों में ‘ओम दिव्य दर्शन’ लिखना होगा।

पार्सल पर भेजने वाले को अपना पूरा नाम, पता, मोबाइल नंबर जैसी जानकारियां लिखनी होंगी। स्पीड पोस्ट का चार्ज पार्सल भेजने वाले को ही देना होगा। स्पीड पोस्ट बुक करने के बाद इसे भेजने वाले को संस्था के पोर्टल पर स्पीड पोस्ट बार कोड नंबर सहित बुकिंग डिटेल्स अपडेट करनी होगी।

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