राहत की संभावना:कोयले पर इंपोर्ट ड्यूटी हटाई, लोहे पर एक्सपोर्ट ड्यूटी 50% करने से रेट घटने की आस

जालंधर7 महीने पहलेलेखक: प्रवीण पर्व
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सरकार ने कोयले पर इंपोर्ट ड्यूटी हटा दी है। - Dainik Bhaskar
सरकार ने कोयले पर इंपोर्ट ड्यूटी हटा दी है।

मकान बनाने वालों को सरिये का रेट 56 रुपए किलो से बढ़कर 80 रुपए पहुंचते ही 10x10 के कमरे के निर्माण में 4480 की बजाय 7285 रुपए खर्च करने पड़े। गेट और ग्रिल, दरवाजों के फ्रेम व बाकी खर्च अलग से बढ़े थे। अब यह खर्च कम होने की आस है। दूसरी तरफ, जालंधर लुधियाना में साइकिल-ऑटो पार्ट्स व मशीन पार्ट्स का लागत मूल्य घटने, जालंधर में हैंडटूल-कास्टिंग आदि का रेट गिरने व खन्ना-मंडी गोबिंदगढ़ में भी लोहा इंडस्ट्री को राहत की आस बंधी है। पंजाब के करीब एक लाख कारखाने लोहे व जुड़े केमिकल की कीमतों में इजाफे से प्रभावित चल रहे हैं, उन्हें उत्साह मिला है।

वजह यह है कि सरकार ने कोयले पर इंपोर्ट ड्यूटी हटा दी है। लोहे की अलग-अलग किस्मों पर एक्सपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने व जहां जीरो थी, वहां 15 से 45 फीसदी तक नई लगाने का आदेश जारी कर दिया है। इसके बाद सोमवार को पहले दिन लोहा मार्केट खुलेगा। इससे कारोबारियों ने इंगट में ही 5 हजार से 6 हजार रुपए टन तक कमी की आस लगाई है। इससे बाकी किस्मों के तमाम लोहा-स्टील-एलाय के रेट घटने की उम्मीद है।

राज्य में जालंधर, लुधियाना, अमृतसर, बठिंडा, मोहाली और मंडी गोबिंदगढ़ के कारखानों को मिलेगी बड़ी राहत
जनवरी के बाद लोहे के रेट बढ़ रहे थे। जिससे पंजाब में जालंधर, लुधियाना, बठिंडा, मोहाली, खन्ना, मोगा, फरीदकोट सहित तमाम जगहों के कारखानों में काम बंद करना पड़ा। फैक्ट्रियों की रनिंग काॅस्ट घटाने के लिए कइयों ने सप्ताह में 3 दिन का प्रोडक्शन का फैसला किया। एक्सपोर्ट कं‌पनियों के लिए पहले से किए एग्रीमेंट पर काम करना जरूरी था, इसलिए वह घाटा सहकर भी डिलीवरी दे रहे थे।

फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशंस से चेयरमैन अश्वनी विक्टर ने कहा कि हमें पूरी उम्मीद है कि लोहे की किस्म इंगट के रेट ही 5000 से 6000 रुपए टन तक कम हो जाएंगे। जो फैक्ट्रियां सेकेंडरी स्टील इस्तेमाल करती हैं, उन्हें भी राहत मिलेगी क्योंकि जो लोहा एक्सपोर्ट हो रहा था, उसमें कमी आने से लोकल सेल में इस्तेमाल होगा, जिससे दाम गिरेंगे।

वहीं, इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रोमोशन कौंसिल से रिटायर्ड डिप्टी डायरेक्टर ओपिंदर सिंह कहते हैं कि अब तक चीन में भारत के मुकाबले आयरन एंड स्टील सस्ते होने पर एक्सपोर्ट कंपनियों के लिए कंपीटिशन मुश्किल हो गया था, अब ये दिक्कत हल होगी। बाजार में रेट में कमी करने में सरकार की तरफ से रणनीतिक तौर पर ड्यूटी में किए गए बदलावों का लाभ होगा।

पंजाब के इंडस्ट्री सलाहकार बोर्ड के मेंबर तेजिंदर सिंह कहते हैं कि पंजाब में एग्रीकल्चर इंप्लीमेंट्स, हैंडटूल, मशीन पार्ट्स, ट्रैक्टर पार्ट्स, ऑटो मोबाइल इंडस्ट्री को कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी से पैदा हुईं समस्या से राहत मिलने की आस है, पहले जो लोहा कंपनियां खनन एरिया के पास थी, उन्हें लाभ हो रहा था क्योंकि पंजाब लैंड लाॅक्ड स्टेट है, हमारा काफी खर्च तो भाड़े में ही चला जाता है। अब लागत मूल्य में लोहा सस्ता होने पर 5 फीसदी तक कमी आने से बड़ी राहत मिलेगी। पेट्रोलियम के रेट में कमी का लाभ भी होगा लेकिन अगले कुछ दिन लग जाएंगे, मार्केट को सही लेवल पर आने में।

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