स्मार्ट प्रोजेक्ट का कांसेप्ट:स्पोर्ट्स फंड और सोशल कांटेक्ट्स के सहयोग से 109 स्कूलों के ग्राउंड बनेंगे समार्ट

जालंधरएक वर्ष पहले
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  • बच्चों में पेशेवर खेलों का आकर्षण बढ़ाने के लिए हर स्कूल की ग्राउंड को 10 बैंच मार्क से अपग्रेड किया जा रहा

छोटी-छोटी कमियों के कारण स्कूलों में खेल मैदान होते हुए भी पेशेवर खिलाड़ी गेम्स से दूर थे, लेकिन अब उन्हें मैदान तक लाने के लिए 10 बैंचमार्क पर आधारित स्मार्ट ग्राउंड प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। जिले के 109 मिडल, हाई और सेकेंडरी स्कूल की ग्राउंड को स्मार्ट बनाने का प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। स्कूल के स्पोर्ट्स फंड और सोशल कांटेक्ट से स्कूल ग्राउंड्स को विकसित किया जाएगा। स्कूल अपने स्तर पर स्पोर्ट्स फंड से पैसे खर्च सकते हैं और सरपंच या फिर संस्था या एनआरआईज की मदद से भी स्कूल के खेल मैदानों के स्मार्ट बनाया जा सकता है।

जिन स्कूलों में फिजिकल एजुकेशन के टीचर उपलब्ध उनके काम की होगी बारीक निगरानी, स्मार्ट ग्राउंड में बच्चों को लाने का जिम्मा इन्हीं पर- स्मार्ट ग्राउंड्स के लिए जो बेंचमार्क रखा है वह बेहद सिंपल है और आसान तरीकों से इन्हें पूरा करके स्कूलों की ग्राउंड को स्मार्ट कैटेगरी में शामिल किया जा सकता है। इसके अलावा स्कूलों में स्मार्ट स्पोर्ट्स क्लासरूम भी बनाने का प्रोविजन है, जिन स्कूलों में अच्छी खेल हो रही है वह स्कूलों के स्पोर्ट्स क्लासरूम भी अच्छे तैयार हो सकते हैं। जिले में बड़ी संख्या में स्कूलों को स्मार्ट बनाने का काम चल रहा है, जिसमें 60 सीनियर सेकेंडरी स्कूल, 26 सरकारी हाई स्कूल और 23 मिडल स्कूलों को स्मार्ट बनाया जा चुका है और बाकी ग्राउंड्स को स्मार्ट बनाने का काम चल रहा है।

शहर के ज्यादातर स्कूलों के पास काफी बड़े खेल मैदान हैं, लेकिन इन खेल मैदानों में तकनीकी खामियों के चलते खेल के समय खिलाड़ियों को इंजरी होने का डर बना रहता है। इसके अलावा खेलों में खेल टीचर होने के बावजूद स्कूलों में गेम्स को तवज्जो नहीं दी जाती, लेकिन अब खेल विभाग की तरफ से इसके लिए डिस्ट्रिक्ट मेंटोर (डीएम स्पोर्ट्स) की ड्यूटी लगाई है जिनका काम खेल मैदानों के साथ स्कूलों में खेलों को बढ़ावा देने पर पूरी तरह चेकिंग करना है।

ग्रास रूट पर खिलाड़ियों को तैयार करने को विभाग तैयार- कोविड-19 के चलते एक साल से खेल मैदान पूरे खराब हो चुके थे, जिन्हें दोबारा से अब स्मार्ट खेल मैदानों के रूप में तैयार किया जा रहा है। खेल मैदानों में खिलाड़ियों की सभी व्यवस्था को मुहैया करवाया जा रहा है, जिससे खेलों का माहौल बनाया जा सके। स्कूलों से एक अच्छे खिलाड़ी का जन्म होता है। इस लिए ग्रास रूट पर खेल और खिलाड़ियों को तैयार करने के लिए एजुकेशन विभाग पूरी तरह से तैयार है। - इकबाल रंधावा, डीएम स्पोर्ट्स।

ये बेंच मार्क पूरे करने वाले खेल मैदान बनेंगे स्मार्ट... खेल मैदानों का लेवल एक समान, खेल मैदानों में पानी की निकासी, खेल मैदानों में पेयजल आपूर्ति, फर्स्ट एड बॉक्स, खेल मैदानों की दीवारों पर बालावर्क, ग्राउंड्स में लगे खेल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर रंग-रोगन करना, ग्राउंड्स के अंदर मार्किंग की व्यवस्था, खेल मैदानों को तकनीकी रूप से तैयार करना, मैदान के अंदर ग्रीन घास सहित छोटे-छोटे नियमों को पूरा किया जा रहा है।

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