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  • In Navratri From August 9 To 17, RT PCR Negative Report Or Certificate Of Both Doses Of Kovid Vaccination Will Be Available In The State, Information Sent For Devotees In Punjab

हिमाचल‌ प्रदेश के मंदिरों में 'नो मास्क-नो दर्शन':श्रावण नवरात्र में 9 से 17 अगस्त तक RT-PCR नेगेटिव रिपोर्ट या कोविड वैक्सीनेशन की दोनों डोज के सर्टिफिकेट से ही मिलेगी राज्य में एंट्री, पंजाब में श्रद्धालुओं के लिए भेजी सूचना

जालंधर4 महीने पहले
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हिमाचल प्रदेश स्थित पसंद माता चिंतपूर्णी मंदिर। - Dainik Bhaskar
हिमाचल प्रदेश स्थित पसंद माता चिंतपूर्णी मंदिर।

आगामी 9 अगस्त से 17 अगस्त तक श्रावण अष्टमी नवरात्रों में अगर आप हिमाचल प्रदेश के मंदिरों में दर्शन के लिए जा रहे हैं तो RT-PCR नेगेटिव रिपोर्ट या कोविड वैक्सीन की दोनों डोज लगे होने का सर्टिफिकेट जरुर साथ रखें अन्यथा आपको राज्य या जिले में एंट्री नहीं मिलेगी। कोरोना महामारी की तीसरी लहर के खतरे को देखते हुए हिमाचल सरकार ने यह आदेश जारी किए हैं। इसके अलावा मंदिर या अन्य धार्मिक स्थलों के भीतर दर्शन के लिए उन्हीं लोगों को जाने दिया जाएगा, जिन्होंने मास्क पहना होगा।

सावन महीने के नवरात्रों में हिमाचल प्रदेश में दूसरे राज्यों के अलावा साथ सटे पंजाब से बड़ी संख्या में श्रद्धालु जाते हैं। हिमाचल में माता चिंतपूर्णी व माता ज्वाला जी समेत अन्य मंदिरों में इस दौरान भारी भीड़ रहती है। इसलिए इस बारे में हिमाचल सरकार की तरफ से पंजाब के राज्य के साथ लगते व आसपास के जिलों समेत जालंधर के डिप्टी कमिश्नर को भी सूचना भेज दी गई है। श्रद्धालुओं को पहले सूचित किया जा रहा है ताकि ऐन मौके पर उन्हें किसी तरह की परेशानी ना हो।

यह निर्देश करने होंगे फॉलो

  • हिमाचल सरकार के चीफ सेक्रेटरी राम सुभाग सिंह की तरफ से भेजे गए पत्र के मुताबिक सभी जगहों पर मेला अफसर और पुलिस मेला अफसर की तैनाती होगी। इस दौरान बिना मास्क वालों को मंदिर के भीतर दर्शन के लिए नहीं जाने दिया जाएगा।
  • सोशल डिस्टेंसिंग को सख्ती से लागू किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो पुलिस कानूनी कार्रवाई भी करेगी।
  • सभी धार्मिक स्थलों व मंदिरों के बाहर थर्मल स्कैनिंग होगी। जिन लोगों का तापमान ज्यादा होगा, उन्हें दर्शन के लिए नहीं जाने दिया जाएगा। इसके अलावा वहीं पर हैंड सैनिटाइजेशन और हाथ धोने की भी व्यवस्था होगी।
  • राज्य व जिले के भीतर दर्शन के लिए उन्हीं लोगों को एंट्री मिलेगी, जिन्होंने कोविड वैक्सीन के दोनों डोज लगा ली हैं। एंट्री के वक्त उनको इसका इसका सर्टिफिकेट दिखाना जरूरी होगा। कोविड वैक्सीन नहीं लगी तो उनके पास 72 घंटे के भीतर की RT-PCR नेगेटिव रिपोर्ट होनी चाहिए।
  • हिमाचल प्रदेश में जगह-जगह चेकिंग पॉइंट बनाए जाएंगे। जिसके जरिए सोशल डिस्टेंसिंग को मेंटेन किया जाएगा। यहां पर लोगों को पीने का पानी, मेडिकल सुविधा और बैठने का भी बंदोबस्त मिलेगा।
  • अगर कोई व्यक्ति इन नियमों को तोड़ता है तो उसके खिलाफ डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ड और मजिस्ट्रेट के आर्डर के उल्लंघन का केस दर्ज किया जाएगा।

इसलिए उठाया गया कदम

हिमाचल प्रदेश के चीफ सेक्रेटरी राम सुभाग सिंह के मुताबिक राज्य में कोरोना के केसों में बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा पॉजिटिविटी रेट और मौतों मैं भी बढ़ोतरी के संकेत मिले हैं। जिसे देखते हुए कोरोना की चेन को तोड़ना बहुत जरूरी है। सावन के महीने में नवरात्र के दौरान भारी संख्या में लोग मंदिर व धार्मिक जगहों पर इकट्ठा होंगे। कोरोना महामारी का संक्रमण फैलने से रोकने के लिए यह जरूरी है कि इस दौरान पूरी सावधानियां बरती जाएं। जिसके लिए यह कदम उठाया गया है। इस बारे में सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नर को आदेश सख्ती से लागू करने के लिए कहा गया है।

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