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  • In The Photo Of Agriculture Minister Nihang Baba, A Former Inspector Who Has Been Sentenced To Murder, Congress Leader Jakhar Asked The Center How Is There Friendship With People?

तोमर-निहंग बाबा की फोटो में नया विवाद:तस्वीर में हत्या की सजा काट चुका पूर्व इंस्पेक्टर भी, कांग्रेस ने पूछा- कैसे लोगों से दोस्ती है?

जालंधर3 महीने पहले
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कृषि मंत्री तोमर और निहंग बाबा के साथ खड़ा गुरमीत सिंह पिंकी (घेरे में)। - Dainik Bhaskar
कृषि मंत्री तोमर और निहंग बाबा के साथ खड़ा गुरमीत सिंह पिंकी (घेरे में)।

सिंघु हत्याकांड की जिम्मेदारी लेने वाले निहंग बाबा अमन सिंह की कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के साथ तस्वीर वायरल हो रही है। इसमें निहंग बाबा पर तो सवाल उठ ही रहे हैं लेकिन इस तस्वीर में खड़े विवादित किरदार गुरमीत सिंह पिंकी को लेकर भी बवाल मचने लगा है। पिंकी पूर्व पुलिस इंस्पेक्टर है। एक हत्याकांड में वह उम्रकैद काट चुका है। जिसके बाद उसे पुलिस से निकाल दिया गया। पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान सुनील जाखड़ ने तो पिंकी के बहाने सीधे केंद्र सरकार पर हमला बोल दिया।

जाखड़ ने ट्वीट कर कहा कि किसी आदमी को इस बात से जाना जाता है कि वह कैसे लोगों के साथ रहता है। मोदी सरकार विवादित चरित्र वाले लोगों के जरिए डील कर रही है। स्वयंभू राष्ट्रवादी इससे न केवल खुद को नीचा दिखा रहे हैं बल्कि भारत सरकार की छवि भी खराब कर रहे हैं।

पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान सुनील जाखड़ का ट्वीट।
पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान सुनील जाखड़ का ट्वीट।

कौन है गुरमीत सिंह पिंकी
गुरमीत सिंह उर्फ पिंकी को 1988 में तत्कालीन पंजाब पुलिस मुखी केपीएस गिल ने पुलिस में भर्ती किया था। पंजाब में आतंकवाद के दौर में गुरमीत का खूब बोलबाला रहा। उसने कई आतंकियों को मारा। जिसके एवज में आउट ऑफ टर्न प्रमोशन भी मिले। 1996 में उसे इंस्पेक्टर प्रमोट कर दिया गया। पंजाब के पूर्व सीएम बेअंत सिंह के कातिलों को गिरफ्तार करने के लिए राष्ट्रपति वीरता पुरस्कार भी मिला। हालांकि पंजाब में आतंकवाद का दौर खत्म होने के साथ गुरमीत पिंकी का करियर भी गिरने लगा।

गुरमीत सिंह पिंकी।
गुरमीत सिंह पिंकी।

हत्या के केस में सजा हुई, 8 साल कैद काटने के बाद रिहा हुआ
साल 2001 में गुरमीत पिंकी पर लुधियाना में अवतार सिंह उर्फ गोला की हत्या का आरोप लगा। जिस मामले में अक्टूबर 2006 में उसे उम्रकैद हुई और पुलिस से निकाल दिया गया। करीब 8 साल कैद काटने के बाद अच्छे व्यवहार की बात कह सरकार ने उसे रिहा कर दिया। 2014 में रिहा होने के बाद मई 2015 में गुरमीत को फिर से पंजाब पुलिस में नियुक्त करने के निर्देश दिए गए। हालांकि विवाद होने पर इस फैसले को 4 दिन बाद ही रद्द करना पड़ा।

इसलिए गुरमीत सिंह पिंकी बन गया 'पिंकी कैट'
गुरमीत पिंकी के विरोधी उस पर आतंकी संगठन बब्बर खालसा से संबंध होने के आरोप लगाते रहे। कहा गया कि आतंकी के बाद वह पुलिस का कैट यानी मुखबिर बन गया। उसकी मदद से पुलिस ने आतंकवाद के दौर में कई एनकाउंटर किए। हालांकि पिंकी ने इस मामले में सफाई दी कि अगर वो आतंकी संगठन से जुड़े होते तो कभी पुलिस में नहीं हाेते। पूर्व पुलिस मुखी केपीएस गिल का आतंकवाद और आतंकवादियों के प्रति रवैया बेहद सख्त था। उन्होंने कहा था कि लोग मेरी सफलता से जलते थे, इसलिए ऐसे आरोप लगाए जाते रहे।

केंद्र पर सवाल, क्या 'कातिल' के जरिए समझौते करवा रहे
इस मामले में अब केंद्र सरकार विवादों में घिर गई है। निहंग बाबा अमन सिंह के साथ फोटो सामने आने के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री पर सवाल उठ रहा है कि वो किस तरह के लोगों के जरिए किसानों से बातचीत कर रहे हैं। सियासी तौर पर तो आरोप हैं ही, लेकिन अब यह आम चर्चा उठ रही है कि कत्ल केस में सजा काट चुका व्यक्ति केंद्रीय कृषि मंत्री के इतने करीब कैसे पहुंच गया कि निहंगों संग मीटिंग में मौजूद है। क्या पिंकी के जरिए ही केंद्र कृषि सुधार कानूनों को लेकर कोई दांव खेलना चाहती थी।

मेरा निहंगों से कोई संबंध नहीं है : गुरमीत पिंकी

इस बारे में अब गुरमीत पिंकी का पक्ष सामने आया है। उन्होंने कहा कि निहंगों के साथ उनका नाम घसीटा जा रहा है। वह 5 अगस्त को करीबी रिश्तेदार सुखमिंदर सिंह ग्रेवाल के साथ निजी काम से दिल्ली गए थे। सिंघु बॉर्डर पर हमें अमन बाबा निहंग मिले और वो भी साथ में गए। वहां हमने रोटी खाई। मुझे नहीं पता कि वो कौन से मंत्री थे। इसके बाद मैं वापस आ गया। अमन निहंग को मैं पुराना जानता हूं, लेकिन इसे गलत रंगत दी जा रही है।

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