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बिजली कट से हाहाकार:जालंधर में इंडस्ट्री बंद होने से उद्योगपति वर्करों समेत सड़क पर उतरे, पावरकॉम मुख्यालय घेरा, हाईवे जाम करने की चेतावनी

जालंधर3 महीने पहले
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जालंधर में पावरकॉम मुख्यालय के बाहर वर्करों समेत धरने पर बैठे उद्योगपति। - Dainik Bhaskar
जालंधर में पावरकॉम मुख्यालय के बाहर वर्करों समेत धरने पर बैठे उद्योगपति।

किसान व आम लोगों के बाद अब इंडस्ट्री में भी बिजली कट से हाहाकार मच गया है। तीन दिन के कट को रविवार सुबह तक बढ़ाने से भड़के उद्योगपति जालंधर में सड़कों पर उतर आए हैं। उन्होंने फैक्ट्री कर्मचारियों के साथ पावरकॉम के जालंधर मुख्यालय 'शक्ति सदन' के बाहर धरना लगा दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पंजाब सरकार व पावरकॉम ने जल्द कोई हल न निकाला तो फिर यहां अनिश्चितकालीन धरने के साथ हाईवे जाम करने का भी कदम उठाया जा सकता है। इस प्रदर्शन में गदईपुर इंडस्ट्रियलिस्ट्स एसोसिएशन के साथ लेदर काप्लेक्स एसोसिएशन, स्पोर्ट्स सर्जिकल इंडस्ट्री एसोसिएशन, पठानकोट रोड, फोकल प्वाइंट, दादा कॉलोनी समेत सभी जगहों के फैक्ट्री मालिक एकजुट हो गए हैं।

कोरोना लॉकडाउन से नुकसान झेला, इंडस्ट्री को मिले 12 घंटे बिजली

गदईपुर इंडस्ट्रियलिस्ट्स एसोसिएशन के सुखविंदर ने कहा कि बिजली कटों से इंडस्ट्री बुरी तरह प्रभावित हो रही है। पिछले साल भी कोरोना लॉकडाउन की वजह से इंडस्ट्री बंद रही। अब बड़ी मुश्किल से प्रोडक्शन शुरू हुआ था तो बिजली कट लग गए। पहले 3 और फिर इसे बढ़ाकर 4 दिन का कर दिया गया। ऐसे में तो इंडस्ट्री तबाह हो जाएगी। फैक्ट्री में काम कर रोज कमाकर रोज खाने वाले दिहाड़ीदार मजदूर कहां जाएंगे?। पंजाब सरकार हमें 12 घंटे निर्विघ्न बिजली दे, तभी इंडस्टी जिंदा रह सकेगी। उन्होंने कहा कि जब तक मांग पूरी नहीं होती या सरकार अथवा पावरकॉम का कोई सीनियर अफसर हमें भरोसा नहीं देता तब तक वर्किंग टाइम के दौरान उनका धरना जारी रहेगा।

बारिश पर ही निर्भर तो बंद कर दो पावरकॉम

इस दौरान उद्योगपतियों ने कड़ा आक्रोश जताया कि पावरकॉम के अफसर कह रहे हैं कि बारिश होने वाली है। उसके बाद बिजली की मांग घटने पर उनकी सप्लाई बहाल कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर मानसून के भरोसे ही रहना है तो फिर इतना बड़ा पावरकॉम किस बात के लिए बनाया है। सरकार को इसे बंद करना चाहिए। लोग सरकार चुनते हैं तो जरूरत के वक्त बिजली कहां से पूरी होगी? इसके बारे में सरकार को सोचना चाहिए था।

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