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कोरोना वॉर:संक्रमितों का आंकड़ा घटा, संक्रमण कम नहीं हुआ...एनएचएम की हड़ताल की वजह से सैंपलिंग कम हुई

जालंधरएक महीने पहले
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अब तक कुल संक्रमित 47882 और मृतकों की कुल गिनती 1144 तक पहुंच गई है। - Dainik Bhaskar
अब तक कुल संक्रमित 47882 और मृतकों की कुल गिनती 1144 तक पहुंच गई है।
  • 10 मरीजों की मौत के साथ कुल गिनती हुई 1144, अब तक कुल 47882 कोरोना पाॅजिटिव हुए
  • 4500 से ज्यादा नहीं हो पाई सैंपलिंग

जिले में शुक्रवार को 527 संक्रमित मिले हैं जबकि 22 साल की दो युवतियों समेत 10 लोगों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। अब तक कुल संक्रमित 47882 और मृतकों की कुल गिनती 1144 तक पहुंच गई है। हालांकि एक दिन पहले ही जालंधर में 901 केस आए थे और दूसरे ही दिन गिनती करीब आधी रह गई। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि सैंपलिंग का टारगेट पूरा नहीं हो रहा है। इसी कारण वीरवार को संक्रमण की दर 20% की बजाय शुक्रवार को 15% रह गई। जिक्रयोग है कि कई दिनों से मांगों को लेकर नेशनल हेल्थ मिशन के डॉक्टर, फार्मासिस्ट और अन्य स्टाफ हड़ताल पर है। फील्ड में पर्याप्त स्टाफ न होने से सैंपलिंग का टारगेट पूरा नहीं हो पा रहा। शुक्रवार को आए 564 संक्रमितों में से 37 बाहरी जिलों के हैं, जिन्हें जिले के आंकड़े में दर्ज नहीं किया गया। उधर, शुक्रवार को जिला सेहत विभाग को चंडीगढ़ से एक हजार फतेह किट आई हैं, जो होम आइसोलेट मरीजों को दी जाएंगी।

तय टारगेट से आधे पर सिमटी सैंपलिंग

सेहत विभाग की तरफ से जारी रिपोर्ट के तहत मई में सिर्फ एक दिन को छोड़कर सैंपलिंग 4500 से पार नहीं पहुंच पाई है। सरकारी टीमों की बात करें तो वे एक दिन में सिर्फ 2 हजार के आसपास ही सैंपलिंग कर पा रही हैं। जबकि सरकारी और प्राइवेट लेबोरेट्री की रिपोर्ट जोड़ी जाए तो सैंपलिंग 4500 के आसपास है। दूसरी जिला प्रशासन की तरफ सेहत विभाग सैंपलिंग करने वाले डॉक्टरों को सैंपलिंग बढ़ाने की बात कर रहा है क्योंकि सैंपलिंग कम होने पर अगर संक्रमित ज्यादा आ रहे हैं तो शहर में पॉजिटिविटी रेट बढ़ रहा है। दूसरी तरफ शहर में वैक्सीनेशन भी कम ही हुई।

हालात नाजुक
527 केस मिले, 48 घंटे में सांस लेने की दिक्कत से 2 युवतियों की मौत

युवा अपना ध्यान रखें

बुखार के साथ खांसी, अमृतसर रेफर किया मुंह से खून आया, 22 वर्षीय युवती ने दम तोड़ा

बीते 48 घंटे में 22-22 साल की दो युवतियों की इलाज के दौरान मौत हो गई। वीरवार को कबीर नगर और शुक्रवार को न्यू सुराज गंज की रहने वाली 22 साल की युवती ने दम तोड़ दिया। सुराज गंज में रहने वाले पिता ने बताया उनकी बेटी को कोई बीमारी नहीं थी। दो-तीन पहले बुखार के साथ खांसी हुई। डॉक्टर से दवा ली लेकिन कुछ देर बाद सांस लेने में परेशानी होने लगी। वे प्राइवेट अस्पताल ले गए। वहां छाती में निमोनिया की पुष्टि हुई। इसके बाद सिविल अस्पताल ले गए। वहां से मेडिकल कॉलेज अमृतसर रेफर कर दिया गया।

वहां इलाज के दौरान बेटी के मुंह से खून आया और उसकी मौत हो गई। इसी तरह कबीर नगर की रहने वाली युवती को भी कोई और बीमारी नहीं थी। डॉक्टर्स का कहना है कि जो मरीज ए-सिम्टोमेटिक हैं, वे भी लापरवाही न करें। घर बैठे ऑक्सीजन लेवल चेक करते रहें। बता दें कि शुक्रवार को कुल दस मरीजों ने दम तोड़ा है। दूसरी तरफ डॉक्टर्स का कहना है कि कोरोना के लक्षण दिखने पर टेस्ट जरूर करवाएं। उन्होंने बताया कि जो लोग लापरवाही बरत रहे हैं और देरी से अस्पताल पहुंच रहे हैं, उन्हें ज्यादा दिक्कत आ रही है।

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