• Hindi News
  • Local
  • Punjab
  • Jalandhar
  • Interest Burden Increased Due To Delay In Payment Of Bills And Cross Subsidy Of Departments, People Will Suffer The Loss Of Increase In Tariff

कैग की ऑडिट रिपोर्ट:विभागों के बिल व क्रॉस सब्सिडी के भुगतान में देरी से बढ़ा ब्याज का बोझ, टैरिफ में इजाफे का नुकसान भुगतेंगे लोग

जालंधर19 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
पावरकॉम को हुए ऑर्थिक नुकसान के कई बिंदुओं का हुआ खुलासा - Dainik Bhaskar
पावरकॉम को हुए ऑर्थिक नुकसान के कई बिंदुओं का हुआ खुलासा

पावरकॉम का कर्ज पर ब्याज लगातार बढ़ रहा है और 1631 करोड़ रुपए पहुंच गया। कारण-सरकार की ओर से व्यापारियों को छोड़कर बाकी वर्गों को दी फ्री व सस्ती बिजली की क्रॉस सब्सिडी का बिल समय पर नहीं देना है। इसके चलते पावरकॉम टैरिफ में बढ़ोतरी की मांग कर रहा है। कंट्रोलर ऑडिट जनरल ऑफ इंडिया (कैग) ने रिपोर्ट नंबर 62021 में पावरकॉम की आर्थिक स्थिति के अलग-अलग पहलुओं पर रोशनी डाली है।

इसमें कहा है कि सरकारी विभागों के बिलों का भुगतान न होने से बकाया रकम मार्च 2016 में 524.78 करोड़ से 2019-20 में 2183.49 करोड़ रुपए हो गई थी। इसके साथ ही सरकार ने क्रॉस सब्सिडी का पैसा नहीं चुकाया। यह राशि 2015-16 में 1603.17 करोड़ थी जो 2019-2020 में 5598.60 करोड़ हो गई।

रिपोर्ट के अनुसार पावरकॉम के फाइनेंस विभाग ने आर्थिक नुकसान रोकने के लिए कामकाज तेज किया है लेकिन जो भुगतान सरकार अपने हिस्से से करने में देरी करती है वह बड़ी दिक्कत है। अभी घरों के लिए जीरो बिल पॉलिसी लागू होने, खेतों की फ्री बिजली, कारखानों को सस्ती बिजली की सालाना क्रॉस सब्सिडी का बिल करीब 20 हजार करोड़ पहुंच जाएगा, जिसका असर लोगों पर ही पड़ेगा।

एक्सपर्ट व्यू

बिजली शुल्क में बढ़ोतरी की रहेगी कोशिश- तलवार

पंजाब के इंडस्ट्रियल एडवाइजरी बोर्ड के मेंबर व बिजली मामलों के माहिर विजय तलवार ने कहा कि जो ब्याज बढ़ रहा है उसका घाटा आम आदमी ही सहता है। 3-4 साल में बिजली के रेट में मामूली बढ़ोतरी हुई थी। ऐसे में नवंबर से नए टैरिफ को लागू करने का प्रोसेस अंतिम दौर में पहुंच जाएगा तो पावरकॉम बढ़ोतरी कराने की पुरजोर कोशिश करेगा। अभी जिस भी कैटेगरी के उपभोक्ता सब्सिडी से बाहर हैं उनके बिल में भी बढ़ोतरी हो सकती है।

खबरें और भी हैं...