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रेल इंजन डीरेल प्रकरण:स्टेशन अधीक्षक समेत तीन अधिकारियाें पर बैठी जांच, जवाब मांगा

जालंधर14 दिन पहले
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जालंधर रेलवे यार्ड में अधिकारियाें की लापरवाही के चलते सितंबर में दो बार रेल इंजन डीरेल हो चुके हैं। इस प्रकरण में रेलवे प्रशासन द्वारा स्टेशन अधीक्षक आरके बहल, सीडीएओ और पीडब्ल्यूवाई के इंजीनियर पर जांच बैठा दी गई है। जालंधर सेक्शन के जांच अधिकारियाें ने रिपाेर्ट बनाकर फिराेजपुर कार्यालय में भेज दी है। जबकि दिल्ली की रेल सेफ्टी टीम मामले की जांच कर रही है। कुछ दिन पहले टीम ने यार्ड में अाकर निरीक्षण

भी किया था। बता दें कि रेल यार्ड में जाे इंजन पटरी से डीरेल हुए है, उनमें एक इंजन के पहिये में तकनीकी खराबी थी। दूसरा इंजन ट्रैक पर लकड़ी का तख्ता हाेने के कारण डीरेल हुअा था। इसमें अधिकारियाें की लापरवाही मानी गई है। दिल्ली की रेल सेफ्टी टीम ने अधिकारियाें से जवाब भी मांगा है। स्टेशन अधीक्षक आरके बहल ने बताने से मना कर दिया।

अधिकारियाें पर गिर सकती है गाज
शुक्र है कि शंटिंग के दौरान बड़ा हादसा होने से बच गया। यार्ड में इंजन के पहिये को बदला गया। उधर, मामले की जांच चल रही है कि इंजन के पहिये में तकनीकी खराबी थी तो उसको चलाते समय क्यों नहीं देखा गया। दिल्ली मुख्यालय की रेल सेफ्टी टीम प्रकरण की जांच कर रही है। तीन बड़े अधिकारी जांच के घेरे में हैं। सूत्राें की मानें ताे जांच पूरी हाेने के बाद अधिकारियाें पर जांच गिर सकती है। इस प्रकरण में अधिकारियाें से पूछा गया है कि रेलवे ट्रैक पर लकड़ी का फट्टा कैसे अाया। रेलवे ट्रैक काे चेक क्याें नहीं किया गया। अगर ट्रेन के पहिये में खराबी थी ताे इसकी जानकारी क्याें नहीं मिली अादि सवाल जवाब अधिकारियाें से किए गए हैं।जांच पूरी,

रिपोर्ट विभाग को भेजी जा चुकी है
जालंधर रेलवे सेक्शन के एडीईएन पुनीत सिंह का कहना है कि हाईपावर रेल इंजन के पहिये पटरी से उतरने के मामले में विभागीय जांच पूरी कर ली गई है। जांच रिपाेर्ट विभाग काे भेजी जा चुकी है। विभागीय मामला है उच्च अधिकारियाें द्वारा निर्णय लिया जाना है।

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