कच्चे माल की कीमतों में इजाफा:लोहा 44 से बढ़कर 50 रुपए किलो तक हुआ, पुरानी कीमतों पर ही ऑर्डर निपटाने को इंडस्ट्री मजबूर, कीमतों में बदलाव आने से छोटी इंडस्ट्री का उत्पादन धीमा हुआ

जालंधर10 दिन पहले
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कच्चे माल की नित्य बढ़ रही कीमतों से जालंधर की लोहा इंडस्ट्री कराह उठी है। कई फैक्ट्री मालिकों ने कुछ दिन के लिए उत्पादन बंद करने का फैसला कर लिया है। इससे ठेके पर काम करने वाले श्रमिक बेरोजगार होंगे।

वजह- जालंधर की लोहा इंडस्ट्री की अलग अलग उत्पादों के उत्पादन की स्पीड कम है। जिस सामान का ऑर्डर बुक करके प्रोडक्ट बनाने शुरू करते हैं, उन्हें तैयार करने में 2-3 दिन लग जाते हैं, इतनी देर में कच्चे माल की कीमतों में इजाफा हो जाता है। उन्हें न चाहते हुए भी ग्राहक के साथ तय किए पुराने रेट पर डिलीवरी देनी पड़ती है। कारोबारी क्रेडिबिलिटी बनाकर रखने के लिए घाटा सहने को कारखानेदार मजबूर हो रहे हैं। लोहे के रेट 44 रुपए से एक हफ्ते में बढ़कर 50 रुपए हो गए हैं। जालंधर में लोहा पिघलाकर ऑटो पार्ट्स, पाइप फिटिंग, मशीन टूल, हैंडटूल, वाल्व एंड काक्स बनते हैं।

करतार फार्म इंडस्ट्री एसोसिएशन के प्रेसिडेंट संजय गुप्ता कहते हैं कि जब ग्राहक का ऑर्डर लेकर माल तैयार करना शुरू करते हैं तो उसी दौरान केमिकल तथा लोहे की कीमतें बढ़ चुकी होती हैं। लोहे की कीमतों को स्थिर रखना सरकार की जिम्मेदारी है। लागत मूल्य में जालंधर की इंडस्ट्री का खर्च प्रति किलो लोहा प्रोसेस करने पर 9 रुपए बढ़ गया है, लेकिन परचून रेट पुराने रहे। जो लोग बड़ी कंपनियों का जाब वर्क कर रहे हैं, उन्हें भी संकट आया क्योंकि माल की सप्लाई पुराने एग्रीमेंट पर देनी पड़ी पर कच्चा माल नए रेट में खरीदना पड़ा है।

इंडस्ट्रियल एस्टेट वेलफेयर सोसायटी के प्रेसिडेंट सूबा सिंह कहते हैं कि कच्चे माल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार को कदम उठाने चाहिएं। कारोबारी बताते हैं कि पाइप फिटिंग के कई उत्पादकों ने टेंपरेरी तौर पर उत्पादन आधा कर दिया है ताकि घाटा कम किया जा सके। इससे ग्रोथ प्रभावित हो रही है।

कीमतों में इजाफा

  • 1. सीरा : अप्रैल में 1.80 रुपए किलो था, जो अब 12 रुपए किलो हो चुका है।
  • 2. कार्बन : 3 माह पहले 32 रुपए किलो था, जो अब 72 रुपए किलो हो चुका है।
  • 3. सिलीकाॅन : 3 महीने में ही 120 रुपए किलो से बढ़कर 270 रुपए किलो पहुंच गया है।
  • 4. मैग्नीशियम : 132 रुपए किलो से बढ़कर 310 रुपए किलो पहुंच गया है।
  • 5. पैरालाइट : 13.50 रुपए किलो से बढ़कर 18.50 रुपए किलो पहुंच गया है।
  • 6. लोहा : 44 रुपए से बढ़कर 7 दिन में 50 रुपए किलो पर पहुंच गया है।
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