ऐसा नंबर-1 का खिताब खराब है:प्रदेश में कोरोना संक्रमितों के साथ-साथ एक्टिव केसों में भी जालंधर सबसे आगे

जालंधरएक वर्ष पहले
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पैहलां सेहत जरूरी है... कोरोना बढ़ रहा है लेकिन लोग स्वाद के चक्कर में ऐसी जगहों से खा-पी रहे हैं, जहां कोई भी संक्रमित हो सकता है। इसलिए ऐसी जगहों से कुछ भी खाने से गुरेज करें ताकि आप और आपका परिवार सुरक्षित रहे।-दीपक - Dainik Bhaskar
पैहलां सेहत जरूरी है... कोरोना बढ़ रहा है लेकिन लोग स्वाद के चक्कर में ऐसी जगहों से खा-पी रहे हैं, जहां कोई भी संक्रमित हो सकता है। इसलिए ऐसी जगहों से कुछ भी खाने से गुरेज करें ताकि आप और आपका परिवार सुरक्षित रहे।-दीपक
  • रिकॉर्ड तोड़ कोरोना : शहर में एक साथ 510 केस
  • 6 लोगों ने दम तोड़ा, अब तक जिले में मृतकों की गिनती 791 हुई

एक साल में पहली बार एक दिन में 510 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। वहीं, एक्टिव केसों में भी प्रदेशभर में जालंधर पहले नंबर पर है। वीरवार को 510 केसों में से 47 मरीज बाहरी जिलों में रहने वाले हैं। वहीं 6 मरीजों ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। संक्रमितों में 78 लोगों की रिपोर्ट 7 से 10 मार्च की है, जिसे 18 मार्च के आंकड़े में जोड़ा गया है। उक्त रिपोर्ट लाल पाथ लैब ने देरी से भेजी, जिस कारण सिविल सर्जन डाॅ. बलवंत सिंह ने लाल पाथ लैब को नोटिस जारी किया है।

सिविल सर्जन का कहना है कि ऐसी लापरवाही शहरवासियों के लिए भी भारी पड़ सकती है क्योंकि विभाग के पास एेसे 78 लोगों की कोई सूची नहीं है कि वे कब संक्रमित हुए और किन-किन लोगों से मिले हैं। वीरवार को 463 संक्रमित किसी के संपर्क में नहीं थे। इनमें से 70% मरीजों को बुखार और खांसी ज्यादा थी, जिस कारण उनकी रिपोर्ट पाॅजिटिव आई है।

जिले के लगभग सभी इलाकों से संक्रमित मिले हैं। वीरवार को सरकारी लैब से 165, प्राइवेट लैब से 216 और बाकी मरीज ट्रूनेट और रेपिड एंटीजन टेस्ट से आए हैं। वीरवार को करतारपुर की 42 साल की महिला ने सिविल में, जमशेर के 47 साल के व्यक्ति ने निजी अस्पताल में, फूलपुर के 55 साल के व्यक्ति ने सिविल में, बूटा मंडी निवासी 65 साल के बुजुर्ग ने सिविल में, अर्बन एस्टेट की 75 साल की महिला ने पिम्स में और गुरु नानक पुरा निवासी व्यक्ति ने प्राइवेट अस्पताल में दम तोड़ा।

डाॅक्टर्स कई बार उच्चाधिकारियों से कह चुके- प्राइवेट लैब वाले समय पर रिपोर्ट नहीं भेज रहे, एड्रेस भी गलत लिख रहे, फिर भी कार्रवाई नहीं

वीरवार को जैसे ही पता चला कि 510 संक्रमितों में लाल पाथ लैब की 7 से 10 मार्च की रिपोर्टों जोड़ी गई है तो सिविल सर्जन डॉ. बलवंत सिंह ने लैब को कारण बताओ नोटिस निकाल दिया कि रिपोर्ट देरी से क्यों भेजी गई।

उधर, विभाग के फील्ड के डाॅक्टर और संक्रमित मरीजों से संपर्क साधने वाले डाॅक्टर्स ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वे कई दिनों से जिला प्रशासन और सिविल सर्जन दफ्तर के अधिकारियों को प्राइवेट लैब पर शिकंजा कसने के लिए कह रहे हैं क्योंकि 10 दिन तक वे संक्रमित मरीजों की रिपोर्ट नहीं भेज रहे। साथ ही संक्रमित मरीजों के पते भी गलत लिख रहे हैं। बावजूद इसके किसी भी अधिकारी ने समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की।

समय पर इलाज मिले, इसलिए रेपिड एंटीजन के टेस्ट किए, 80 की रिपोर्ट पॉजिटिव

कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए जिला प्रशासन और सेहत विभाग ने गंभीर लक्षण वाले मरीजों के मौके पर एंटीजन रेपिड टेस्ट करने के लिए कहा है। वीरवार की रिपोर्ट में भी 80 लोगों की रिपोर्ट रेपिड एंटीजन के जरिये ही आई है। यह टेस्ट प्राइवेट अस्पताल और सरकारी डॉक्टरों की मोबाइल टीमों की तरफ से करवाए गए हैं। डीसी घनश्याम थोरी का कहना है लोगों का समय पर टेस्ट हो, इसलिए रेपिड टेस्ट करवाया जा रहा है ताकि पुष्टि होने के साथ ही मरीज का कोविड का इलाज शुरू किया जा सके।

रिपोर्ट का मैसेज निगेटिव, लिखित में पॉजिटिव

ग्रीन मॉडल टाउन के रहने वाले पार्षद बलराज ठाकुर की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद खुलासा हुआ है कि टेस्ट करवाने के अगले दिन उनके मोबाइल पर मैसेज आया था कि उनकी रिपोर्ट निगेटिव है। तीन दिन बाद सिविल अस्पताल रिपोर्ट लेने गए तो पता लगा कि लिखित रिपोर्ट में उनका टेस्ट पॉजिटिव आया है।

ठाकुर का कहना है कि तीन दिन में वे जिन लोगों के संपर्क में आए थे, सभी को अपना टेस्ट करवाने कि लिए कहा है। बता दें कि कोरोना के टेस्ट की रिपोर्टों में काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि लोगों को 15-15 दिनों तक अपनी रिपोर्टों का पता नहीं लग रहा है। ऐसे में संक्रमित मरीज अनजाने में ही कोरोना फैलाने का काम कर सकते हैं।

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