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जालंधर में 11 ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ FIR:ठग मियां-बीवी पर 3 केस दर्ज, 1320 एजेंसियों ने नहीं दिया नोटिस का जवाब

जालंधर2 महीने पहले
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पंजाब के जालंधर शहर की पुलिस ठगी के मामले बढ़ने पर एक्शन मोड में आ गई है। कमिश्नरेट पुलिस ने विभिन्न थानों में दर्ज हुई विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने की शिकायतों पर एक्शन लेते हुए 11 ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ केस दर्ज किए हैं। पुलिस अभी और भी शिकायतों की जांच करवा रही है, जिन पर शीघ्र ही एक्शन होगा।

जिन लोगों के खिलाफ पुलिस विभाग ने केस दर्ज किए हैं, उनमें से अधिकतर ऐसे हैं, जिनके पास कंसल्टेंसी का लाइसेंस तक नहीं है, फिर भी वे फर्जी तरीके से लोगों को विदेश भेजने के नाम पर ठग रहे थे। कुछ ऐसे भी हैं, जो लाइसेंस की आड़ में ठगी की दुकान चला रहे थे। लोगों को लाइसेंस दिखाकर भरोसा दिला रहे थे कि वह उन्हें विदेश भेज देंगे, लेकिन लोगों के खून पसीने का लाखों रुपया हड़प कर गायब हो गए।

जिस तरीके से पुलिस ने अब एक्शन लिया है, उससे ठगी की शिकार हुए लोगों ने कुछ राहत की सांस ली है। पुलिस के एक्शन से उनमें इंसाफ मिलने की कुछ उम्मीद भी जागी है, लेकिन अभी तक पुलिस ने जो 18 मामले दर्ज किए हैं, उनमें किसी की भी गिरफ्तारी नहीं की है। इतना जरूर है कि मामले दर्ज होने के बाद ठग ट्रैवल एजेंट भूमिगत हो गए हैं और अग्रिम जमानतों का जुगाड़ करने के लिए वकीलों से संपर्क साधने मे जुट गए हैं।

ठग दंपति बंटी-बबली पर 3 अलग-अलग केस

जालंधर में बंटी-बबली की एक ऐसी जोड़ी भी मिली है, जिसके खिलाफ पुलिस ने विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने की शिकायतों के आधार पर 3 अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। BMC चौक के पास संजय गांधी मार्केट में इंटरनेशनल वीजा एजुकेशन सर्विस के नाम से ठगी की दुकान चलाने वाले मियां बीबी विनीत बेरी और उनकी पत्नी मोना बेरी पर षड्यंत्र रचने का आरोप है। विश्वासघात करते हुए ठगी करने पर IPC की धारा 406, 420 और 120बी के तहत थाना बारादरी में ही 3 मामले दर्ज किए गए हैं।
अभी तक नहीं दिए शो-कॉज नोटिस का जवाब

जालंधर जिले में 1470 लाइसेंस होल्डर ट्रैवल एजेंट हैं। इनमें से 1320 ऐसे हैं जिन्हें प्रशासन ने शिकायतों या अन्य कारणों से कारण बताओ नोटिस जारी कर रखे हैं। लेकिन बड़ी हैरानी की बात है कि अभी तक किसी ने भी अपना जवाब नहीं दिया है।

प्रशासन जब कसंल्टेंसी के लिए लाइसेंस जारी करता है तो उसमें कुछ शर्तें होती हैं कि एजेंट को हर माह अपनी एक रिपोर्ट प्रशासन को भेजनी होती है। उसमें बताना होता है कि उसके पास कितने क्लाइंट आए किस-किस को उसने क्या क्या परामर्श दिए। लेकिन एजेंट अपनी रिपोर्ट ही सब्मिट नहीं करते हैं। उल्टा लोगों की रिपोर्ट एजेंटों के खिलाफ जरूर पुलिस और प्रशासन के पास सब्मिट हो रही है।