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पूर्व पार्टनर की 'ब्लैकमेलिंग':जालंधर की जोशी ऑटो इंडस्ट्रीज के मालिक से फर्म की वैरिफिकेशन के बदले मांगे 5 लाख रुपए, FIR

जालंधर5 महीने पहले
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जोशी ऑटो इंडस्ट्रीज ऑटो पार्ट्स की मशहूर फर्म है। - प्रतीकात्मक फोटो - Dainik Bhaskar
जोशी ऑटो इंडस्ट्रीज ऑटो पार्ट्स की मशहूर फर्म है। - प्रतीकात्मक फोटो

जालंधर में मशहूर जोशी ऑटो इंडस्ट्रीज के मालिक से पूर्व पार्टनर की ब्लैकमेलिंग का मामला सामने आया है। पंजाब स्माल स्केल इंडस्ट्रीज विभाग के पास वैरिफिकेशन के नाम पर पूर्व पार्टनर ने 5 लाख रुपए मांगे। इसकी शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी पूर्व पार्टनर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।

शुरूआत में दोनों थे पार्टनर, बाद में खत्म हो गई थी

फोकल प्वाइंट में D-32 स्थित जोशी ऑटो इंडस्ट्रीज के मालिक नरेश जाेशी ने पुलिस कमिश्नर को शिकायत दी कि यह प्लॉट अलॉट होते वक्त सोढ़ल नगर के जयप्रकाश शर्मा उसके साथ पार्टनर थे। उनकी यह रजिस्टर्ड पार्टनरशिप 1 अप्रैल 2001 में खत्म हो गई। जिसके बदले उन्होंने जयप्रकाश शर्मा को बनती रकम दे दी। पार्टनरशिप से रिटायर होने के संबंध में बकायदा डीड भी तैयार की गई। इसके बाद वह यानी नरेश जोशी इसके इकलौते मालिक रह गए।

दूसरे पार्टनर से भी टूट गई थी पार्टनरशिप, तब किया था विभाग में आवेदन

इसके बाद उनके साथ राजेश कुमार मल्होत्रा ने एक सितंबर 2004 को उनके साथ पार्टनरशिप की। हालांकि अगस्त 2007 में यह पार्टनरशिप भी खत्म हो गई। जिसके बाद वह फिर से इसके अकेले मालिक बन गए। इस बारे में जयप्रकाश शर्मा को भी पूरी जानकारी दी। इस संबंध में उन्होंने एक आवेदन पंजाब स्माल इंडस्ट्रीज एंड एक्सपोर्ट कार्पोरेशन को दिया। इस बारे में विभाग ने उन्हें कहा कि जयप्रकाश शर्मा को पर्सनल वैरिफिकेशन करवाने के लिए आना होगा। जब उन्होंने जयप्रकाश से बात की तो वह ब्लैकमेल करने लगा। उसने पर्सनल वेरीफिकेशन के लिए जाने के बदले 5 लाख रुपए मांगे।

सिर्फ वैरिफाई ही करना था लेकिन रुपए मांगे, धोखाधड़ी के आरोपों की भी जांच करेगी पुलिस

नरेश जाेशी ने कहा कि जयप्रकाश शर्मा का अब उनकी फर्म जोशी ऑटो इंडस्ट्रीज से कोई लेना-देना नहीं है। उन्हें सिर्फ यह वैरिफाई करना है कि उनके बीच की पार्टनरशिप अप्रैल 2001 में खत्म हो चुकी है। इसके लिए उन्हें व्यक्तिगत तौर पर स्माल स्केल इंडस्ट्रीज के ऑफिस जाना था। इस मामले में पुलिस ने जांच की तो शुरूआती जांच में आरोप सही माने और जयप्रकाश शर्मा के खिलाफ IPC की धारा 384, 511 के तहत केस दर्ज कर लिया। इस मामले में धोखाधड़ी यानी 420IPC के तहत लगाए आरोपों की केस दर्ज करने के बाद जांच की जाएगी।