वर्ल्ड डॉक्टर्स-डे / कोविड की ड्यूटी के दौरान पता चला प्रेग्नेंसी है, फिर भी ड्यूटी पर तैनात

डाॅ. शोभना बांसल डाॅ. शोभना बांसल
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डाॅ. शोभना बांसलडाॅ. शोभना बांसल

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 05:44 AM IST

जालंधर. जिले में कोरोना मरीजों की गिनती 726 तक पहुंच चुकी है और उनका इलाज करने वाले कई डाॅक्टर भी इसकी चपेट में आ चुके हैं। जिले के 22 लाख लोगों को बचाने की जिम्मेदारी सिविल के 70 डाॅक्टरों समेत कुल 200 डाॅक्टर्स के कंधों पर है। खास बात यह है कि मरीजों के इलाज, रहने की व्यवस्था और खाने-पीने से लेकर सभी सुविधाओं का प्रबंध डॉक्टर कर रहे हैं। हमारे लिए अपनी जान जोखिम में डालने वाले इन डाॅक्टर्स को हमारा सेल्यूट है।

जिला एपिडिमोलॉजिस्ट डॉ. शोभना बांसल 4 महीने से कोरोनावायरस के मरीजों की कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग का काम भी कर रही हैं। कहती हैं- मार्च में उन्हें पता लगा कि वे प्रेग्नेंट हैं। इसके बाद फील्ड और दफ्तर में काम करने में ज्यादा सावधानी बरती। यह उनकी पहली प्रेग्नेंसी है। अभी उन्हें बहुत सारी बातों को समझने में वक्त लग रहा है। हालांकि कई बार ड्यूटी के दौरान अगर जरूरत होती है तो वे खुद की रेस्ट और काम को मैनेज कर रही हैं। कोरोनावायरस के पहले दिन से वे काम पर हैं। इसलिए वे इसे बीच में नहीं छोड़ सकतीं। बता दें डॉ. शोभना रोजाना होशियारपुर से जालंधर तक बस में ट्रेवल कर रही हैं।

मरीज ट्रेस करने के साथ डिस्पेंसरियों में भी जिम्मेदारी निभा रहे ‘जय-वीरू’

डाॅ. राजेश और डाॅ. रोहित

कोविड के चलते जिले की डिस्पेंसरियों में तैनात 100 रूरल मेडिकल अफसर (आरएमओ) कोविड केयर सेंटरों में सेवाएं दे रहे हैं। कुछ डॉक्टर संक्रमित मरीजों को घरों से सिविल अस्पताल तक पहुंचाने का भी काम कर रहे हैं। इसी बीच जिले में संक्रमित मरीजों को ट्रेस करने वाले दो डॉक्टरों (जय-वीरू) की जोड़ी काफी वाहवाही बटोर रही है। आरएमओ डॉ. राजेश शर्मा और डॉ. रोहित शर्मा के पास मरीजों को ट्रेस करने और इनके संपर्क में आने वाले लोगों के एरिया में जाकर कांटेक्ट ट्रेसिंग का जिम्मा है। इसके साथ सिविल सर्जन दफ्तर में आरएमओ खाली समय में देहात की डिस्पेंसरियों के मरीजों को दवा भी लिखकर दे रहे हैं।

सिविल अस्पताल की लैब के डॉक्टरों ने 20 हजार से अधिक सैंपल लिए

डाॅ. सतिंदर और डाॅ. कमलजीत

कोरोनावायरस की महामारी के बीच सिविल अस्पताल की लेबोरेट्री की इंचार्ज डॉ. सतिंदर कौर और डॉ. कमलजीत कौर ने अलग ही कीर्तिमान स्थापित किया है। यूं तो अस्पताल की लेबोरेट्री में इस समय 6 से अधिक डॉक्टर सेवाएं दे रहे हैं। इनमें डॉ. अलफ्रेड और अन्य शामिल हैं लेकिन डॉ. सतिंदर कौर और डॉ. कमलजीत कौर अभी तक 20 हजार से अधिक लोगों के सैंपल टेस्ट और पैक करके लेबोरेट्री भेज चुकी हैं। लेबोरेट्री में काम के दौरान सबसे अधिक संक्रमण का खतरा रहता है लेकिन हमारे लिए वे इसे भी उठाने को तैयार रहती हैं।

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